02/11/2024
इस पोस्ट को पढ़े और ह्रदय की समस्याओं को समय रहते पहचाने ___
डॉ. नरेश त्रेहान सीएमडी, मेदांता हॉस्पिटल्स
हृदय की 90% बीमारियों को केवल संतुलित भोजन, नियमित एक्सरसाइज और धूम्रपान न करके रोका जा सकता है।
अधिकांश भारतीय मोटापा, निष्क्रिय जीवनशैली और धूम्रपान अथवा वेपिंग से हृदय को होने वाले खतरे को गंभीरता से नहीं लेते हैं जबकि इनसे दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
देश में हर 4 में से 1 मौत दिल की बीमारी के कारण हो रही है। इसमें भी 80% से ज्यादा मामलों के लिए कमजोर रक्त प्रवाह के कारण दिल में आई कमजोरी और स्ट्रोक जिम्मेदार हैं। वर्तमान में 49 से 69 वर्ष की उम्र के लोगों में 50% मौतों के लिए हृदय रोग ही जिम्मेदार हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकांश लोग हार्ट अटैक को उम्र और सीने में दर्द से ही जोड़कर देखते हैं, लेकिन 3 में से 1 व्यक्ति को हार्ट अटैक के दौरान सीने में कोई दर्द महसूस नहीं होता। हृदय रोगों को लेकर कई तरह की गलतफहमियां भी हैं।
ऐसे में आज जानिए उन 5 संकेतों को जो यह बताते हैं कि आपको दिल से संबंधित समस्या हो सकती है।
(1) कार्डियक एरिथिमिया
अनियमित हार्ट बीट दिल की कार्य प्रणाली में विसंगति का संकेत है। घबराहट, छाती में फड़फड़ाहट सी महसूस हो या दिल तेज धड़के, खासकर जब कारण अज्ञात हो तो विशेषज्ञ से संपर्क करें। ऐसा बने रहने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
क्या करेंः चाय, कॉफी, शराब को सीमित करें। ये एरिथिमिया को ट्रिगर कर सकते हैं। ध्यान से तनाव मैनेज करे। हार्ट रेट मॉनिटर करे।
(2) लगातार थकान : रक्त में ऑक्सीजन की कमी पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार थकान बनी रहे तो यह कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के ठीक ढंग से काम न करने का संकेत हो सकता है। यह अक्सर इस बात का संकेत है कि दिल पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजनयुक्त रक्त शरीर को सप्लाई नहीं कर पा रहा है।
क्या करेंः फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन बढ़ाएं। पर्याप्त नींद लें। हाइड्रेटेड रहे।
(3) सीने में जकड़न: दिल की वर्किंग खरान
शारीरिक एक्टिविटी के दौरान सीने में जकड़न बतान है कि दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है। ऐसे लो जिन्हें हृदय य से जुड़ी समस्या अथवा खतरे हैं उन्हें हल्क शारीरिक गतिविधि जैसे वॉक करने अथवा बैठने दौरान भी सीने में अनजाना सा खिंचाव महसूस होता
क्या करेंः रोज 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज करे। वजन, कोलेस्ट्रॉल व बीपी नियंत्रित रखें। दवाई ले रहे तो नियमित लें। धूम्रपान छोड़ें।
(4) रक्त के प्रवाह में कमी : दिल को ब्लड पंप करने में समस्या आने पर शरीर में तरल एकत्रित होता है, जिससे पैर, टखना अथवा पिंडली में सूजन आती है। यह heart फेलियर का भी संकेत हो सकता ऐसे में बीपी को मॉनिटर करें। इसने लगातार उच्च बने रहने से दिल का तनाव बढ़ता है।
क्या करेंः भोजन में नमक कम लें बीपी घटेगा। बीच-बीच में पैरों को ऊपर करें, सर्कुलेशन बेहतर होगा
(5) बहुत ज्यादा पसीना आना: तेज गतिविधि में पसीना आना सामान्य है, लेकिन अगर टीवी देखते हुए पसीना आ रहा है तो यह धमनियों में रुकावट या हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। खासकर डायबिटीज पीड़ितों में, क्योंकि उन्हें हार्ट अटैक के दौरान छाती में दर्द महसूस नहीं होता। ऐसे में डायबिटीज को मॉनिटर करें।
क्या करेंः पसीने के साथ जबड़े, पेट, बांह में दर्द व कमजोरी हो तो जांच कराएं।