All Deases Treatment by Homeopathy

All Deases Treatment by Homeopathy all disease completely cure by homeopathy

08/07/2026

Onychomycosis (नाखूनों का फंगल संक्रमण) – 10 होम्योपैथिक दवा

1. Graphites

नाखून मोटे, खुरदरे और भुरभुरे हो जाते हैं।

नाखून के आसपास त्वचा सूखी या फटी हुई हो सकती है।

लंबे समय से चल रहे नाखून विकारों में लक्षणों के अनुसार विचार किया जाता है।

2. Silicea

नाखून कमजोर, पतले और आसानी से टूटते हैं।

नाखून धीरे-धीरे बढ़ते हैं।

बार-बार होने वाली नाखून संबंधी समस्याओं में लक्षणों के आधार पर उपयोग किया जाता है।

3. Antimonium Crudum

नाखून मोटे, कठोर और विकृत हो सकते हैं।

तलवों की मोटी, सख्त त्वचा के साथ नाखून की समस्या भी हो सकती है।

4. Thuja Occidentalis

लंबे समय से बने हुए नाखून के विकारों में।

नाखून का आकार और बनावट बदल सकती है।

5. Nitric Acid

नाखून के किनारों में दर्द या चुभन।

त्वचा फटने या छोटे घाव बनने की प्रवृत्ति।

6. Fluoric Acid

पुराने और जिद्दी नाखून परिवर्तनों में।

नाखून विकृत, मोटे या टूटने वाले हो सकते हैं।

7. Arsenicum Album

जलन, बेचैनी और खुजली जैसे लक्षणों के साथ।

लक्षण अक्सर रात में अधिक महसूस हो सकते हैं।

8. Psorinum

बार-बार होने वाली त्वचा और नाखून की समस्याओं की प्रवृत्ति।

लंबे समय से चल रहे मामलों में संपूर्ण लक्षणों के आधार पर विचार किया जाता है।

9. Sepia

कमजोर, बेजान और आसानी से टूटने वाले नाखून।

रोगी के समग्र लक्षणों के अनुसार चयन किया जाता है।

10. Sulphur

खुजली, सूखी त्वचा और त्वचा-नाखून संबंधी लक्षणों में।

बार-बार होने वाली त्वचा समस्याओं की प्रवृत्ति होने पर संपूर्ण केस के आधार पर विचार किया जाता है।

महत्वपूर्णसूचना

Onychomycosis की पुष्टि कई बार प्रयोगशाला जांच (जैसे फंगल टेस्ट) से की जाती है।

नाखून का फंगल संक्रमण ठीक होने में कई महीने लग सकते हैं क्योंकि नया स्वस्थ नाखून धीरे-धीरे बढ़ता है।

यदि नाखून में तेज दर्द, पस, बहुत अधिक सूजन, या आपको Diabetes है, तो चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।

Disclaimer:
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी होम्योपैथिक दवा का चयन स्वयं न करें। दवा का चुनाव योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा रोगी के संपूर्ण लक्षणों के आधार पर किया जाना है

18/06/2026

एनाकार्डियम (Anacardium), विशेष रूप से 'एनाकार्डियम ओरिएंटेल' (Anacardium orientale), एक प्रमुख होम्योपैथिक दवा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से मानसिक और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।


इसके प्रमुख उपयोग और लाभ निम्नलिखित हैं:
मानसिक तनाव और याद्दाश्त: अत्यधिक मानसिक श्रम के कारण होने वाली मानसिक थकान, कमजोर याददाश्त, एकाग्रता की कमी और परीक्षा के डर को दूर करने में उपयोगी है।

आत्मविश्वास की कमी: आत्मविश्वास की कमी, उदासीनता और चिड़चिड़ापन जैसी भावनात्मक समस्याओं के लक्षणों को कम करने में मदद करती है।

पेट की समस्याएं: पेट फूलना, अपच, कब्ज और पेट में खालीपन या ऐंठन के अहसास से राहत दिलाने में सहायक है।

त्वचा की समस्याएं: खुजली, एक्जिमा, और मस्सों जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं के लक्षणों को कम करने के लिए प्रयोग की जाती है।

शारीरिक दर्द: नसों की कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और जोड़ों के दर्द के उपचार में भी इसका उपयोग किया जाता है।

04/06/2026

किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी गंभीर होती है। किडनी से संबंधित कई रोगों के कारण लोगों की मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए ऐसी बीमारी के प्रति लापरवाही नहीं बरती जा सकती। आज अनेक लोग किडनी से जुड़े अनेक तरह के रोग से पीड़ित हैं, और रोजाना डॉक्टर के बताए अनुसार दवाओं का सेवन कर रहे हैं, लेकिन क्या आपको यह पता है कि किडनी की बीमारी का इलाज कराने के दौरान मरीजों को उचित डाइट चार्ट भी अपनाना जरूरी होता है। इसलिए यहां किडनी के मरीजों के लिए डाइट प्लान की जानकारी दी जा रही है।

Kidney Disorder diet plan

किडनी के रोगी इस डाइट चार्ट को न सिर्फ बीमारी पर उचित नियंत्रण पा सकेंगे, बल्कि स्वास्थ लाभ भी पा सकेंगे।


किडनी की बीमारी में क्या खाएं (Your Diet During Kidney Disease)
किडनी विकार से ग्रस्त लोगों का आहार ऐसा होना चाहिएः-

अनाज: गेहूं, चावल
दाल: मूंग
फल एवं सब्जियां: अनार, पपीता, शिमला मिर्च, प्याज, ककड़ी, टिण्डा, परवल, लौकी, तोरई, करेला, कददू, मूली, खीरा, कुंदरू, गोभी, शिमला मिर्च
अन्य: हल्का खाना, लहसुन, धनिया, पुदीना, जायफल, जैतून का तेल, सूरजमुखी का तेल, पतंजलि आरोग्य बिस्कुट

1 कटोरी चावल (मांड रहित) सप्ताह में केवल 1-2 बार लें
आधा चम्मच सेंधा नमक (मरीज की बीमारी के अनुसार ज्यादा, कम या बंद भी कर सकते हैं) को 24 घण्टे में लें
1 चम्मच रिफाइण्ड का तेल/सरसों का तेल /मूंगफली का तेल 24 घण्टे में सेवन करें
केवल 1 लीटर द्रव्य पदार्थ (मरीज की बीमारी के अनुसार ज्यादा, कम भी कर सकते है ) का 24 घण्टे के अन्तराल में सेवन करें
कोई भी सब्जी या फलों का जूस ना लें
मधुमेह (डायबिटीज) की अवस्था में चावल मांड रहित लें
मूंग दाल बनाने से पहले 45 मिनट पानी में भिगोकर रखें
अत्यधिक कमजोरी होने पर 10-15 gm पनीर
सब्जियों को अच्छी तरह उबालकर तथा पानी निथारकर सेवन करें

यदि क्रिएटिनिन का लेवल 5.0 से अधिक हो तो फलों का सेवन न करें----------------------------------------------
@ मूंग दाल के फायदे और उपयोग


किडनी की बीमारी में क्या ना खाएं (Food to Avoid in Kidney Disease)
किडनी रोग से ग्रस्त लोगों को इनका सेवन नहीं करना चाहिएः-----------------------------------------------
#अनाज: नया धान, मैदा
दाल: उड़द दाल, काबुली चना, मटर, राजमा, सोयाबीन
फल एवं
#सब्जियां: कीवी, बीन्स, टमाटर, किशमिश, खजूर, बेर, आलू, कटहल, बैंगन, अरबी (गुइया), भिंडी, जामुन, आड़ू, कच्चा आम, केला
अन्य: तेल, गुड़, समोसा, पकोड़ी, पराठा, चाट, पापड़, नया अनाज, खट्टे पदार्थ, सूखी सब्जियाँ, मालपुआ, भारी आहार जैसे छोले, ठण्डा खाना, दही, दूध से बने पदार्थ (खोया, मावा) मांसाहार, शराब धूम्रपान, ज्यादा नमक, तैलीय व मासलेदार भोजन, शहद, बेकरी उत्पाद

किडनी रोग के दौरान मरीजों का डाइट प्लान (Diet Plan for Kidney Disease)

समय आहार योजना ( शाकाहार)
नाश्ता (8 :30 -9:30AM)

1/2 कप दूध + इडली (सूजी)/ 1 कटोरी पोहा/ पतंजलि आरोग्य दलिया (कम नमक वाला ) /उपमा (सूजी) / 1-2 पतली रोटी + 1 कटोरी सब्जी और पनीर (1-2 पीस)
दिन का भोजन (01:30-02:30) PM

1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1 कटोरी हरी सब्जियां + ½ कटोरी दाल (मूंगदाल)
शाम का नाश्ता (3:30pm) 1/2 कटोरी लई / चुरा / मूँग दाल + 1/2 कप दूध
रात का भोजन (08:00 – 09:00 Pm)

1 पतली रोटी +1/2 कटोरी हरी सब्जियां

04/06/2026

क्या खाएं और किनसे बचें?खाद्य पदार्थसुरक्षित
(क्या खाएं) वर्जित (क्या न खाएं)
#सब्जियांलौकी, तोरई, परवल, शिमला मिर्च, पत्ता गोभीआलू, टमाटर, पालक, शकरकंद (पोटेशियम अधिक होता है) #
फलसेब, पपीता, अमरूद, नाशपाती, अंगूरकेला, संतरा, आम, कीवी
#अनाजसफेद चावल, सूजी, मैदा, गेहूंब्राउन राइस, ओट्स, साबुत दालें (फॉस्फोरस अधिक होता है)प्रोटीनअंडे की सफेदी (एग व्हाइट), कम मात्रा में पनीररेड मीट, मछली, ज्यादा मात्रा में दालेंअन्यजैतून का तेल, सीमित मात्रा में घीअचार, पापड़, डिब्बाबंद (प्रोसेस्ड) भोजन

04/06/2026

सीकेडी (क्रोनिक किडनी रोग) के मरीजों के लिए आहार चार्ट (CKD Diet Chart) में नमक, पोटेशियम, फास्फोरस और प्रोटीन की मात्रा को सीमित करना होता है
# पानी और तरल पदार्थों का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें
यहाँ एक सामान्य और संतुलित सीकेडी डाइट चार्ट दिया गया है:
🌞 सुबह का नाश्ताक्या खाएं: दलिया, सूजी की इडली, पोहा या 1-2 मल्टीग्रेन/गेहूं की रोटी。सब्जियाँ: लौकी, तोरई, परवल या गाजर की सब्जी (कम नमक और मसाले वाली) पेय: कम मलाई वाला दूध या एक कप हर्बल चाय (डॉक्टर द्वारा अनुमत मात्रा में.

🍛 दोपहर का भोजन (लंच)अनाज: 1 या 2 गेहूं की रोटी या सफेद चावल (ब्राउन राइस से बचें)
दाल: मूंग दाल या मसूर की दाल (सीमित मात्रा में और पतली) सलाद: खीरा, ककड़ी और प्याज (टमाटर से बचें)

🌇 शाम का नाश्ताक्या खाएं: मखाने (बिना नमक के), पपीता, या सेब
🌙 रात का भोजन (डिनर)अनाज: 1-2 गेहूं की रोटी या चावल सब्जी: उबली या कम तेल में पकी हुई गोभी, शिमला मिर्च

18/05/2026

“पेट के कीड़ों को जड़ से मिटाने वाली 3 बेहतरीन होम्योपैथिक दवाएँ”

अगर आपका बच्चा खाना कम खाता है, पेट दर्द या खुजली की शिकायत करता है, या बार-बार मुँह से लार गिरती है — तो समझिए पेट में कीड़े हैं।
होम्योपैथी इन कीड़ों को प्राकृतिक तरीके से खत्म करती है, बिना किसी नुकसान के।

Cina 200 (सीना 200)

पहचान:
जब बच्चा बार-बार नाक रगड़े, नींद में दाँत पीसे या पेट में मरोड़ की शिकायत करे।

Benefits

पेट के गोल कीड़े (Round Worms) और पिनवर्म्स को निकालती है

बच्चों की भूख और पाचन सुधारती है

नींद में बेचैनी और चिड़चिड़ापन दूर करती

Cina 200

लगातार 5 दिन तक सेवन करें
Treatment:
Cina बच्चों के लिए सबसे प्रसिद्ध Worm Expeller है, जो पेट के कीड़ों को निष्क्रिय कर मल के साथ बाहर निकाल देती है।

Teucrium Marum Verum 30 (ट्यूक्रीयम मारम वेअरम 30)

पहचान
जब गुदा में खुजली, जलन और बेचैनी बनी रहे, खासकर रात में।

Benefits

पिनवर्म (छोटे सफेद कीड़े) को खत्म करती है

गुदा की खुजली और जलन शांत करती है

बार-बार होने वाले कीड़ों की पुनरावृत्ति रोकती है
उपयोग (Use):

30C पोटेंसी में, दिन में 2 बार 3 गोलियाँ

1 हफ्ते तक निरंतर सेवन करें

Treatment:
Teucrium Marum आंतों की दीवारों पर बसे कीड़ों को साफ़ करती है और दोबारा होने से रोकती है।

3. Spigelia Anthelmintica 30 (स्पिजेलिया एंथेलमिन्टिका 30)

पहचान
जब पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, जी मिचलाना, या आँखों के नीचे सूजन दिखाई दे।
Benefits

Tape Worms (लंबे कीड़े) को खत्म करती है

पेट दर्द, मतली और चक्कर में राहत देती है

पाचन तंत्र को मजबूत करती है

लगातार 7 दिन तक सेवन करें Treatment:
Spigelia आंतों के अंदर छिपे लंबे कीड़ों को मारकर धीरे-धीरे बाहर निकाल देती है और पेट को स्वस्थ बनाती है।

Cina, Teucrium Marum और Spigelia — ये तीनों मिलकर पेट के हर प्रकार के कीड़ों (Roundworm, Tapeworm, Pinworm) को खत्म करती हैं।
इनसे पाचन सुधरता है, भूख बढ़ती है और बच्चे का चेहरा फिर से चमक उठता है

HOMOEOPATHIC MEDICINE FOR DUPUYTREN'S CONTRACTURESilicea  - Usful for Dupuytren’s contracture with pain in the contracte...
22/03/2026

HOMOEOPATHIC MEDICINE FOR DUPUYTREN'S CONTRACTURE

Silicea - Usful for Dupuytren’s contracture with pain in the contracted tissue cords upon moving the fingers. The affected finger flexes onto the palm.Useful when opening the finger causes intense pain.There is excessive sweating on hand .

Causticum - Useful for later stages of Dupuytren’s contracture. There is severe contractures in hand which leads to bending the fingers towards the palm. Useful when patient is unable to move the affected fingers without the help of the other hand.Also useful when complete deformity of the finger is present. There is drawing and tearing pain felt in hands. Useful when hands and fingers feel icy cold.

Ruta -Useful for Dupuytren’s contracture with nodes on the palms of the hand.There is pain and stiffness in the hands with contracted fingers.

Colocynthis-Useful for Dupuytren’s contracture when pain in the palms is present. There is contraction in the hands and fingers. Useful when there is difficulty to open the finger, and the pain gets worse at rest.

Rhus Tox - Useful for Dupuytren’s contracture that have a history of a hand injury. There is movement of fingers with great difficulty. Useful for aching or drawing pain.There is heat sensation in the palm of the hand etc.

22/02/2026
22/02/2026

12 टिश्यू रेमेडी कोशिका स्तर पर खनिजों की कमी को पूरा कर
शरीर की प्राकृतिक उपचार शक्ति को सक्रिय करती है।.

12 Biochemic Medicines

Calcarea Fluorica 6x
हड्डियाँ, जोड़, कठोर सूजन, varicose veins

Calcarea Phosphorica 6x
बच्चों की growth, कमजोरी, हड्डियों का विकास

Calcarea Sulphurica 6x
पस बनना, फोड़े-फुंसी, infection

Ferrum Phosphoricum 6x
शुरुआती बुखार, सूजन, anemia

Kali Muriaticum 6x
सफेद स्राव, tonsil, congestion

Kali Phosphoricum 6x
nervous कमजोरी, stress, थकान

Kali Sulphuricum 6x
पीला स्राव, skin problem, dandruff

Magnesia Phosphorica 6x
दर्द, cramps, colic (गरम से आराम)

Natrum Muriaticum 6x
headache, cold, emotional grief

Natrum Phosphoricum 6x
acidity, gas, sour vomiting

Natrum Sulphuricum6x
liver problem, asthma (नमी से बढ़ता)

Silicea, 6x
pus निकालना, कमजोर immunity, delayed healing

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