05/08/2026
सीने में दर्द लेकर एक मरीज़ आये मेरे पास। मैंने जाँच कर के बताया की ये हार्ट अटैक है। इसमें तुरंत भर्ती होके एंजियोप्लास्टी की ज़रूरत है।
हार्ट अटैक का मतलब होता है हार्ट में खून की धमनियों में रुकावट। इससे हार्ट की मांसपेशियाँ कमज़ोर होने लगती है और हार्ट की पंपिंग पॉवर कम होने लगता है। बिना इलाज के भी 10 में से 8 लोग बच जाएँगे। जान नहीं जाएगी। हाँ, बिना किसी भी इलाज के भी हार्ट अटैक के ज़्यादातर मरीज़ मरते नहीं हैं।
पर हार्ट की ताक़त ज़िंदगी भर के लिए कम हो जाती है। इसका एहसास 1-2 महीने बाद से होगा जब हार्ट फेलियर के लक्षण आने लगेंगे, जैसे सांस फूलना, सूजन आना, हर काम में थकान रहना। और जीवन का स्तर पहले जैसा कभी नहीं हो पाएगा।
बहरहाल बहुत समय सोचने के बाद उन्होंने फ़ैसला लिया कि हम परसों आयेंगे।
हार्ट अटैक में मैं एक बात बार बार बोलता हूँ। अगर इलाज कराने की क्षमता और इच्छाशक्ति है तो आज इलाज कराओ। और अगर नहीं है तो परसों भी मत कराओ। उससे खर्चा उतना ही होगा, लाभ आधा भी नहीं होगा। परसों तक ज़िंदा बच गए तो अटैक से मरना तो वैसे भी नहीं है। और एंजियोप्लास्टी से पंपिंग पावर अब वापस आएगी नहीं।
अब आप लोग कहेंगे की पैसे का इंतज़ाम भी तो करना है। हमारे यहाँ तुरंत सारे पैसे जमा करने के लिए नहीं बोलै जाता। इलाज तुरंत होना चाहिए, पैसे परसों जमा हो जाएँगे, वैसे भी आप परसों वापस आने वाले थे।