02/08/2026
र्पेशाब में झाग (Foamy Urine) को हल्के में न लें!
– केसर सिंह, नेचुरोपैथ
Swadeshi Health Institute
कभी-कभी तेज़ धार से पेशाब करने पर कुछ सेकंड के लिए झाग बनना सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि हर बार पेशाब में झाग दिखाई दे, झाग देर तक बना रहे या इसके साथ अन्य लक्षण भी हों, तो यह शरीर की किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
झागदार पेशाब के प्रमुख कारण
1. शरीर में पानी की कमी (Dehydration)
जब शरीर में पानी कम होता है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें झाग दिखाई दे सकते हैं।
2. पेशाब में प्रोटीन आना (Proteinuria)
यदि किडनी के फ़िल्टर (Glomeruli) ठीक से काम नहीं कर रहे हों, तो प्रोटीन पेशाब में निकलने लगता है। यह झागदार पेशाब का सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सीय कारण है।
3. मधुमेह (Diabetes)
लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर किडनी को नुकसान पहुँचा सकती है, जिससे पेशाब में प्रोटीन आने लगता है।
4. हाई ब्लड प्रेशर
उच्च रक्तचाप धीरे-धीरे किडनी को क्षति पहुँचा सकता है और झागदार पेशाब का कारण बन सकता है।
5. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
यदि झाग के साथ जलन, दर्द, दुर्गंध या बार-बार पेशाब आए, तो संक्रमण की संभावना हो सकती है।
6. किडनी की बीमारी
क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़, नेफ्रोटिक सिंड्रोम या अन्य किडनी रोगों में लगातार झागदार पेशाब हो सकता है।
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यदि झागदार पेशाब हो तो क्या करें?
✅ पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ।
✅ ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
✅ अत्यधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय से बचें।
✅ धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ।
✅ बिना चिकित्सकीय सलाह के अनावश्यक प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन न करें।
✅ नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
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ये जाँच अवश्य करवाएँ
• Urine Routine & Microscopy
• Urine Albumin / Protein
• Urine Albumin-Creatinine Ratio (UACR)
• Serum Creatinine
• eGFR
• Blood Sugar (Fasting, PP, HbA1c)
• Blood Pressure
• Lipid Profile (यदि आवश्यक हो)
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तुरंत डॉक्टर से मिलें यदि
🔴 झाग कई दिनों तक लगातार रहे।
🔴 पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन हो।
🔴 पेशाब में खून दिखाई दे।
🔴 पेशाब कम आने लगे।
🔴 कमर या पीठ में दर्द हो।
🔴 लगातार उच्च रक्तचाप या मधुमेह हो।
🔴 अत्यधिक थकान, सांस फूलना या भूख कम लगना शुरू हो जाए।
महत्वपूर्ण संदेश
हर झागदार पेशाब किडनी की बीमारी नहीं होता, लेकिन लगातार झागदार पेशाब को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से किडनी की गंभीर बीमारी को शुरुआती चरण में ही पहचाना और नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वस्थ रहें, नियमित जांच कराएँ और अपने गुर्दों का ध्यान रखें।
– केसर सिंह, नेचुरोपैथ
Swadeshi Health Institute
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल स्वास्थ्य शिक्षा के उद्देश्य से है। किसी भी लक्षण या बीमारी की स्थिति में योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।यदि चाहें, मैं इसी विषय पर 1080×1350 का प्रोफेशनल हिन्दी मेडिकल इन्फोग्राफिक भी तैयार कर सकता हूँ, जिसमें Swadeshi Health Institute की ब्रांडिंग और आकर्षक आइकन शामिल हों।