15/08/2024
कैसे मैं आजादी का जश्न मनाऊं
कैसे मैं खुद को आजाद बताऊं
इस सभ्य समाज ने सारी मर्यादा लांघी है
सरे आम आबरू सूली पर टांगी है
प्रशासन शासन मौन पड़ा
अभया को न्याय दिलाने कौन खड़ा
क्या बेटी बनना पाप हो गया
क्या डॉक्टर बनना अभिशाप हो गया
अंतर्मन झकझोर उठा, कैसे इसे समझाऊं
मन करता स्टेथ 🩺 छोड़ ,मैं भी हथियार उठाऊं
कैसे मैं आजादी का जश्न मनाऊं
कैसे मैं खुद को आजाद बताऊं।*
for Kolkata R**e and murder case