27/07/2026
🪔 कुछ लोग अपनी उम्र से नहीं अपने परिवार के अंतिम निर्णय से अमर हो जाते हैं।
25 वर्ष की उम्र शायद विदा लेने की नहीं होती। यह सपने पूरे करने की उम्र होती है, अपने परिवार का सहारा बनने की उम्र होती है। लेकिन इंदौर के बेटे गौरव दवे ने जाते-जाते ऐसी कहानी लिख दी, जिसे शहर कभी नहीं भूल पाएगा।
गौरव... तुम चले गए लेकिन अपने साथ कुछ भी लेकर नहीं गए। तुम अपना दिल छोड़ गए, अपनी धड़कन छोड़ गए, अपनी साँसों की उम्मीद छोड़ गए। तुम अपनी ज़िंदगी के हिस्से उन लोगों के लिए छोड़ गए, जिन्हें तुम जानते भी नहीं थे।
कितना अश्रुपूरित क्षण होता है वो जब किसी एक घर का चिराग बुझता है, और उसी पल कई दूसरे घरों में उम्मीद का सूरज उग जाता है। यह केवल अंगदान नहीं है, यह मृत्यु के बाद भी जीवन पर विश्वास करने का सबसे सुंदर साहस है।
आज इंदौर का 68वाँ ग्रीन कॉरिडोर बना, सड़कें खाली हुईं, सायरन बजे, लोग रास्ता देते रहे। लेकिन उन सायरनों के बीच एक माँ का मौन, पिता का दर्द, बहन की हिम्मत और भाई का टूटता हुआ मन भी सफर कर रहा था।
किसी भी माता-पिता के लिए अपने जवान बेटे को अंतिम विदाई देना जीवन का सबसे कठिन क्षण होता है। लेकिन दवे परिवार ने उस असहनीय पीड़ा के बीच भी मानवता को चुना। उन्होंने अपने बेटे को सिर्फ विदा नहीं किया, उन्होंने उसे कई ज़िंदगियों में हमेशा के लिए जीवित कर दिया और यही सबसे बड़ा परोपकार है।
हम अक्सर कहते हैं इंसान मरने के बाद क्या छोड़कर जाता है?
गौरव ने इसका जवाब दे दिया, वह अंग छोड़कर गया, लेकिन उससे कहीं अधिक, वह उम्मीद छोड़कर गया।
आज अहमदाबाद में किसी की धड़कन चल रही है, इंदौर में किसी को नया जीवन मिला, किसी माँ की आँखों में फिर उम्मीद लौटी होगी, किसी परिवार ने शायद वर्षों बाद मुस्कुराया होगा और इन सबके पीछे कहीं न कहीं गौरव अब भी ज़िंदा है।
हम अक्सर शहर के गौरव की बात बड़ी इमारतों, निवेश, पुरस्कारों और विकास से करते हैं। लेकिन किसी शहर का असली गौरव उसके लोग होते हैं। आज इंदौर का बेटा गौरव, सचमुच इंदौर का गौरव बन गया।
प्रिय गौरव... अलविदा दोस्त। हम तुम्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे। लेकिन आज पूरा शहर तुम्हें अपना मानकर विदा कर रहा है। तुम्हारा नाम केवल समाचार की हेडलाइन भर नहीं रहेगा, तुम उस धड़कन में रहोगे जिसे तुमने जीवन दिया। तुम उस परिवार की दुआओं में रहोगे जिसने अपने किसी प्रियजन को दूसरी ज़िंदगी मिलते देखी और तुम हमेशा इस शहर की आत्मा में रहोगे।
नमन है दवे परिवार को इंदौर का गौरव बढ़ाने के लिए...👏
टीम इंदौर टॉक की इंदौर के गौरव को विनम्र श्रद्धांजलि। 🪔