23/03/2026
जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो अपनी बात इस तरह से रखेंगे तो आपका लाभ होगा । ✅
डॉक्टर को बात बेहतर समझ आयेगी, निदान और इलाज सटीक होगा ।
- सबसे पहले जाकर आराम से बैठें। जल्दी में घुसते ही खड़े खड़े ही अपनी दिक्कत बताना शुरू ना करें ।
- आपकी जो मुख्य तकलीफ़ है वो सबसे पहले बतायें । जिसके लिए आप डॉक्टर के पास आये हैं और उसका विवरण ठीक से दें ।
जैसे कि कान बहता है और दर्द करता है। गले में कुछ खाते या निगलते समय चुभन या दर्द महसूस होना | डॉक्टर अपने आप आगे के सवाल पूछेगा उसके बारे में वो जितना हो सके सही जवाब देने की कोशिश करें ।
कम ज़रूरी तकलीफ़ें जैसे नींद नहीं आती , लैट्रिन नहीं आती ये सब आख़िरी में बतायें , शुरुआत इससे ना करें ।
- दूसरा कदम है अपनी कोई पुरानी बीमारी है जैसे शुगर , बीपी , थाइरोइड , पुरानी कोई भी लंबी बीमारी या इलाज चला हो , वो बतायें।
- सबसे आखिरी कदम होता है ( जो की आप लोग घुसते ही सबसे पहले करते हैं , और वहीं सब गड़बड़ हो जाती है ) - अपनी रिपोर्ट्स दिखाना , पहले जिस भी डॉक्टर को दिखाया है अगर तो उनके पर्चे दिखाना , उन्होंने क्या बताया वो बताना ।
अगर आप इस क्रम में चलेंगे तो आप की बीमारी की diagnosis बेहतर और जल्दी होगी , कम जाँचों की ज़रूरत पड़ेगी , और इलाज भी बेहतर हो पाएगा।
जो लोग ऐसी बातें करते हैं उनका इलाज कभी भी ठीक से नहीं हो पता - जिनसे पूछो हांजी क्या तकलीफ़ है आपको ? और जवाब आता है ये पर्चे हैं, रिपोर्ट्स हैं देख लो क्या तकलीफ़ है ।