Dr.Himanshu Yadav

Dr.Himanshu Yadav Dr.Himanshu Yadav is Intervention Cardiologist.VN heart care(68 gajanan nagar,kothi meena bazar, Agra Cardiologist ( हृदय रोग विशेशज्ञ)
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25/05/2026

एक मरीज़ मेरे पास OPD में आये चलते हुए जिनकी सांस फूल रही थी । मैंने जाँच और निदान कर के बताया की ये हार्ट फेलियर के लक्षण हैं । इसमें तुरंत भर्ती होने की आवशयकता है । मैंने यह भी बताया की हो सकता है दवा से ठीक हो जायें घर पर । परंतु अचानक बहुत ज़्यादा साँस उखड़ने की संभावना है , तब भागे भागे आना पड़ेगा , और तब कंट्रोल कर पाएंगे या नहीं हमे नहीं पता।
मरीज़ ने कहा हम कल आयेंगे । मैंने कहा जैसी मर्जी ।
मैं जितना बता सकता था बता दिया । पर्चे पर लिख दिया की मरीज़ को भर्ती बताया गया है , मरीज़ ने माना कर दिया । ज़्यादा ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करी जाती , फिर डॉक्टर को लालची बोला जाता है। हमारा काम बता कर और लिख कर ख़त्म, बाक़ी मरीज़ की मर्ज़ी ।

मेरी क्लिनिक से जाने के कुछ घंटे बाद ही मरीज़ बुरी तरह साँस फुलाते हुए और अचेत अवस्था में अस्पताल पहुँचे । वहाँ उनका CPR किया गया । वेंटीलेटर पर डाला गया । हालत बहुत नाज़ुक थी । बताया गया कि प्रयास करते हैं , बचेंगे को नहीं पता नहीं।
बहराल आज 4 दिन बाद मरीज़ वेंटीलेटर से बाहर हैं। और काफ़ी सुधार है, बात चीत कर रहे हैं ।
इसमें सीखने वाली बात ये है की-
1. हार्ट की बीमारी में कई बार अचानक , पल पल में चीज़ें बदल जाती हैं। और बाहर से देखने में मरीज़ और तीमारदार को एहसास नहीं होता कि अंदर क्या चल रहा है, उसे तो लगता है की मामला गंभीर नहीं है , हमारा मरीज़ तो होश में है, बैठा है, बोल रहा है। डाक्टर कहाँ से गंभीर बता रहा।
2. यही मरीज़ हो सकता था की घर पर दवाई खा के भी बेहतर हो जाता , तो भी तीमारदार कहते हैं अरे बच गए , डॉक्टर तो बेवकूफ बना रहा था , भर्ती की सलाह दे रहा था , अच्छा हुआ भर्ती नहीं हुए , इन्हें तो वैसे ही आराम हो गया ।
इसलिए डाक्टर नपे तुले शब्दों का प्रयोग करता है । डाक्टर ने भर्ती बता कर अपना काम भी किया , और ज़बरदस्ती ना कर के लोभी लालची के इल्ज़ाम से भी बचा।
अक़्लमंदी इसी में है की जब भर्ती की सलाह दी जाए , तो बड़ी विपदा से बचने के लिए 1-2 दिन भर्ती हो जाया जाए । क्युकी हार्ट की बीमारी में बड़ी अनिश्चितताएं हैं। और पल पल में चीज़ें बदल जाती हैं।

स्वर्गीय पिताजी की जन्मतिथि  के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर थका देने वाला लेकिन संतोषजनक रहा। 12 घंटे लगातार ओपीडी चली। 32...
17/05/2026

स्वर्गीय पिताजी की जन्मतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर थका देने वाला लेकिन संतोषजनक रहा। 12 घंटे लगातार ओपीडी चली। 320 से अधिक पंजीकरण हुए। प्रत्येक मरीज को 8000/- रुपये मूल्य की परामर्श सेवा और बिल्कुल मुफ्त जांचें हुई । मेरा consultation , physician consultation ,Dietician, ECG,Sugar, Hba1c, Lipid profile, NT RPBNP, CBC, KFT, Thyroid profile सभी निःशुल्क थे। 60 से अधिक इको जांच और 15 टीएमटी किए गए। 🙏
हमने अपनी पूरी ताक़त और मेहनत लगाई । सबके लिए पानी एवं चाय की व्यवस्था भी की गई ।भीड़ में कुछ असुविधा तो हुई होगी । उसके लिए मेरी तरफ़ से खेद है 🙏

जिनको ज़रूरत है ,कल के कैम्प का लाभ उठायें 🙏
16/05/2026

जिनको ज़रूरत है ,कल के कैम्प का लाभ उठायें 🙏

17 May , Camp . At clinic VN heart care , Agra. 🙏
11/05/2026

17 May , Camp . At clinic
VN heart care , Agra. 🙏

आज मेरे पिता श्री डॉ विनय यादव जी की जन्म तिथि है । उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद हमे मिलता रहे , यह प्रभु से मैं कामना क...
05/05/2026

आज मेरे पिता श्री डॉ विनय यादव जी की जन्म तिथि है । उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद हमे मिलता रहे , यह प्रभु से मैं कामना करता हूँ और उनको नमन करता हूँ 🙏।
उनकी स्मृति में लगाया जाने वाला वार्षिक निशुल्क कैम्प 17 may sunday को VN heart clinic पर लगेगा ।

जब हम कोई मरीज़ देखते हैं , तो केवल दवा लिखने से कुछ नहीं होता । मुद्दे की बात होती है diagnosis लिखना , सही निदान । ये ...
01/05/2026

जब हम कोई मरीज़ देखते हैं , तो केवल दवा लिखने से कुछ नहीं होता ।
मुद्दे की बात होती है diagnosis लिखना , सही निदान ।
ये मरीज़ सीने में दर्द कर के आये । इन्हें evaluate किया और साफ़ साफ़ पर्चे पर लिखा की “ NON CARDIAC “ . मतलब इनकी समस्या हार्ट से संबंधित नहीं है । ताकि आगे भी ये पर्चा किसी को दिखायें , दूसरे डाक्टर के पास जाएं तो ये बात clear रहे की ये हार्ट के मरीज़ नहीं हैं ।
मैंने कई बार देखा है की पर्चे पर केवल दवाएं लिखी रहती हैं , बीमारी के बारे में कुछ नहीं लिखा रहता , मैं इस तरह के इलाज को कुछ नहीं समझता ।
डाक्टर को पर्चा लिखते वक्त इतना confidence होना चाहिए की डायग्नोसिस क्या है । और आपको ये बात पूछने का पूरा हक है । कई मरीज़ सालों से इलाज करा रहे होते हैं कहीं से, तो में पूछता हूँ की बीमारी क्या बताई गई थी । तो वो कहते हैं ये तो कुछ बताया नहीं ।
कई बार हम भी एक बार में diagnosis नहीं बना पाते, तो ये बात भी पर्चे पर लिखते हैं की अभी और जांचों की आवशयकता है । डायग्नोसिस पक्की नहीं है।

100% सत्य । -रिजल्ट अच्छा बुरा हुआ है । -कभी कोई मरीज़ बचा कभी नहीं बचा । -कभी कोई संतुष्ट होकर गया , कभी नहीं गया ।-कभी...
30/04/2026

100% सत्य ।
-रिजल्ट अच्छा बुरा हुआ है ।
-कभी कोई मरीज़ बचा कभी नहीं बचा ।
-कभी कोई संतुष्ट होकर गया , कभी नहीं गया ।
-कभी किसी से मेरा व्यवहार अच्छा रहा या नहीं रहा ।
-किसी की ज़्यादा जांचें हुई , किसी की कम ।
-किसी का ख़र्चा ज़्यादा हुआ , किसी का कम।
-किसी की सटीक डायग्नोसिस बन पायी , किसी की नहीं ।
लेकिन मेरा intention , मेरी नियत पर सवाल नहीं उठ सकता ज़िन्दगी में आजतक और मरते दम तक । इसका मुझे अपने आप पर भरोसा है ।
तरीका और रास्ता सबमे अलग अलग था , किसी को पसंद आया , किसी को नहीं आया ,पर नियत हमेशा मरीज़ की बेहतरी ही थी ।

17/04/2026
16/04/2026

में अपने फेसबुक पर अज का ज्ञान श्रृंखला लिखता हूँ , जिसमे मेरे फील्ड कार्डियोलॉजी से संबंधित बातें लिखता हूँ जो आपके ज़रूरत पड़ने पर काम आयें ।
कभी कभी मेरा अपने जीवन के कुछ और experiences लिखने का मन करता है । आज शुरू करता हूँ ।
जीवन में एक मूल मंत्र जिस पर में चलता हूँ और अपने से छोटे जो जीवन की शुरुआत कर रहे हैं उन्हें बताता हूँ
कि काम के पीछे भागो, आपका का जो भी काम है उसमे निपुणता के पीछे भागो , उस काम को बेहतर बनाने के पीछे भागो । अपने काम में आपको मज़ा आना चाहिए । रो रो के काम नहीं करना ।
जब ये सब करोगे तो पैसा अपने आप पीछे पीछे आयेगा । पैसा आपके काम का BYE PRODUCT है । मूलतः पैसे के पीछे कभी मत भागो , नहीं तो पैसा आगे आगे भागेगा ।

Traffic jam tha.. car ke liye raste band the. aj 14 saal baad scooty chalai.!
15/04/2026

Traffic jam tha.. car ke liye raste band the. aj 14 saal baad scooty chalai.!

आज एक एंजियोप्लास्टी करने का मौक़ा मिला जिसे पहले तो देख के मेरा सर चकरा गया । आम तौर पर हार्ट में 2 धमनियां बायीं तरफ़ ...
15/04/2026

आज एक एंजियोप्लास्टी करने का मौक़ा मिला जिसे पहले तो देख के मेरा सर चकरा गया ।
आम तौर पर हार्ट में 2 धमनियां बायीं तरफ़ से निकलती हैं , और 1 धमनी दायीं तरफ़ से ।
इस मरीज़ में केवल दायीं तरफ़ से ही सारी धमनियां निकल रही थीं। बायीं तरफ़ कुछ था ही नहीं ।
और जो धमनी दायें से बाएं जा रही थी उसमे 99% का ब्लॉकेज था । इसलिए उसे खोलना आवश्यक था ।
नहीं तो उस धमनी के पूरी तरह 100% बंद होने पर अचानक बैठे बैठे जान का खतरा पैदा हो सकता था ।
इस तरह के केस करने की ना ही कोई training होती है,ना ही कोई equipment होता है ।
क्युकी ऐसा केस .008% में पाया जाता है । मतलब लगभग 15000 केसेस में एक ।
बहराल काफ़ी प्रयासों के बाद इस मरीज़ की सफल एंजियोप्लास्टी हुई और मरीज़ अब स्वास्थ्य है । 🙏

Address

68 Gajanan Nagar, Kothi Meena Bazar, Near CNG Petrol Pump, Shahganj
Agra
282010

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