06/16/2026
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसका शरीर हमारे सामने ही होता है, फिर भी हम कहते हैं – "वह चला गया।"
क्यों?
क्योंकि मनुष्य केवल शरीर नहीं है। शरीर तो एक साधन है, लेकिन उसकी चेतना, उसकी आत्मा, उसके विचार, उसकी भावनाएँ ही उसकी वास्तविक पहचान हैं। मृत्यु के बाद शरीर वहीं रह जाता है, पर वह चेतना जो उसे जीवित रखती थी, दिखाई नहीं देती। इसलिए हम कहते हैं कि व्यक्ति चला गया।
भगवद्गीता भी बताती है कि आत्मा न जन्म लेती है और न मरती है। शरीर बदलता है, पर आत्मा अपनी यात्रा जारी रखती है।
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