18/01/2026
क्लेम,क्लेम सेटलमेंट और रिजेक्शन
आज की अद्भुत जीवन शैली,भागते शहर और दिमाग़ में पूरे ब्रह्माण्ड की चिंताओं के होते हुए भी एक आदमी चाहता है कि अगर उसने हेल्थ इंश्योरेंस खरीद लिया है तो कम से कम उसको अस्पताल और उसके खर्चे की चिंता तो न ही करनी पड़े।
परंतु दुनिया भर के आंकड़े देखने और विश्लेषण करने के बाद भी कोई यह नहीं कह सकता कि फलां सबसे अच्छी कंपनी 100 % क्लेम पास ही कर देगी या ये बेकार कंपनी 100 % रिजेक्ट ही कर देगी।।
कुछ कंपनियों में थोड़ा ऊंचा नीचा चलता रहता है परन्तु आंकड़े और वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट दिखाई देती है,जिस कंपनी को लोग पूरी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा गरियाते है ,पता चल रहा इस मार्केट के सबसे ज्यादा हिस्सा उसी का ही है।।
अतः मन के सुकून के लिए पॉलिसी खरीदने समय निम्न बातों का जरूर ध्यान रखें।।
1. एक एक छोटी से लेकर बड़ी बीमारी को जरूर बताएं ताकि क्लेम के वक्त कंपनी यह न कह सके यह बीमारी पिछली बीमारी की वजह से हुई है और आपका क्लेम रिजेक्ट कर दे।।
2. पॉलिसी लेते समय और पॉलिसी लेने बाद 2 4 घंटा ढंग से निकाल कर उसको ध्यान से पढ़ें।
3. कोई भी रूम रेंट लिमिट नहीं होनी चाहिए वरना आपके लेने के देने पड़ सकते हैं।
4. अगर सिर्फ दिखाने के लिए अस्पताल में भर्ती हुए हैं तो क्लेम बिल्कुल भी नहीं मिलेगा।
5. पॉलिसी लेने के 6 महीने के अंदर क्लेम करेंगे,तो कैशलैस तो नहीं ही मिलेगा,और रिमबर्समेंट में कंपनी अपने सारे जासूसों से खबर लेने के बाद ही क्लेम अप्रूव करेगी।।
6. धीरे धीरे होने वाली बीमारी जैसे पथरी,बीपी, शुगर में लगभग 2 साल का वेटिंग पीरियड रहता है,उससे पहले क्लेम किया तो नहीं मिलेगा।
7. क्लेम फॉर्म गलत भरा तब भी दिक्कत हो सकती है।
8. जो भी कंपनी के नेटवर्क अस्पताल है वहीं कैशलैस की सुविधा मिलेगी, कहीं और कराने पर अपनी जेब से रुपए भरने के बाद फिर वापस लेने के लिए दौड़ भाग करनी पड़ेगी।और कहीं ब्लैक लिस्टेड में करा लिए फिर तो नहीं मिलेगा।
*सुझाव*
1. जब आप कम उम्र के और स्वस्थ हों,तब पॉलिसी लेने में ज्यादा फायदा होता है।
2. एक तो प्रीमियम कम आता है
3. और दूसरा आपका वेटिंग पीरियड भी आसानी से निकल जाता है
4. अगर कोई भी बड़ी बीमारी हो गई तो पहली बात कोई कंपनी पॉलिसी देगी ही नहीं, और अगर देगी तो प्रीमियम भरने में ही जान निकल जाएगी।
5. Buy when you are Healthy