30/04/2026
#बगलामालामंत्र !! -
ॐ नमो भगवति ॐ नमो वीरप्रताप विजय भगवति बगलामुखि ! मम सर्व निंदकानां सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिव्हां मुद्रय मुद्रय बुद्धिं विनाशय विनाशय अपरबुद्धिं कुरु कुरु , आत्मविरोधिनां शत्रूणां शिरो ललाट मुख नेत्र कर्ण नासिकां उरु पद अणु रेणु दंत ओष्ठ जिव्हा तालु गुह्य गुदा कटि जानु सर्वांगेषु केशादि पादांतं पादादि केश पर्यंतं स्तंभय स्तंभय खें खीं मारय मारय परमंत्र परयंत्र परतंत्राणि छेदय छेदय आत्म मंत्र तंत्राणि रक्ष रक्ष ग्रहं निवारय निवारय व्याधिं विनाशय विनाशय दु:खं हर हर , दारिद्र्यं निवारय निवारय , सर्व मंत्र स्वरुपिणी दुष्ट ग्रह भूतग्रह पाषाणग्रह सर्व चांडाल ग्रह यक्ष किन्नर किंपुरुष ग्रह भूतप्रेत पिशाचानां शाकिनी डाकिनी ग्रहाणां पूर्व दिशं बंधय बंधय वार्तालि मां रक्ष रक्ष दक्षिणदिशं बंधय बंधय स्वप्न वार्तालि मां रक्ष रक्ष पश्चिम दिशं बंधय बंधय उग्रकालि मां रक्ष रक्ष पातालदिशं बंधय बंधय बगला परमेश्वरी मां रक्ष रक्ष सकलरोगान विनाशय विनाशय शत्रू पलायनम पंचयोजन मध्ये राज जन स्वपचं कुरु कुरु शत्रून दह दह पच पच स्तंभय स्तंभय मोहय मोहय आकर्षय आकर्षय मम शत्रून उच्चाटय उच्चाटय ह्ल्रीं फट स्वाहा ..