19/07/2026
रात के ठीक 2 बजे थे। घर में सन्नाटा था, तभी अचानक चीख़ गूँजी — "ये क्या हो रहा है इसे?!"
बेटे की आँखें ऊपर चढ़ गईं। शरीर पत्थर की तरह अकड़ गया। हाथ-पैर झटके खाने लगे। माँ की चीख़ें, पिता के काँपते हाथ — किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें।
फ़ोन करने का होश तक नहीं था। पिता बेटे को उठाकर सीधे गाड़ी में बैठे और अंधेरी सड़कों पर गाड़ी दौड़ा दी — "बस अस्पताल पहुँच जाएँ, बस पहुँच जाएँ..."
ER पहुँचे। लगा जैसे तूफ़ान थम गया। पर ये तूफ़ान अभी शुरू ही हुआ था।
कुछ ही मिनटों में — फिर वही मंज़र। शरीर फिर अकड़ने लगा। आँखें फिर पलटने लगीं।
*दूसरा दौरा।* सिर्फ़ 30 मिनट के अंदर।
ये सुनकर हर माँ-बाप का दिल बैठ जाए। एक दौरा — ठीक है, बुखार में होता है। पर आधे घंटे में दोबारा? ये डरावना संकेत था कि अंदर कुछ और भी गड़बड़ हो सकती है।
उस वक़्त ER में मैं अकेला था। कोई और डॉक्टर नहीं, कोई मदद के लिए इंतज़ार करने का वक़्त नहीं। हर सेकंड कीमती था।
दिमाग़ में एक ही डर बार-बार कौंध रहा था — कहीं ये सिर्फ़ बुखार नहीं, दिमाग़ का बुखार यानी इन्फेक्शन तो नहीं? क्योंकि अगर दौरे बार-बार आते रहें, तो नन्हे दिमाग़ को नुकसान पहुँचने का ख़तरा बढ़ता जाता है।
एक पल भी गँवाए बिना — नस में सुई लगाई, दौरा रोकने की दवा दी, ऑक्सीजन लगाई, ख़ून के नमूने भेजे जाँच के लिए।
धीरे-धीरे झटके थमे। शरीर ढीला पड़ा। साँसें सामान्य हुईं।
पर मन अभी भी बेचैन था — क्योंकि दो दौरे मतलब खतरा अभी टला नहीं था। अगले 24 घंटे हर पल पर नज़र रखी गई:
✔️ कहीं मेनिन्जाइटिस जैसा ख़तरनाक इन्फेक्शन तो नहीं?
✔️ तीसरा दौरा तो नहीं आएगा?
✔️ दिमाग़ की जाँच ज़रूरी तो नहीं?
घंटे बीते। रात ढली। सुबह हुई।
और फिर — वो नन्हा बच्चा, जो कुछ घंटे पहले मौत से लड़ रहा था, अब बिस्तर पर बैठा बिस्किट माँग रहा था, नस की सुई से चिढ़ते हुए।
माँ की आँखों से आँसू बह निकले। इस बार डर के नहीं — राहत और शुक्र के।
**हर माँ-बाप जान लें:**
अगर बच्चे को बुखार में एक ही दिन में दो बार दौरा पड़े, दौरा 5 मिनट से ज़्यादा चले, या शरीर का एक ही हिस्सा ज़्यादा अकड़े — तो ये मामूली नहीं है। ये कहता है: *अभी अस्पताल जाओ, सही डॉक्टर को दिखाओ, इंतज़ार मत करो।*
रात कितनी भी डरावनी क्यों न हो — सही समय पर सही इलाज मिले, तो सुबह ज़रूर होती है।
डॉ. निशांत पाठक
DM (DrNB) Neonatology (Mumbai)
MD Pediatrics (RIMS)
MBBS (Mumbai)
PGPN (Boston, USA)