24/04/2022
😊🌱 *स्वस्थ बने रहने निरोग होने के लिए आयुर्वेद पंचकर्म कराना सभी को बहुत जरूरी है*🌱😊
😊🌴 *पूरी दुनिया अब आयुर्वेद की दीवानी*🌴☺️
😊☘️ *दर्द सहने व रोग बढ़ाने की जरुरत नही है तुरंत 9935377666 पर काल करें*☘️😊
😊🌱 *स्वस्थ बने रहने निरोग होने के लिए आयुर्वेद पंचकर्म कराना सभी को बहुत जरूरी है*🌱😊
आयुष (आयुर्वेद) विभाग के पूर्व चिकित्साधिकारी व *रिलैक्सेशन थिरेपी के जन्मदाता विख्यात आयुर्वेद पंचकर्म योग एक्यूपंचर एक्यप्रेशर ऑरिकुलोथिरेपी विशेषज्ञ डा देवेश कुमार श्रीवास्तव*
ने उत्तर प्रदेश के अपने पहले "सुश्रुत आरोग्यधाम" रिलैक्सेशन थिरेपी आयुर्वेद पंचकर्म सेंटर, 3/63, विराम खण्ड,गोमती नगर,लखनऊ में स्थापित किया है
*"आयुर्वेद एक जीवन का विज्ञान है"* और सम्पूर्ण चिकित्सा पद्धति है पंचकर्म सभी को कराना अनिवार्य है क्योंकि पंचकर्म शरीर का शोधन करके शरीर को चुस्त दुरुस्त व शक्तिशाली बनाने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और जटिल व साधारण रोगों को शरीर मे घुसने नही देता है आयुर्वेद का उददेश्य ही यही है कि स्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ बनाये रखना और रोगी व्यक्ति को रोगमुक्त करना स्पान्डीलाईटिस, जोड़ों,सिर आदि के दर्द से कराहते लोगों को औषधीय लेप काढे की भाप के स्वेदन,कटि बस्ती,जानु बस्ती,ग्रीवा बस्ती,ह्रदय बस्ती,शिरोधारा, शिरोलेप, शिरोभ्यन्ग, स्नेहन, स्वेदन, रिलैक्सेशन थिरेपी मसाज,केरला मसाज आदि चिकित्सा द्वारा सेंटर पर तत्काल राहत दी और सभी को रिलैक्स किया और बताया कि गठिया आर्थ्राइटिस जोड़ों के कोई भी दर्द को आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा पद्धति स्नेहन स्वेदन,वमन, विरेचन,बस्ति,नस्य व रक्तमोक्षण, जानु बस्ती,बालुका स्वेद,नाड़ी स्वेद,पत्रपिण्ड स्वेद,नाड़ी स्वेद, अभ्यंग,दशांग लेप एक्यूपंक्चर एक्यूप्रेशर औरिकुलोथिरेपी आदि से बिना हानिकारक दवाओं से बचाकर सभी रोगों को ठीक किया जा रहा है I घरेलू उपचार से गठिया या किसी भी रोग से समस्त मानव जाती को बचाया जा सकता है
*"वात,पित्त,कफ के असन्तुलन से ही रोग की उत्त्पत्ति-डा देवेश*
*क्योंकि त्रिदोष वात पित्त और कफ के असन्तुलन से व रस,रक्त, माँस,मेद, अस्थि, मज्जा,शुक्र, ओज आदि श्रोत में अवरुद्धता से शरीर में रोग पैदा हो जाते हैं* शरीर के सभी जटिल व साधारण रोग भारतीय चिकित्सा पद्धति व मेरी स्व विकसित रिलैक्सेशन थिरेपी से ठीक हो जाते हैं
🍀 *आयुर्वेद का मुख्य उददेश्य- *"स्वस्थस्य स्वस्थ रक्षणम आतुरस्य रोग पृश्मनम च।।"*🍀
इसका मतलब है कि "सम्पूर्ण जगत को जो स्वस्थ हैं उनको स्वस्थ बनाये रखने का नियम संयम आहार विहार बताना और जो रोग ग्रस्त हैं उनके रोग को ठीक करते हुए निरोग बनाना है"
गठिया जोड़ों के दर्द के लिये नियमित "सुश्रुत अरोग्यधाम" में आकर जड़ी बूटियों के तेल से मालिश व भाप से जिससे शरीर में शक्ति का संचार होकर हड्डिया मजबूत होती हैं सरसों के तेल में लहसुन अजवायन मेथी हींग व कपूर डालकर दर्द नाशक तेल से सभी जोड़ो पर लगाने काफी राहत मिलती है दर्द के रोगी 7 लहसुन आधा कप दूध व एक कप पानी में उबाल कर आधा कप बचने पर सुबह पिये, सुबह आधा चम्मच मेथी सुबह फाँक कर पानी पिये हरी सब्जियों का प्रचुर मात्रा मे सेवन करें योग व प्राणायम अवश्य करें सुबह कम से कम 5 km भ्रमण कर पायें
ये तो अवश्य करें
सुश्रुत आरोग्यधाम में सभी रोगों का इलाज होता है पूर्व सूचना पर दूर दराज से आये मरीजों की भरती की भी व्यवस्था कराता है जिसका
*हेल्प लाईन नम्बर 9935377666,9115311185*
*web www.sushrutarogydhamayurved.in*
*Email- [email protected]* पर सम्पर्क कर सकते हैं
*AROGYDHAM AROGYDHAM Relaxation Therapy Ayurved panchkarm Center 3/63,Viram Khand, Gomtinagar, Lucknow.India*