11/03/2026
इफ़्तार की मेज़ पर अपनों का साथ हो, तो दुआओं में और भी बरकत होती है।मेरी आपसे निजी गुज़ारिश है की आप इस बुलावे को ख़ास अहमियत दे और आप ज़रूर शिरकत फ़रमाए। आपकी शिरकत हमारी खुशियों को और बढ़ा देगी। दुआओं में याद रखें।"
डॉ.राशिद चौधरी