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12/07/2026

 #वर्षा
11/07/2026

#वर्षा

बारिश सिर्फ़ धरती को ही नहीं भिगोती,यह मन की थकान भी धो देती है।बरसती बूंदें हमें सिखाती हैं किहर कठिन समय के बाद सुकून ...
11/07/2026

बारिश सिर्फ़ धरती को ही नहीं भिगोती,
यह मन की थकान भी धो देती है।
बरसती बूंदें हमें सिखाती हैं कि
हर कठिन समय के बाद सुकून की फुहार ज़रूर आती है।
हरियाली की तरह आपके जीवन में भी
खुशियाँ, प्रेम और सफलता हमेशा बनी रहे।
इस सुहाने बारिश के मौसम में
ईश्वर आपके जीवन को खुशियों की फुहारों से भर दे।
मुस्कुराते रहिए, स्वस्थ रहिए और हर पल का आनंद लीजिए। 🌧️🌿💚

#बारिश

10/07/2026

#बारिश, किताब और अधूरी मुस्कान"

शहर की सबसे शांत लाइब्रेरी में हर शनिवार एक लड़की आया करती थी। उसका नाम अनाया था। वह हमेशा एक ही खिड़की के पास बैठकर किताब पढ़ती और बाहर गिरती बारिश को निहारती रहती।
उसी लाइब्रेरी में आरव भी आता था। वह किताबों से ज़्यादा लोगों की मुस्कान पढ़ना पसंद करता था। कई हफ्तों तक दोनों एक-दूसरे को देखते रहे, लेकिन कभी बात नहीं हुई।
एक दिन अनाया की किताब से एक बुकमार्क नीचे गिर गया। आरव ने उसे उठाकर मुस्कुराते हुए कहा, "शायद यह आपकी कहानी का सबसे ज़रूरी पन्ना है।"
अनाया मुस्कुरा दी। वही मुस्कान उनकी पहली बातचीत बन गई।
अब हर शनिवार दोनों साथ बैठते, कॉफी पीते, किताबों पर चर्चा करते और बारिश की बूंदें गिनते। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई।
एक शाम आरव अनाया को उसी खिड़की के पास ले गया जहाँ उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उसने जेब से एक छोटा-सा चाँदी का बुकमार्क निकाला, जिस पर लिखा था—
"मेरी पसंदीदा कहानी कोई किताब नहीं... तुम हो।"
अनाया की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसने बिना कुछ कहे आरव का हाथ थाम लिया।
खिड़की के बाहर बारिश फिर से शुरू हो चुकी थी, लेकिन इस बार दोनों को बारिश की ठंड नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ का सुकून महसूस हो रहा था।
कहते हैं, कुछ प्रेम कहानियाँ शोर से नहीं, बल्कि एक मुस्कान, एक किताब और एक छोटी-सी मुलाकात से शुरू होती हैं… और फिर जीवन भर दिल में बसी रहती हैं।😊❣️

"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
08/07/2026

"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

07/07/2026

सुविचार पैसा वही है जो पास में है ताकत वही है जो हाथ में है और अपना वही जो सा थ में है

"वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥"            ゚
01/07/2026

"वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥"

With Anuradha Garg – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
01/07/2026

With Anuradha Garg – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

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