30/01/2026
दस दिक्पाल (दसों दिशाओं के रक्षक देवताओं) के पूजन के लिए इन्द्रादिदशदिक्पाल मंत्र का प्रयोग किया जाता है। मुख्य मंत्र 'ॐ इन्द्रादिदशदिक्पालेभ्यो नमः' है, जिसके बाद दिक्पालों के आह्वान और स्थापन के लिए 'ॐ भूर्भुवः स्वः [दिक्पाल का नाम] इहागच्छ, इह तिष्ठ' का प्रयोग किया जाता है, जिसमें कुबेर (उत्तर), ईशान (ईशान), इंद्र (पूर्व), अग्नि (आग्नेय), यम (दक्षिण), नऋति (नैऋत्य), वरुण (पश्चिम), वायु (वायव्य), ब्रह्मा (ऊर्ध्व), और अनंत (अधो) शामिल हैं।
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🌟 मशहूर अम्बे उपासक राकेश कुमार जोशी
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