31/07/2026
पांच वर्ष की आयु से सफेद पानी और रात में पेशाब निकलना
समस्या:
"ताऊजी, जय जोहार। मेरी बेटी की उम्र 12 वर्ष है। उसे पांच वर्ष की उम्र से सफेद पानी की समस्या है और वह महीने में कम से कम 15 दिन रात को सोते समय पेशाब कर देती है। वह बताती है कि उसे इसका पता ही नहीं चलता। हमने अनेक सरकारी और निजी अस्पतालों में दिखा दिया है। पांच वर्ष से लगातार दवा खिला रहे हैं, लेकिन कोई अंतर नहीं पड़ रहा। डॉक्टर कहते हैं कि बड़ी होने पर रात में पेशाब निकलना अपने आप छूट जाएगा। कृपया मार्गदर्शन करें और यदि कोई देसी जड़ी बूटी या होम्योपैथिक उपचार हो तो बताने का कष्ट करें। मैं आपका आभारी रहूंगा।"
समस्या का समाधान:
आपकी चिंता पूरी तरह उचित है। 12 वर्ष की उम्र में महीने की लगभग आधी रातों में अनजाने में पेशाब निकलना केवल आलस्य, लापरवाही या बच्ची की गलती नहीं है। इसे Nocturnal Enuresis (नॉक्टर्नल एन्यूरिसिस यानी सोते समय अनजाने में पेशाब निकलना) कहा जाता है। कई बच्चों में उम्र के साथ सुधार होता है, लेकिन इस उम्र में बार-बार समस्या बने रहने और पुराने उपचार से लाभ न मिलने पर केवल प्रतीक्षा करना पर्याप्त नहीं है। इसकी व्यवस्थित दोबारा जांच और सक्रिय उपचार जरूरी है।
दोनों समस्याओं की अलग-अलग जांच जरूरी है:
पांच वर्ष की उम्र से लगातार सफेद पानी आना सामान्य मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। बच्चियों में बाहरी अंगों की जलन या सूजन, सफाई से जुड़ी समस्या, साबुन या रसायन से जलन, संक्रमण, पेट के कीड़े, मूत्र संक्रमण अथवा कभी-कभी कोई बाहरी वस्तु इसका कारण हो सकती है। दुर्गंध, खुजली, लालिमा, पेशाब में दर्द या खून मिला स्राव हो तो जांच और अधिक जरूरी हो जाती है। अब 12 वर्ष की उम्र में मासिक धर्म शुरू होने के आसपास थोड़ा साफ या सफेद स्राव प्राकृतिक भी हो सकता है, परंतु पांच वर्ष की उम्र से चली आ रही समस्या को केवल उम्र का सामान्य बदलाव नहीं माना जा सकता।
रात में पेशाब निकलने के पीछे मूत्राशय का धीरे विकसित होना, रात में अधिक पेशाब बनना, नींद से समय पर न जाग पाना और पारिवारिक प्रवृत्ति जैसे कारण हो सकते हैं। कब्ज, दिन में बार-बार या अचानक पेशाब लगना, पेशाब रोक न पाना, मूत्र संक्रमण, मधुमेह, बहुत अधिक प्यास, खर्राटे और नींद में सांस रुकने जैसी समस्याएं भी जांचने योग्य हैं।
अब क्या करवाना चाहिए?:
बच्ची को बाल रोग विशेषज्ञ के साथ बच्चों की मूत्र संबंधी समस्याओं के विशेषज्ञ तथा जरूरत पड़ने पर बाल स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। अब तक की सभी जांच रिपोर्टें और दवाइयां साथ ले जाएं। पेशाब की सामान्य और संक्रमण संबंधी जांच, खून में शर्करा, कब्ज, दिन के पेशाब की आदत, अत्यधिक प्यास, खर्राटे और सफेद पानी के स्वरूप की समीक्षा आवश्यक हो सकती है। बच्ची कितनी बार पानी पीती है, दिन और रात में कब पेशाब करती है तथा बिस्तर किस रात गीला हुआ, इसका कम से कम दो सप्ताह का लिखित विवरण डॉक्टर के लिए उपयोगी रहेगा।
घर पर क्या सावधानी रखें?:
बच्ची को डांटें, शर्मिंदा करें, उसकी बात दूसरों के सामने बताएं या बिस्तर गीला करने के लिए दंड बिल्कुल न दें। सोने से पहले शौचालय अवश्य भेजें, दिन में नियमित अंतराल पर पेशाब करने की आदत बनाएं और पर्याप्त पानी दिन के समय पिलाएं। रात में पानी पूरी तरह बंद न करें, लेकिन सोने से ठीक पहले बहुत अधिक तरल देने से बचें। कब्ज हो तो उसका उपचार कराएं। निजी अंग को साधारण पानी से धीरे धोएं, आगे से पीछे की ओर सफाई करें और सुगंधित साबुन, पाउडर, रसायन तथा बहुत तंग कपड़ों से बचाएं।
क्या देसी जड़ी बूटी या होम्योपैथिक उपचार दिया जा सकता है?:
बच्ची की उम्र, पांच वर्ष से सफेद पानी, लंबे समय से बिस्तर गीला होना और अनेक दवाइयों के बाद भी सुधार न होना देखते हुए विस्तृत केस हिस्ट्री तथा जरूरी जांच के बिना किसी जड़ी बूटी या होम्योपैथिक दवा का नाम बताना सुरक्षित नहीं होगा। हां ऐसे अनकों केसों में जिनमें बहुत छोटी उम्र की बच्चियों में सफेद पानी याली ल्यूकोरिया की समस्या के समाधान हेतु मैं वर्षों से Leucorrhea Care Kit No. 4 सेवन करवाता रहा हूं। परिणाम बहुत अच्छे हैं।
यदि बुखार, पेट या कमर में दर्द, पेशाब में जलन या खून, बहुत अधिक प्यास, वजन घटना, बदबूदार या खून मिला सफेद पानी, निजी अंग में चोट, दिन में भी पेशाब निकलना अथवा चलने में कमजोरी हो तो शीघ्र चिकित्सकीय जांच कराएं और जांच रिपोर्ट्स के साथ प्रॉपर उपचार हेतु किसी होम्योपैथ और हर्बलिस्ट से सम्पर्क करें। बच्ची को सबसे अधिक आवश्यकता इस भरोसे की है कि यह उसकी गलती नहीं है और समस्या का उपचार किया जा सकता है।
कृपया पूरक प्रश्न नहीं पूछें, क्योंकि पूरक सवालों के जवाब लिखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
यदि किसी पाठक के मन में कोई सवाल हो या किसी प्रकार की जटिल या पुरानी स्वास्थ्य समस्या अथवा काउंसलिंग की जरूरत हो साथ ही यदि आपको मेरी Online Sewa में विश्वास हो तो कृपया निम्न WhatsApp पर अपनी समस्या सही और व्यवस्थित रूप से लिखकर मुझ से भी सम्पर्क किया जा सकता है।
आपका स्वास्थ्य रक्षक सखा (31.07.2026)
Adiwasi Tau: Online-Herbalist, Homeopath, Counselor, Writer and Director
Nirogdham (India's First Curative & Organic Herbal Center) Jaipur, RJ
फ्री परामर्श हेतु WhatsApp No.: 85 619 55 619 पर अपनी समस्या लिखें।