Dr. Nishant Pathak: Best Super Specialist in Newborn & Child Care in Ranchi

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मुंबई से प्रशिक्षित बिहार और झारखंड के पहले एवं एकमात्र सुपर-स्पेशलिस्ट नियोनेटोलॉजिस्ट,
जिन्हें 23 सप्ताह / 350 ग्राम जैसे अत्यंत नाज़ुक नवजात शिशुओं की जान बचाने का विशेषज्ञ अनुभव है।

06/08/2026
रात के 3 बजे थे...एक बच्चा तेज़ बुखार और सांस फूलने के साथ अस्पताल पहुँचा।माँ की आँखों में डर था। उसने बस इतना कहा :"डॉक...
21/07/2026

रात के 3 बजे थे...

एक बच्चा तेज़ बुखार और सांस फूलने के साथ अस्पताल पहुँचा।

माँ की आँखों में डर था। उसने बस इतना कहा :

"डॉक्टर साहब... आपके पास पहली बार आये हैं, बड़ी आस लेकर...ये चौथी बार है। हर बार यही होता है। हर बार डॉक्टर कहते हैं निमोनिया है... फिर किसी ने टीबी भी बता दी। दवाइयाँ भी चलीं... लेकिन मेरा बच्चा ठीक क्यों नहीं हो रहा?"

रिपोर्ट देखी...

फिर वही— बाएँ फेफड़े के निचले हिस्से में वही पुराना पैच।

यहीं सबसे बड़ा सवाल था...

क्या सच में यह टीबी थी?

या कहीं किसी और बीमारी को बार-बार टीबी समझ रहे थे?

सिर्फ रिपोर्ट नहीं, पूरी कहानी को जोड़कर सोचा।

बार-बार उसी जगह संक्रमण होना एक संकेत था कि शायद समस्या संक्रमण नहीं, बल्कि जन्म से मौजूद कोई संरचनात्मक गड़बड़ी हो।

CECT Chest कराया गया...

और जो सामने आया, उसने पूरी कहानी बदल दी—

Intralobar Pulmonary Sequestration.

यानी फेफड़े का एक हिस्सा, जो जन्म से ही सामान्य फेफड़े से अलग विकसित हुआ था और बार-बार संक्रमण का कारण बन रहा था।

अगर इस बच्चे का इलाज केवल "टीबी" मानकर चलता रहता, तो असली बीमारी छिपी रह जाती।

सीख:

हर बार होने वाला निमोनिया टीबी नहीं होता।

यदि बच्चे में बार-बार एक ही हिस्से में निमोनिया हो, या लंग का पैच ठीक न हो, तो Congenital Pulmonary Malformations जैसे कारणों के बारे में भी अवश्य सोचना चाहिए।

सही इलाज की शुरुआत सही सोच से होती है।

19/07/2026

रात के ठीक 2 बजे थे। घर में सन्नाटा था, तभी अचानक चीख़ गूँजी — "ये क्या हो रहा है इसे?!"

बेटे की आँखें ऊपर चढ़ गईं। शरीर पत्थर की तरह अकड़ गया। हाथ-पैर झटके खाने लगे। माँ की चीख़ें, पिता के काँपते हाथ — किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें।

फ़ोन करने का होश तक नहीं था। पिता बेटे को उठाकर सीधे गाड़ी में बैठे और अंधेरी सड़कों पर गाड़ी दौड़ा दी — "बस अस्पताल पहुँच जाएँ, बस पहुँच जाएँ..."

ER पहुँचे। लगा जैसे तूफ़ान थम गया। पर ये तूफ़ान अभी शुरू ही हुआ था।

कुछ ही मिनटों में — फिर वही मंज़र। शरीर फिर अकड़ने लगा। आँखें फिर पलटने लगीं।

*दूसरा दौरा।* सिर्फ़ 30 मिनट के अंदर।

ये सुनकर हर माँ-बाप का दिल बैठ जाए। एक दौरा — ठीक है, बुखार में होता है। पर आधे घंटे में दोबारा? ये डरावना संकेत था कि अंदर कुछ और भी गड़बड़ हो सकती है।

उस वक़्त ER में मैं अकेला था। कोई और डॉक्टर नहीं, कोई मदद के लिए इंतज़ार करने का वक़्त नहीं। हर सेकंड कीमती था।

दिमाग़ में एक ही डर बार-बार कौंध रहा था — कहीं ये सिर्फ़ बुखार नहीं, दिमाग़ का बुखार यानी इन्फेक्शन तो नहीं? क्योंकि अगर दौरे बार-बार आते रहें, तो नन्हे दिमाग़ को नुकसान पहुँचने का ख़तरा बढ़ता जाता है।

एक पल भी गँवाए बिना — नस में सुई लगाई, दौरा रोकने की दवा दी, ऑक्सीजन लगाई, ख़ून के नमूने भेजे जाँच के लिए।

धीरे-धीरे झटके थमे। शरीर ढीला पड़ा। साँसें सामान्य हुईं।

पर मन अभी भी बेचैन था — क्योंकि दो दौरे मतलब खतरा अभी टला नहीं था। अगले 24 घंटे हर पल पर नज़र रखी गई:
✔️ कहीं मेनिन्जाइटिस जैसा ख़तरनाक इन्फेक्शन तो नहीं?
✔️ तीसरा दौरा तो नहीं आएगा?
✔️ दिमाग़ की जाँच ज़रूरी तो नहीं?

घंटे बीते। रात ढली। सुबह हुई।

और फिर — वो नन्हा बच्चा, जो कुछ घंटे पहले मौत से लड़ रहा था, अब बिस्तर पर बैठा बिस्किट माँग रहा था, नस की सुई से चिढ़ते हुए।

माँ की आँखों से आँसू बह निकले। इस बार डर के नहीं — राहत और शुक्र के।

**हर माँ-बाप जान लें:**

अगर बच्चे को बुखार में एक ही दिन में दो बार दौरा पड़े, दौरा 5 मिनट से ज़्यादा चले, या शरीर का एक ही हिस्सा ज़्यादा अकड़े — तो ये मामूली नहीं है। ये कहता है: *अभी अस्पताल जाओ, सही डॉक्टर को दिखाओ, इंतज़ार मत करो।*

रात कितनी भी डरावनी क्यों न हो — सही समय पर सही इलाज मिले, तो सुबह ज़रूर होती है।

डॉ. निशांत पाठक
DM (DrNB) Neonatology (Mumbai)
MD Pediatrics (RIMS)
MBBS (Mumbai)
PGPN (Boston, USA)

09/07/2026

940 ग्राम से 2100 ग्राम तक — एक और सफल कहानी!

सिर्फ 28 हफ्ते (लगभग साढ़े 6 महीने) की प्रेगनेंसी में, बहुत जल्दी और बेहद कम वज़न (940 ग्राम) के साथ यह नन्हा योद्धा जन्मा था। आज वो स्वस्थ होकर 2100 ग्राम वज़न के साथ अपने घर जा रहा है।

इतने छोटे और कमज़ोर बच्चों को बचाना आसान नहीं होता। हर दिन, हर घंटा एक चुनौती होती है — सांस लेने से लेकर दूध पचाने तक, हर छोटी चीज़ पर बारीकी से नज़र रखनी पड़ती है। सही समय पर सही इलाज और लगातार देखभाल से ही ऐसे बच्चों को स्वस्थ बनाया जा सकता है।

सालों के अनुभव से ऐसे नाज़ुक और मुश्किल मामलों को संभालना सीखा है, और हर बार जब कोई बच्चा इस तरह स्वस्थ होकर घर जाता है, तो यह सबसे बड़ी खुशी होती है।

माता-पिता के भरोसे के लिए दिल से धन्यवाद 🙏

#बच्चों_का_डॉक्टर

आज फिर एक खुशी भरी विदाई। 💛यह नन्हा बच्चा जन्म के तुरंत बाद गंभीर श्वसन कष्ट (Respiratory Distress) के कारण भर्ती हुआ था...
07/07/2026

आज फिर एक खुशी भरी विदाई। 💛

यह नन्हा बच्चा जन्म के तुरंत बाद गंभीर श्वसन कष्ट (Respiratory Distress) के कारण भर्ती हुआ था और उसे श्वसन सहायता (Respiratory Support) की आवश्यकता पड़ी। कई दिनों की सतर्क निगरानी, विशेषज्ञ देखभाल और उचित उपचार के बाद आज यह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा रहा है।

माता-पिता ने साथ में फोटो खिंचवाई और आभार स्वरूप एक छोटा सा उपहार भी दिया। ऐसे पल ही नियोनेटोलॉजी को सबसे अधिक संतोषजनक बनाते हैं।

सभी माता-पिता से निवेदन: यदि जन्म के बाद शिशु को तेज़ सांस चलना, छाती धंसना, कराहने जैसी आवाज़ आना या दूध पीने में कठिनाई हो, तो इसे सामान्य न समझें। तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ या नियोनेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें। समय पर उपचार नवजात का जीवन बचा सकता है।

आज फिर एक खुशी भरी विदाई। 💛यह नन्हा बच्चा हीमोलिटिक एनीमिया और गंभीर पीलिया के साथ जन्मा था। कई दिनों की सतर्क निगरानी औ...
05/07/2026

आज फिर एक खुशी भरी विदाई। 💛
यह नन्हा बच्चा हीमोलिटिक एनीमिया और गंभीर पीलिया के साथ जन्मा था। कई दिनों की सतर्क निगरानी और सही इलाज के बाद आज बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा रहा है।
माता-पिता ने साथ में फोटो खिंचवाई और आभार स्वरूप एक छोटा सा उपहार भी दिया — ऐसे पल ही नियोनेटोलॉजी को इतना संतोषजनक बनाते हैं।
सभी माता-पिता से निवेदन — नवजात में पीलापन या त्वचा/आँखों का पीलापन दिखे तो देर न करें, तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर पहचान जान बचा सकती है।
#नियोनेटोलॉजी "

Such a heartwarming celebration with Dr. Nishant Pathak: Best Super Specialist in Newborn & Child Care in Ranchi  &his i...
03/07/2026

Such a heartwarming celebration with Dr. Nishant Pathak: Best Super Specialist in Newborn & Child Care in Ranchi &his incredible team!
🎉🩺 Seeing their smiles truly shows the joy in their dedication to newborn & child care in Ranchi. So much love for these healthcare heroes! ❤️👶

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