10/07/2026
#बारिश, किताब और अधूरी मुस्कान"
शहर की सबसे शांत लाइब्रेरी में हर शनिवार एक लड़की आया करती थी। उसका नाम अनाया था। वह हमेशा एक ही खिड़की के पास बैठकर किताब पढ़ती और बाहर गिरती बारिश को निहारती रहती।
उसी लाइब्रेरी में आरव भी आता था। वह किताबों से ज़्यादा लोगों की मुस्कान पढ़ना पसंद करता था। कई हफ्तों तक दोनों एक-दूसरे को देखते रहे, लेकिन कभी बात नहीं हुई।
एक दिन अनाया की किताब से एक बुकमार्क नीचे गिर गया। आरव ने उसे उठाकर मुस्कुराते हुए कहा, "शायद यह आपकी कहानी का सबसे ज़रूरी पन्ना है।"
अनाया मुस्कुरा दी। वही मुस्कान उनकी पहली बातचीत बन गई।
अब हर शनिवार दोनों साथ बैठते, कॉफी पीते, किताबों पर चर्चा करते और बारिश की बूंदें गिनते। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई।
एक शाम आरव अनाया को उसी खिड़की के पास ले गया जहाँ उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उसने जेब से एक छोटा-सा चाँदी का बुकमार्क निकाला, जिस पर लिखा था—
"मेरी पसंदीदा कहानी कोई किताब नहीं... तुम हो।"
अनाया की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसने बिना कुछ कहे आरव का हाथ थाम लिया।
खिड़की के बाहर बारिश फिर से शुरू हो चुकी थी, लेकिन इस बार दोनों को बारिश की ठंड नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ का सुकून महसूस हो रहा था।
कहते हैं, कुछ प्रेम कहानियाँ शोर से नहीं, बल्कि एक मुस्कान, एक किताब और एक छोटी-सी मुलाकात से शुरू होती हैं… और फिर जीवन भर दिल में बसी रहती हैं।😊❣️