Ambaji Upasak Jyotish

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20/08/2026

जल्दी विवाह के ज्योतिषीय संकेत 💍✨

क्या लड़के की कुंडली में लग्नेश और शुक्र की निकटता विवाह के जल्दी होने का संकेत दे सकती है?
इस ज्योतिषीय नियम को आसान भाषा में समझिए और अपनी कुंडली में इस योग को जरूर देखिए। 🔮

📌 नोट: विवाह का समय तय करने के लिए पूरी कुंडली, 7वां भाव, 7वें भाव के स्वामी, शुक्र, दशा-अंतर्दशा और अन्य योगों का भी अध्ययन आवश्यक है।

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हिंदू और बौद्ध धर्म (विशेषकर तंत्र साधना) में मां तारा को दस महाविद्याओं में द्वितीय शक्ति माना जाता है। 'तारा' नाम का अ...
20/08/2026

हिंदू और बौद्ध धर्म (विशेषकर तंत्र साधना) में मां तारा को दस महाविद्याओं में द्वितीय शक्ति माना जाता है। 'तारा' नाम का अर्थ है "तारने वाली" या मोक्ष और कष्टों से पार लगाने वाली देवी।

मां तारा अपने भक्तों को संसार के समस्त भय, संकट और दारिद्र्य से मुक्त कर भवसागर से पार लगाती हैं।
​संकटमोचनी व उग्रतारा: किसी भी प्रकार की विपत्ति, कोर्ट-कचहरी के विवाद, या शारीरिक-मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए मां के उग्रतारा स्वरूप की साधना अत्यंत फलदाई मानी जाती है।

























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क्या माँ कामाख्या हर साल आषाढ़ महीने में पीरियड्स करती हैं। इस समय को अंबुबाची कहा जाता है। यह खून का बहाव धरती की उपजाऊ...
20/08/2026

क्या माँ कामाख्या हर साल आषाढ़ महीने में पीरियड्स करती हैं। इस समय को अंबुबाची कहा जाता है। यह खून का बहाव धरती की उपजाऊ शक्ति और सृष्टि के पहिये को चलाते रहने के लिए बहुत पवित्र है। जो आम लोगों के लिए 'शर्म' या 'नफरत' की बात है, तंत्र में वही 'महास्रोत' है।

*खून का आध्यात्मिक महत्व:-

यह खून बेकार नहीं है, बल्कि जीवन का बीज है। माँ कामाख्या की यह रक्त धारा असल में ब्रह्मांड की जीवन शक्ति है। जिस खून से जीवन बनता है, वह कभी अशुद्ध नहीं हो सकता।

*तंत्र साधना में मासिक धर्म का महत्व:-

तंत्र शास्त्र में मासिक धर्म या पीरियड को बहुत ऊँचा स्थान दिया गया है। वामाक्षयापा से शुरू करके, कई सिद्ध साधकों ने इस अवस्था में स्त्री शक्ति की पूजा करने की बात कही है।

*अत्यधिक शक्ति का स्रोत:-

पीरियड्स के दौरान एक महिला के शरीर में होने वाले हॉर्मोन और एनर्जी में बदलाव उसे बहुत ज़्यादा संवेदनशील और आध्यात्मिक रूप से मज़बूत बनाते हैं। इस समय, महिला खुद 'जीवित कामाख्या' होती है।

*अजेय शक्ति:-

ऐसा माना जाता है कि अगर कोई महिला इस अवस्था में सही तरीके से साधना या ध्यान करती है, तो प्रकृति या ब्रह्मांड में कुछ भी उसके कंट्रोल से बाहर नहीं होता। क्योंकि तब वह सीधे सृष्टि के मुख्य स्रोत से जुड़ जाती है। *पंचतत्व और कुलकुंडलिनी:-

तंत्र के अनुसार, इस खून को 'रज' कहते हैं जो साधना में कुंडलिनी एनर्जी को जगाने में मदद करता है। जहाँ समाज इस समय महिलाओं को अछूत मानकर उनसे दूर रखता है, वहीं तंत्र उन्हें 'सबसे बड़ी देवी' मानकर उनका स्वागत करता है।

सामाजिक अंधविश्वास बनाम पूरा सच
लोग उस चीज़ से डरते हैं या उससे नफ़रत करते हैं जिसे वे समझते नहीं हैं। पीरियड्स को लेकर शर्म या नफ़रत असल में पुरुष-प्रधान समाज की थोपी हुई एक गलतफ़हमी है।

*पवित्रता की नई परिभाषा:-

यह तस्वीर दिखाती है कि पूरा ब्रह्मांड देवी के खून से बना है। उनके नीचे लेटे शिव (पुरुष) असल में एक निष्क्रिय पत्थर हैं, जिन्हें देवी की इस ज़रूरी एनर्जी से जगाया जाता है।

*नफ़रत नहीं, बल्कि प्रणाम:-

खून ज़िंदगी का लाल रंग है। इसके बिना दुनिया का होना नामुमकिन है। इसलिए, पीरियड्स वाली महिला अशुद्ध नहीं होती, बल्कि वह उस समय धरती पर सबसे पवित्र और ताकतवर होती है।

*निष्कर्ष:-

माँ कामाख्या हमें सिखाती हैं कि प्रकृति का कोई भी नियम शर्मिंदा होने लायक नहीं है। जब एक महिला अपनी इस प्राकृतिक शक्ति का सम्मान करती है और साधना में लग जाती है, तो वह एक आम इंसान नहीं रहती - वह आध्याशक्ति बन जाती है। यह खून ही वह माध्यम है जिससे एक महिला दुनिया को संभालती है, उसे पालती है, और ज़रूरत पड़ने पर उसे नष्ट भी कर सकती है। इसलिए, इसे नफ़रत से नहीं, बल्कि पूरे सम्मान से देखना चाहिए,

ां तारा --- मां तारा को आदिशक्ति का ही एक स्वरूप माना जाता है। वह समय, काल और शून्य की देवी हैं, जो संसार के सभी बंधनों और भयों से मुक्त करती हैं।

​तारापिठ और तांत्रिक साधना: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित तारापिठ मां तारा का अत्यंत प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। तांत्रिक और अघोर साधना में मां तारा की उपासना का विशेष महत्व है।

​संकट निवारण: इन्हें "तारिणी" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पार लगाने वाली। मान्यता है कि जीवन के विकट संकटों, बाधाओं और अनिष्ट से रक्षा के लिए मां तारा की आराधना अत्यंत प्रभावी होती है।

























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क्या आप जानते हैं समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक 'कामधेनु' गाय क्यों इतनी चमत्कारी थी? माँ कामधेनु: उत्पत्ति, ...
20/08/2026

क्या आप जानते हैं समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से एक 'कामधेनु' गाय क्यों इतनी चमत्कारी थी?
माँ कामधेनु: उत्पत्ति, रहस्य और अद्भुत चमत्कार

सनातन धर्म में 'कामधेनु' को मात्र एक पशु नहीं, बल्कि एक साक्षात देवी और सभी गायों की माता माना जाता है। "कामधेनु" का अर्थ ही है— आपकी हर मनोकामना पूरी करने वाली दिव्य गौमाता!
आइए जानते हैं माँ कामधेनु की उत्पत्ति और उनके चमत्कारों से जुड़ी कुछ बेहद खास बातें:

कैसे हुई माँ कामधेनु की उत्पत्ति? 👇

पुराणों में इनकी उत्पत्ति की दो प्रमुख कथाएं मिलती हैं:
समुद्र मंथन से: जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था, तब उसमें से निकले 14 अनमोल रत्नों में से एक माँ कामधेनु भी थीं। यज्ञ और धर्म-कर्म सुचारु रूप से चलते रहें, इसलिए देवताओं ने इन्हें 'महर्षि वशिष्ठ' को सौंप दिया।
ब्रह्मा जी की तपस्या: कुछ ग्रंथों के अनुसार, स्वयं ब्रह्मा जी ने संपूर्ण ब्रह्मांड के कल्याण और जीव-जंतुओं के पोषण के लिए अपने तपोबल से माँ कामधेनु की रचना की थी।

माँ कामधेनु के 4 सबसे बड़े चमत्कार: 👇

1. छप्पन भोग और हर इच्छा की पूर्ति
कामधेनु अपने स्वामी की हर कामना पल भर में पूरी कर सकती थीं। महर्षि वशिष्ठ के आश्रम में चाहे कितने भी अतिथि क्यों न आ जाएं, कामधेनु अपनी दिव्य शक्तियों से क्षण भर में सबके लिए स्वादिष्ट भोजन और आवश्यक वस्तुएं प्रकट कर देती थीं।

2. विश्वामित्र की विशाल सेना को हराना
एक बार राजा विश्वामित्र ने आश्रम में कामधेनु के चमत्कार देखे, तो वे बलपूर्वक उन्हें अपने साथ ले जाने लगे। तब माँ कामधेनु ने अपनी जादुई शक्ति से एक विशाल और अजेय सेना उत्पन्न कर दी, जिसने विश्वामित्र की पूरी सेना को धूल चटा दी।

3. शरीर में संपूर्ण ब्रह्मांड और देवताओं का वास
माँ कामधेनु का स्वरूप अत्यंत दिव्य है। उनके सींगों में ब्रह्मा-विष्णु, मस्तक पर भगवान शिव, आँखों में सूर्य-चंद्र, चरणों में हिमालय पर्वत और पूंछ में स्वयं माँ गंगा का वास माना जाता है।

4. अमृत के समान औषधीय गुण
कामधेनु का दूध, घी और पंचगव्य साक्षात अमृत के समान माने जाते थे। इनके दिव्य गुणों से बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज होता था और यज्ञों में परम शुद्धता आती थी।
आज भी भारतीय संस्कृति में गौमाता को सुख, शांति, समृद्धि और वात्सल्य का प्रतीक माना जाता है।

























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हिन्दुस्तान में बहुत से लोग गाय मांस में प्रोटीन का अच्छा स्रोत कहते रहते हैं, उनके लिये ये जवाब है।एक बहुत ही ताकतवर सम...
20/08/2026

हिन्दुस्तान में बहुत से लोग गाय मांस में प्रोटीन का अच्छा स्रोत कहते रहते हैं, उनके लिये ये जवाब है।

एक बहुत ही ताकतवर सम्राट थे, उनकी बेटी इतनी सुंदर थी, कि देवता भी सोचते थे कि यदि इससे विवाह हो जाये तो उनका जीवन धन्य हो जाये। इस कन्या की सुंदरता की चर्चा सारी त्रिलोकी में थी। सम्राट इस बात को जानते थे। एक पूरी रात वो अपने कमरे में घूमते रहे। सुबह जब महारानी जागी तो देखा सम्राट अपने कमरे में घुम रहे हैं। महारानी ने पूछा लगता है, आप पूरी रात सोये नहीं हैं, कोई कष्ट है क्या? उन्होंने कहा कि अपनी बेटी को लेकर चिंता है, लेकिन निर्णय मैंने कर लिया। समरथ को नहीं कोई दोष गुसाईं। महारानी ने पूछा क्या? उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी से खुद विवाह करूंगा। समर्थ पुरुष को तो कोई दोष लगता ही नहीं। महारानी ने बहुत समझाया, लेकिन जिसकी समझ पर पत्थर पड़ जाये तो क्या किया जाये।

सम्राट राज सभा गये, वहां उन्होंने ऐलान कर दिया मैं इस धरती का समर्थ पुरुष हूं, अपनी बेटी से स्वयं ही विवाह करूंगा। समरथ को नहीं दोष गुसाईं। किसी में विरोध की ताकत नहीं थी। मुहुर्त निकाला गया।

महारानी चुपचाप से एक महात्मा से मिलने के लिये गई, सारी बात रो रो कर बताई। महात्मा ने कहा कि विवाह से एक दिन पहले मैं आपके यहां भोजन करने आऊंगा। नियत समय पर महात्मा पहुंचे। उन्होंने तीन थालियां लगवाईं। सम्राट को राज सभा से भोजन के लिये बुलाया गया। सम्राट ने कहा कल मेरा विवाह है, आज महात्मा भोजन के लिये पधारे हैं सब शुभ ही शुभ है।

सम्राट भोजन के लिये आये, महात्मा को प्रणाम किया। महात्मा ने कहा राजन मेरे कई जन्म गुजर गये समर्थ पुरुष की तलाश में, सुना है आप समर्थ पुरुष हैं। आपके साथ भोजन करके मैं धन्य हो जाऊंगा। महात्मा ने थाली लगवाई, एक थाली में ५६ भोग दूसरी में विष्टा (Toilet) था। महात्मा ने दूसरी थाली सम्राट के सामने लगाकर कहा भोजन करिये। सम्राट बहुत क्रोधित हुए। महात्मा ने कहा आप तो समर्थ पुरुष हैं, आप को कोई दोष नहीं लगेगा। और मेरी भी आज कई जन्म की तपस्या पूरी हो जायेगी।

सम्राट ने हताश होकर कहा मुझसे नहीं होगा। महात्मा ने योग बल से सुअर का वेष धारण किया और विष्टा सेवन कर लिया। और पुन: अपने वेष में आ गये। सम्राट वहीं घुटने के बल बैठ गये।

लोगों को अपनी परिभाषायें ठीक करनी चाहिए। गाय मे भी प्रोटीन है, पेड़, मनुष्य सभी जीव में प्रोटीन हैं। लेकिन सब खाये नहीं जाते हैं। माता, बहन और पत्नी तीनों ही तो स्त्रियां हैं, फिर तीनों के प्रति नजरिया अलग क्यों होता है। ध्यान रहे हिन्दुओं में कुछ भी अवैज्ञानिक नहीं है। हिन्दू एक मात्र ऐसा है धरती पर जिसने मन खोजा, आत्मा परमात्मा भी खोजा। अदृश्य को शाश्वत बनाने का दम सिर्फ हिन्दुओं में ही है। इसलिये हिन्दू जब गाय को माता कहता है तो उसके ठोस और वैज्ञानिक कारण हैं।
























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मां तारा --- मां तारा को आदिशक्ति का ही एक स्वरूप माना जाता है। वह समय, काल और शून्य की देवी हैं, जो संसार के सभी बंधनों...
20/08/2026

मां तारा --- मां तारा को आदिशक्ति का ही एक स्वरूप माना जाता है। वह समय, काल और शून्य की देवी हैं, जो संसार के सभी बंधनों और भयों से मुक्त करती हैं।

​तारापिठ और तांत्रिक साधना: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित तारापिठ मां तारा का अत्यंत प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। तांत्रिक और अघोर साधना में मां तारा की उपासना का विशेष महत्व है।

​संकट निवारण: इन्हें "तारिणी" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पार लगाने वाली। मान्यता है कि जीवन के विकट संकटों, बाधाओं और अनिष्ट से रक्षा के लिए मां तारा की आराधना अत्यंत प्रभावी होती है।

























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**શ્રી.અંબાજી ઉપાસક જ્યોતિષ* .9737168423 *ઓનલાઇન નકલી ** *જ્યોતિષીઓ થી સાવચેત** *રહો.* ,***** *@*જેવું જોઈએ તેવું થશે.@*...
19/08/2026

**શ્રી.અંબાજી ઉપાસક જ્યોતિષ* .9737168423 *ઓનલાઇન નકલી ** *જ્યોતિષીઓ થી સાવચેત** *રહો.* ,***** *@*જેવું જોઈએ તેવું થશે.@* *ઘરે બેઠા બેઠા ફોન થી કામ કરવામાં* *આવસે* 1 *. વશીકરણ* 2. *લવ પ્રોબ્લેમ /લવમેરેજ*વશીકરણ.* 3. *મોહિની વશીકરણ.* 4. *રીસાયેલા બોયફ્રેન્ડ કે ગર્લફ્રેન્ડ ** ને *મનાવવા માટે એક* *વાર ખાસ મલો** 5. *તૂટેલા પ્રેમ સંબંધ ફરી જોડવા* માટે મલો 6. *રિશાયેલી પિહર ગયેલી તમારી* *પત્ની ને પાછી લાવી શકાય* છે 7. *તૂટેલા જૂના માં જૂના સંબંધ* ફરી જોડનાર 8. *ગે અને લેસ્બિયન સેક્સ* વશીકરણ 9. *શત્રુનાશ અને મુઠ્ચોટ પાકે પાયે* કરી આપું 10. *છૂટાછેડા કરવાના /રોકવાના* હોય તો 11. *કોઈ પણ કાર્યસિદ્ધિ કરવા* માટે વશીકરણ કરવામાં આવે છે. 12. *તમારી ધારેલી વ્યક્તિનું મિલન* કરાવી આપું. 13. *સંતાન નું સારું શિક્ષણ અને* *ભણતર માટે સરસ્વતી* વશીકરણ *વિદ્યાપ્રાપ્તિ વિધિ* 14. *વિદેશમાં રહેતા ભાઈ બહેનો* નું *કામ ફોન થી કરી આપીશ* *શ્રદ્ધા અને વિશ્વાસ રાખીને જ કૉલ* કરતા *મારું કરેલું કાર્ય અતૂટ રહેશે* કૉલ 9737168423 જય માતાજી અંબાજી સોનું ભલું કરો 🙏🙏🙏🙏🙏

16/08/2026

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