25/07/2026
"डॉक्टर साहब, मेरी कमर का दर्द कोई साधारण दर्द नहीं है..."
मरीज अक्सर अपनी परेशानी कुछ इस तरह बताता है—
"डॉक्टर साहब, मेरी कमर के निचले हिस्से में कई महीनों से दर्द रहता है। सुबह जब बिस्तर से उठता हूँ तो कमर और पीठ इतनी अकड़ी रहती है कि सीधा खड़ा होने में भी समय लगता है। आधा घंटा या उससे ज़्यादा चलने-फिरने के बाद थोड़ी राहत मिलती है।"
"अगर मैं ज़्यादा देर बैठा रहूँ या आराम करूँ तो दर्द और बढ़ जाता है, लेकिन जैसे ही टहलता हूँ या थोड़ा व्यायाम करता हूँ तो आराम महसूस होता है। रात में भी दर्द के कारण नींद खुल जाती है, खासकर सुबह के समय।"
"धीरे-धीरे दर्द कमर से कूल्हों, नितंबों और पीठ के ऊपरी हिस्से तक पहुँचने लगा है। कभी-कभी गर्दन भी अकड़ जाती है। पहले जितना झुक पाता था, अब उतना नहीं झुक पाता। सीना भी पहले जैसा नहीं फैलता, गहरी सांस लेने पर खिंचाव और दर्द महसूस होता है।"
"कभी-कभी एड़ी में भी बहुत दर्द होता है, जैसे कोई कील चुभ रही हो। कई बार आंख लाल हो जाती है, दर्द होता है और रोशनी चुभती है।"
"दर्द की वजह से काम करने में परेशानी होती है। लंबे समय तक बाइक चलाना, कुर्सी पर बैठना या यात्रा करना मुश्किल हो जाता है।"
✨ एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस क्या है?✨
यह एक दीर्घकालिक (Chronic) सूजन संबंधी ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से रीढ़ की हड्डी (Spine) और सैक्रोइलियक (Sacroiliac) जोड़ में सूजन पैदा कर देती है।
यदि समय पर उपचार न मिले, तो रीढ़ की हड्डियाँ आपस में जुड़ (Fusion) सकती हैं, जिससे पीठ और गर्दन की लचक कम हो जाती है और शरीर झुक सकता है।
👉 मुख्य लक्षण
• कमर के निचले हिस्से में 3 महीने से अधिक समय तक दर्द
• सुबह कमर और पीठ में अकड़न (30 मिनट या उससे अधिक)
• आराम करने से दर्द बढ़ना
• चलने-फिरने या व्यायाम से आराम मिलना
• रात के दूसरे हिस्से में दर्द बढ़ना
• नितंबों में एक तरफ या दोनों तरफ दर्द
• गर्दन और पीठ में अकड़न
• झुकने और मुड़ने में कठिनाई
• गहरी सांस लेने पर सीने में दर्द या जकड़न
• एड़ी में दर्द
• आंख लाल होना, दर्द और धुंधला दिखना
• थकान और कमजोरी
👉 किसे अधिक होता है?
• प्रायः 15–40 वर्ष की आयु में शुरुआत
• पुरुषों में अपेक्षाकृत अधिक
• परिवार में किसी को यह रोग होने पर जोखिम बढ़ जाता है
• HLA-B27 जीन वाले लोगों में संभावना अधिक होती है, हालांकि यह सभी में नहीं पाया जाता।
😫 कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि कमर का दर्द 3 महीने से अधिक समय से हो, सुबह अकड़न रहती हो, आराम करने से दर्द बढ़ता हो और चलने से आराम मिलता हो, तो इसे सामान्य कमर दर्द समझकर नज़रअंदाज़ न करें। समय पर जांच और उपचार से रोग की प्रगति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
✨ एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस में कौन-कौन सी जांच करानी चाहिए और कब करानी चाहिए? ✨
एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) का निदान केवल एक जांच से नहीं होता। मरीज के लक्षण, शारीरिक परीक्षण और विभिन्न जांचों को मिलाकर रोग की पुष्टि की जाती है।
1. शुरुआती जांच (जब पहली बार रोग का संदेह हो)
यदि कमर में 3 महीने से अधिक समय से दर्द हो, सुबह अकड़न रहती हो और चलने से आराम मिलता हो, तो ये जांच करानी चाहिए—
• ESR (Erythrocyte Sedimentation Rate) – शरीर में सूजन का स्तर जानने के लिए।
• CRP (C-Reactive Protein) – सक्रिय सूजन का अधिक संवेदनशील संकेत।
• CBC (Complete Blood Count) – एनीमिया या संक्रमण का आकलन।
• Liver Function Test (LFT) – दवाएं शुरू करने से पहले।
• Kidney Function Test (KFT) – दवाओं के सुरक्षित उपयोग के लिए।
• Vitamin D और Vitamin B12 – यदि हड्डियों या मांसपेशियों की कमजोरी का संदेह हो।
• HLA-B27 – निदान में सहायक, लेकिन केवल इसी के आधार पर रोग की पुष्टि नहीं होती।
2. इमेजिंग (X-ray और MRI)
X-ray Sacroiliac Joint
• सबसे पहले यही जांच कराई जाती है।
• यदि रोग पुराना है, तो इसमें जोड़ में परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं।
MRI Sacroiliac Joint
• यदि X-ray सामान्य हो लेकिन लक्षण स्पष्ट हों।
• शुरुआती अवस्था में सूजन पकड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जांच।
X-ray Spine
• जब गर्दन या पूरी रीढ़ में दर्द, अकड़न या झुकाव बढ़ रहा हो।
3. उपचार शुरू होने के बाद फॉलो-अप
यदि केवल दर्द की दवा (NSAIDs) चल रही हो—
• ESR, CRP: हर 3–6 महीने में (या आवश्यकता अनुसार)।
यदि Sulfasalazine जैसी DMARD दवा चल रही हो—
• CBC, LFT: पहले 3 महीने तक हर महीने, फिर हर 3 महीने।
• KFT: हर 3–6 महीने।
यदि Methotrexate दिया जा रहा हो (विशेष परिस्थितियों में)—
• CBC, LFT, KFT: पहले 1–3 महीने तक हर 2–4 सप्ताह, फिर हर 8–12 सप्ताह।
यदि Biological Therapy (जैसे TNF inhibitors या IL-17 inhibitors) चल रही हो— उपचार शुरू करने से पहले—
• CBC
• LFT
• KFT
• HBsAg, Anti-HCV
• HIV
• TB Screening (Mantoux/IGRA एवं Chest X-ray)
उपचार के दौरान—
• CBC, LFT, KFT: हर 3–6 महीने
• ESR, CRP: रोग की सक्रियता के अनुसार।
4. अन्य जांच
• DEXA Scan (Bone Mineral Density): यदि लंबे समय से रोग हो, बार-बार स्टेरॉयड लिया हो या ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम हो।
• Vitamin D: आवश्यकता अनुसार दोबारा।
• Eye Examination: यदि आंख लाल हो, दर्द हो या धुंधला दिखाई दे।
• ECG / Echocardiography: यदि हृदय संबंधी लक्षण हों।
• Pulmonary Function Test (PFT): यदि सांस लेने में तकलीफ हो या सीने का फैलाव कम हो।
✨ एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) में एलोपैथी की दवाएं – कब और किस स्थिति में दी जाती हैं? ✨
एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस एक दीर्घकालिक सूजन (Chronic Inflammatory Disease) है। आधुनिक चिकित्सा में उपलब्ध दवाओं का मुख्य उद्देश्य दर्द और सूजन कम करना, रीढ़ की कार्यक्षमता बनाए रखना तथा रोग की प्रगति को धीमा करना है। वर्तमान में कोई दवा इस रोग का स्थायी इलाज (Cure) सिद्ध नहीं हुई है।
1. NSAIDs (दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं)
कब दी जाती हैं?
• रोग की शुरुआत में।
• हल्के से मध्यम दर्द और अकड़न होने पर।
• अधिकांश मरीजों में यही प्रथम (First-line) उपचार होता है।
उदाहरण
• Naproxen
• Indomethacin
• Diclofenac
• Etoricoxib
• Celecoxib
सावधानी
• गैस्ट्रिक अल्सर, किडनी रोग, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या हृदय रोग में सावधानी।
• लंबे समय तक उपयोग में किडनी, पेट और हृदय संबंधी दुष्प्रभावों का जोखिम बढ़ सकता है।
2. Proton Pump Inhibitors (PPI)
कब दी जाती हैं?
• यदि NSAIDs लंबे समय तक चलानी हों।
• पेट में अल्सर या एसिडिटी का जोखिम हो।
उदाहरण
• Pantoprazole
• Rabeprazole
• Esomeprazole
3. DMARDs (Disease Modifying Anti-Rheumatic Drugs)
Sulfasalazine
कब दी जाती है?
• जब हाथ-पैर के जोड़ों (Peripheral Arthritis) में सूजन हो।
• केवल रीढ़ की बीमारी (Axial Disease) में इसका लाभ सीमित माना जाता है।
Methotrexate
• केवल विशेष परिस्थितियों में, विशेषकर यदि अन्य जोड़ों की सूजन हो।
• केवल रीढ़ के रोग में सामान्यतः प्रभावी नहीं माना जाता।
4. Corticosteroids (स्टेरॉयड)
कब दिए जाते हैं?
• किसी विशेष जोड़ में अत्यधिक सूजन होने पर स्थानीय इंजेक्शन के रूप में।
• आंख की सूजन (Uveitis) जैसी जटिलताओं में विशेषज्ञ की सलाह से।
• लंबे समय तक नियमित रूप से मुंह से स्टेरॉयड देना एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस के नियमित उपचार का हिस्सा नहीं माना जाता।
उदाहरण
• Prednisolone
• Methylprednisolone
• Triamcinolone (Joint Injection)
5. Biologic DMARDs (जैविक दवाएं)
कब दी जाती हैं?
• जब NSAIDs से पर्याप्त लाभ न मिले।
• MRI या अन्य जांचों में सक्रिय सूजन हो।
• रोग बहुत सक्रिय हो और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा हो।
TNF-alpha Inhibitors
• Adalimumab
• Infliximab
• Etanercept
IL-17 Inhibitors
• Secukinumab
• Ixekizumab
उपचार शुरू करने से पहले
• TB की जांच
• Hepatitis B, Hepatitis C
• HIV
• CBC, LFT, KFT
6. JAK Inhibitors
कब दिए जाते हैं?
• यदि Biologics प्रभावी न हों या उपयुक्त न हों।
• कुछ मरीजों में विशेषज्ञ द्वारा चयनित स्थिति में।
उदाहरण
• Upadacitinib
7. दर्द नियंत्रित करने की सहायक दवाएं
यदि मांसपेशियों में ऐंठन या अतिरिक्त दर्द हो तो चिकित्सक आवश्यकता अनुसार अल्प अवधि के लिए मांसपेशी शिथिलक (Muscle Relaxants) या साधारण दर्द निवारक दवाएं दे सकते हैं।
👉 महत्वपूर्ण बातें
• नियमित व्यायाम और फिजियोथेरेपी उपचार का अनिवार्य हिस्सा हैं।
• धूम्रपान रोग की प्रगति को तेज कर सकता है, इसलिए इससे बचना चाहिए।
• किसी भी दवा को बिना चिकित्सकीय सलाह के शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।
• Biologic और JAK inhibitors प्रभावी हो सकते हैं, लेकिन संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकते हैं, इसलिए उपचार के दौरान नियमित फॉलो-अप और जांच आवश्यक होती है।
✨ एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस में आयुर्वेदिक उपचार ✨
आयुर्वेद में यह रोग मुख्यतः आमवात, वातव्याधि, कटिग्रह एवं त्रिकग्रह के अंतर्गत समझा जाता है। रोग की अवस्था के अनुसार दवाओं का चयन किया जाता है। यहाँ बताई गई किसी भी दवा का प्रयोग बिना चिकित्सक की सलाह लिये नही करना है, क्योंकि मात्रा और कैसे लेनी है इसके लिए परामर्श जरूरी है
1. आम अवस्था (दर्द, सूजन, सुबह अधिक अकड़न)
• सिंहनाद गुग्गुलु
• आमवातारि रस
• रास्ना सप्तक क्वाथ
• दशमूल क्वाथ
• एरण्डमूल क्वाथ
2. निराम अवस्था (सूजन कम होने के बाद)
• महायोगराज गुग्गुलु
• योगराज गुग्गुलु
• अश्वगंधा
• गुडूची
• दशमूलारिष्ट / अश्वगंधारिष्ट (आवश्यकतानुसार)
3. जीवनशैली
• नियमित व्यायाम एवं योग
• गर्म पानी
• हल्का एवं सुपाच्य भोजन
• ठंडे, तले-भुने और बासी भोजन से परहेज
ध्यान दें: दवाओं का चयन रोग की अवस्था, प्रकृति और अन्य रोगों को देखकर योग्य आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा ही किया जाना चाहिए।
Dr Ajay Gupta
BAMS, MD(Kayachikitsa),
Ph.D. (IMS-BHU, Varanasi)
Assistant Professor
Government Ayurveda Medical College
Former Assistant Professor, IMS, BHU
Senior Ayurveda Consultant
More than 20+ Years of Experience
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