Neuro spine clinic

Neuro spine clinic लकवा, गेठिया, सायटिका, जोड़ों के दर्द, मानसिक विकृति एवं असाध्य रोगों से पीड़ित व्यक्ति संपर्क करें -

आपकी आंतें सड़ जाएगी!ये नादानी करना छोड़ दो।।-----------------------------------------------1. रोज़ खाली पेट चाय पीना बं...
16/03/2026

आपकी आंतें सड़ जाएगी!ये नादानी करना छोड़ दो।।
-----------------------------------------------
1. रोज़ खाली पेट चाय पीना बंद कर दो।
2. रोज़ फास्ट फूड खाना बंद कर दो क्योंकि इससे आंतें खराब होती है।
3.ज्यादा देर भूखे रहने से आंतों को नुकसान होता है।
4. बहुत ठंडा पानी पीना पाचन बिगाड़ देता है।
5. बिना चबाए खाना निगलना आंतों को सड़ाता है।
6. कब्ज़ को नज़रंदाज़ करना ख़तरनाक है।

साइटिक नस( Sciatic nerve) शरीर की सबसे लंबी और मोटी नस है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर, कुल्हों से गुजरती हुई दोन...
16/03/2026

साइटिक नस( Sciatic nerve) शरीर की सबसे लंबी और मोटी नस है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर, कुल्हों से गुजरती हुई दोनों पैरों के पिछले हिस्से तक जाती है। इस नस में दवाब, सूजन या चोट के कारण होने वाले दर्द को साइटिका या नसों का दर्द कहा जाता है। यह कमर से पैर तक तेज जलनदार या झुनझुनी वाला दर्द पैदा कर सकती है।

.

22/02/2026
हेमिप्लेजिया क्या होता है??**"**************** #हेमिप्लेजिया (Hemiplegia) एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल विकार है जिसमें मस्तिष्क य...
10/02/2026

हेमिप्लेजिया क्या होता है??
**"****************
#हेमिप्लेजिया (Hemiplegia) एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल विकार है जिसमें मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में क्षति के कारण शरीर के एक तरफ का हिस्सा (दायां या बायां) लकवाग्रस्त (Paralyzed) हो जाता है। यह कमजोरी, मांसपेशियों में अकड़न, और चलने-फिरने में कठिनाई का कारण बनता है। स्ट्रोक इसका मुख्य कारण है।

हेमिप्लेजिया से जुड़ी मुख्य बातें:
---------------------------
प्रभावित हिस्से: यह शरीर के बाएं या दाएं आधे हिस्से को प्रभावित करता है।

कारण: मुख्य रूप से स्ट्रोक (stroke), मस्तिष्क की चोट, ट्यूमर, या संक्रमण के कारण होता है।

लक्षण: प्रभावित अंगों में कमजोरी (Hemiparesis), मांसपेशियों में जकड़न, संतुलन की कमी, और चलने में असमर्थता।

प्रकार: यह जन्मजात (जन्म से) या अर्जित (जीवन में बाद में चोट से) हो सकता है।

उपचार: आयुर्वेद एक्यूप्रेशर

हेमिप्लेजिया बनाम हेमिपेरेसिस (Hemiparesis):
---------------------------------------------
हेमिप्लेजिया में एक तरफ का पूरा पक्षाघात (पूर्ण लकवा) हो सकता है, जबकि हेमिपेरेसिस (Hemiparesis) में एक तरफ केवल कमजोरी होती है।

विशेष जानकारी एवं एवं बेहतर इलाज के लिए संपर्क करें -

" #न्यूरो स्पाइन क्लिनिक " बलिगढ़ बाज़ार रुन्नीसैदपुर जिला -सीतामढ़ी ( बिहार)

संपर्क सूत्र -6200537440, 9546615052.

 #लकवा  मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र एवं गंभीरता के आधार पर कई प्रकार का होता है, जो मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी के डैमे...
08/02/2026

#लकवा मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र एवं गंभीरता के आधार पर कई प्रकार का होता है, जो मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी के डैमेज होने के कारण होता है। इनके प्रमुख कारण निम्न हैं -

1.हेमिप्लेजिया 2.पैराप्लेजिया 3. मोनोप्लेजिया 4.डिप्लेजिया
5. क्वाड्रिप्लेजिया / टेट्राप्लेजिया, 6.लोक्ड इन सिंड्रोम।

1. Hemiplegia - यह शरीर के एक तरफ़ के हिस्से को ( दाएं और बाएं, हाथ और पैर दोनों) को प्रभावित करता है यह आमतौर पर स्ट्रोक के कारण होता है।

2. Paraplegia - इसमें कमर के नीचे का हिस्सा, यानि दोनों पैर और कभी -कभी धड़ प्रभावित होते हैं।

3.quadriplegia/ Tetraplegia - यह गर्दन के नीचे पूरे शरीर को प्रभावित करता है, जिसमें दोनों हाथ, दोनों पैर और धड़ शामिल होता है।

4.Monoplegia - यह शरीर के किसी एक हिस्स या अंग जैसे एक हाथ या एक पैर को प्रभावित करता है।

5.Diplegia - यह शरीर के दोनों तरफ एक ही हिस्सा को प्रभावित करता है, जैसे दोनों हाथ या दोनों पैर।

6. Locked in syndrome -यह एक अत्यंत दुर्लभ और गंभीर प्रकार है, जिसमें आंख की पुतलियों को छोड़कर बाकी पूरा शरीर लकवा ग्रस्त हों जाता है, लेकिन व्यक्ति सचेत रहता है।

उपरोक्त कोई भी परेशानी से आप, आपके परिवार का कोई व्यक्ति, पास -,पड़ोस, रिश्तेदार एवं सगा-संबंधी अगर पीड़ित हैं तो बगैर देर किए संपर्क करें - न्यूरो स्पाइन क्लिनिक बलिगढ़ बाज़ार रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी।

यहां उपरोक्त सभी प्रकार के लकवा का सफल इलाज उपलब्ध है।

संपर्क सूत्र -6200537440, 9546615052.

पैरों की सूजन का घरेलू इलाज: ये 7 घरेलू नुस्खे पैरों में सूजन से दिलाएंगे राहत*************************************पैरों...
28/01/2026

पैरों की सूजन का घरेलू इलाज: ये 7 घरेलू नुस्खे पैरों में सूजन से दिलाएंगे राहत
*************************************
पैरों में सूजन होना, मतलब बड़ी परेशानी, एडिमा से होने वाली सूजन पैरों के अलावा पेट और चेहरे में भी हो सकती है। इससे छुटकारा पाने का तरीका घरेलू उपचार से बेहतर कोई और हो ही नहीं सकता।

पैरों में सूजन की समस्या आजकल ज्यादातर लोगों को है। ये समस्या आम है, लेकिन इसका घरेलू इलाज कैसे किया जाए, ये शायद ही कोई जनता हो। जानकारों की मानें तो पैरों में सूजन एडिमा की वजह से होती है। इस तरह की समस्या होने की कई वजहें हो सकती हैं। सूजन पैरों के अलावा किसी भी अंग में हो सकती है। अगर सूजन की समस्या काफी समय से है, तो आपको इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि ये किसी खतरनाक बीमारी की ओर संकेत हो सकता है। जिसमें किडनी और दिल की बीमारी शामिल है। सूजन से राहत पाने के लिए घरेलू उपचार क्या हैं, चलिए जानते हैं।

1. ढेर सारा पानी पीजिये
शरीर में पानी की कमी के कारण भी सूजन की समस्या होने लगती है। लेकिन ढेर सारा पानी पीने से सूजन को कम किया जा सकता है। अगर आपके पैरों या शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन है तो दिन में लगभग 8 से 10 ग्लास पानी पीजिये। इससे शरीर हाईड्रेट रहेगा। क्योंकि हाईड्रेशन की कमी से शरीर में सूजन बढ़ने लगती है।

2. आइस पैक से मिलेगी राहत
आपके पैरों में सूजन है, तो आप घर में रखे आइस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं। शराब पीने की वजह से होने वाली सूजन का इलाज आइस पैक बखूबी करता है। इससे पैरों का ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है।

3. ऊंचाई में रखें पैर
पैरों में सूजन कम करनी है तो बैठते समय पैरों को ऊंचाई में रखें। जिससे सूजन से राहत मिलेगी। सूजन कम करने का एक और तरीका भी है, और वो है सीधे लेटकर पैरों को दिवार के सहारे ऊंचाई में रखें। कुछ देर बाद आप पैरों को नीचे रख सकते हैं। सूजन में काफी हद तक आराम मिलेगा।

4. शराब को कहें ना
शराब पीने से शरीर में हाईड्रेशन की कमी होने लगती है, जिससे सूजन होने लगती है। अगर आप चाहते हैं कि, आपको सूजन ना हो तो शराब पीने से बचें।

5. सेंधा नमक करेगा कमाल
हल्के से गर्म पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर उसमें अपने पैरों को भिगो लें। इससे आपको सूजन में आराम मिलेगा।

6. नींबू पानी सूजन करेगा कम
नींबू पानी से शरीर के टॉक्सिन्स के अलावा एक्स्ट्रा लिक्विड निकल बाहर निकल जाता है। जिससे पैरों की सूजन कम होने लगती है। इसलिए जानकार भी रोज नींबू पानी पीने की सलाह देते हैं।

7. कम खाइए नमक
अगर आप सादे युक्त नमक का कम सेवन करेंगे तो पैरों की सूजन से आराम मिलेगा। साथ ही फैटी खाने से भी बचाव करें।

विशेष जानकारी एवं बेहतर इलाज के लिए संपर्क करें -
" न्यूरो स्पाइन क्लिनिक " बलिगढ़ बाज़ार रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी, बिहार।

संपर्क सूत्र -6200537440,9546615052.

लकवा ( पक्षाघात या पैरालाइसिस) मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है, जो शरीर के प्रभावित हिस्से पर निर्भर करता है;1. Monop...
27/01/2026

लकवा ( पक्षाघात या पैरालाइसिस) मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है, जो शरीर के प्रभावित हिस्से पर निर्भर करता है;

1. Monoplegia (मोनोप्लेजिया) - एक अंग

2. Hemiplegia ( हेमिप्लेजिया) - शरीर का एक तरफ का हिस्सा

3. Paraplegia ( पैराप्लेजिया)- दोनो पैर

4. Quadriplegia/ Tetraplegia ( क्वाड्रिप्लेजिया/टेट्राप्लेजिया)- गर्दन के नीचे चारों अंग। यह नसों की क्षति या मस्तिष्क/ रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण अस्थाई या स्थाई हो सकता है।

मुख्य प्रकार :

1. Monoplegia ( मोनोप्लेजिया)- शरीर के केवल एक अंग ( एक हाथ या पैर) को प्रभावित करता है।

2. Hemiplegia ( हेमिप्लेजिया)- शरीर के एक तरफ़ ( दाएं एवं बाएं तरफ़ का एक हाथ और पैर) को प्रभावित करता है। यह अक्सर स्ट्रोक के कारण होता है।

3. Paraplegia ( पैराप्लेजिया)- शरीर के नीचले आधे हिस्से यानी दोनों पैरों और कभी - कभी धड़ को प्रभावित करता है।

4. Quadriplegia/ Tetraplegia ( क्वाड्रिप्लेजिया/ टेट्राप्लेजिया)- गर्दन के नीचे शरीर के सभी चार अंगों ( हाथ और पैर)को प्रभावित करता है।

अन्य रूप - इसमें Diplegia ( डिप्लेजिया)- शरीर के एक ही क्षेत्र जैसे दोनों हाथों, दोनों पैरों एवं चेहरा के दोनों ओर, और दुर्लभ लॉक्ड इन सिंड्रोम ( आंखों को छोड़कर पूरा शरीर स्थिर) शामिल है।

पक्षाघात के कारणों में रीढ़ की हड्डी में चोट ( SCI) स्ट्रोक, मस्तिष्क की चोट या ट्यूमर भी शामिल हो सकते हैं।

उपरोक्त सभी के सफल निदान हेतु संपर्क करें -

" न्यूरो स्पाइन क्लिनिक " बलिगढ़ बाज़ार रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी।

संपर्क सूत्र - 6200537440, 9546615052.

Address

यूनियन बैंक से उत्तर बलिगढ़ बाजार रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी ( बिहार)
सीतामढ़ी
843328

Telephone

+916200537440

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Neuro spine clinic posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Neuro spine clinic:

Shortcuts

Share

Category