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30/05/2026

गलत तरीके से ब्रश करना कैंसर मरीजों के लिए बन सकता है परेशानी का कारण! जानिए मुंह साफ करने का सही तरीका!
RR आयुर्वेदिक हॉस्पिटल
अटेली मंडी
जिला महेंद्रगढ़
हरियाणा
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9466223998
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राजधानी पार्क मेट्रो स्टेशन
मेट्रो पिलर 459 के सामने वाली गली
नांगलोई
दिल्ली
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मरोड़ फली (Marod Phali), जिसे अंग्रेजी में Indian Screw Tree (वैज्ञानिक नाम: Helicopteres isora) कहा जाता है, एक अत्यंत ...
30/05/2026

मरोड़ फली (Marod Phali), जिसे अंग्रेजी में Indian Screw Tree (वैज्ञानिक नाम: Helicopteres isora) कहा जाता है, एक अत्यंत गुणकारी औषधीय जड़ी-बूटी है। इसके फल ऐठे हुए या मरोड़े हुए स्क्रू की तरह दिखते हैं, इसीलिए इसका नाम 'मरोड़ फली' पड़ा है।
​आयुर्वेद में इसका उपयोग सदियों से पेट की बीमारियों और अन्य शारीरिक समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। इसके मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:
​1. पेट दर्द और मरोड़ (Stomach Cramps) से तुरंत राहत
​जैसा कि इसके नाम से ही साफ है, यह पेट में होने वाली ऐंठन, मरोड़ और तीखे दर्द को शांत करने की अचूक दवा है।
​यह आंतों की मांसपेशियों को आराम देती है, जिससे पेट का दर्द जल्दी ठीक होता है।
​2. दस्त और पेचिश (Diarrhea and Dysentery) में रामबाण
​मरोड़ फली में एंटी-डायरियाल और कसैले (astringent) गुण होते हैं।
​यह दस्त, खूनी पेचिश (bloody dysentery) और लूज मोशन को रोकने में बेहद असरदार है। यह आंतों के संक्रमण को खत्म करने में मदद करती है।
​3. बच्चों के पेट के कीड़े और गैस की समस्या
​छोटे बच्चों में अक्सर पेट में गैस, रोना या पेट के कीड़ों की समस्या होती है।
​मरोड़ फली को पत्थर पर पानी के साथ घिसकर (घूंटी बनाकर) बच्चों को चटाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और गैस बाहर निकल जाती है।
​4. पाचन तंत्र को मजबूत बनाना
​यह फली आंतों की अंदरूनी परत को साफ और स्वस्थ रखती है। इसके नियमित और सही इस्तेमाल से पाचन अग्नि तेज होती है और भूख न लगने की समस्या दूर होती है।
​5. एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण
​इसमें मौजूद तत्व शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ते हैं और टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है।
​इस्तेमाल करने का तरीका (How to use)
​चूर्ण के रूप में: मरोड़ फली को सुखाकर इसका पाउडर बना लें। दस्त या पेट दर्द होने पर आधा चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें।
​काढ़ा बनाकर: इसे पानी में उबालकर इसका काढ़ा तैयार किया जा सकता है।
​घिसकर (बच्चों के लिए): साफ सिल-बट्टे पर पानी की कुछ बूंदों के साथ फली को घिसकर इसका पेस्ट बच्चों को दिया जाता है।
​⚠️ सावधानी: मरोड़ फली की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करें। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को देने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

30/05/2026

जब 4th स्टेज 🦀 रोगी को बड़े-बड़े अस्पतालों से मिली निराशा... तब आयुर्वेद की ओर बढ़े उम्मीद के कदम!
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30/05/2026

हर Sunday लगती है Cancer मरीजों की भारी भीड़!
हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश और देश के अनेक राज्यों से मरीज एवं उनके परिजन पहुंचते हैं सलाह और मार्गदर्शन के लिए।
देखिए लोगों का बढ़ता विश्वास और उम्मीद की यह अनोखी तस्वीर!
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"मैं रोज सुबह दौड़ता हूँ, उबला हुआ खाना खाता हूँ, फिर भी मेरा पेट कम नहीं हो रहा और लिपिड प्रोफाइल में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' ...
30/05/2026

"मैं रोज सुबह दौड़ता हूँ, उबला हुआ खाना खाता हूँ, फिर भी मेरा पेट कम नहीं हो रहा और लिपिड प्रोफाइल में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (LDL) बढ़ा हुआ है!" 🏃‍♂️📉
क्या आपके साथ भी ऐसा है कि शरीर का वजन तो कम हो जाता है, लेकिन पेट और जांघों पर जमा जिद्दी चर्बी (Stubborn Fat) टस से मस नहीं होती? आयुर्वेद के अनुसार, जब चर्बी शरीर में बहुत पुरानी हो जाती है, तो वह नसों और टिशूज़ में 'कड़क' (Calcified/Hardened) होकर चिपक जाती है।
ऐसी जमी हुई चर्बी या गुर्दे के कठोर पत्थर को आप सिर्फ भूखे रहकर या दौड़कर नहीं निकाल सकते। जैसे तवे पर जमे काले कड़क जले हुए खाने को साफ करने के लिए 'लोहे के स्क्रबर' की जरूरत होती है, वैसे ही शरीर के इस कड़क फैट को खुरचने के लिए आयुर्वेद में 'लेखन' (Scraping) चिकित्सा बताई गई है।
महर्षि वाग्भट (अष्टांग हृदयम्, अध्याय 15) ने इस जिद्दी फैट और पथरी का सबसे बड़ा काल बताया है— 'ऊषकादि गण' (Ushakadi Gana)!
🌿 ऊषकादि गण क्या है? (The Ultimate Fat Scraper):
यह साधारण पत्तों या जड़ों का समूह नहीं है! इसमें ऊषक (क्षारीय मिट्टी), सैंधव नमक, शिलाजीत (Shilajatu), हींग (Hingu) और कासीस जैसे अत्यंत तीक्ष्ण (तेज़) और क्षारीय खनिजों का समावेश है।
🔥 यह काम कैसे करता है?
लेखन कर्म (Scraping): इस समूह के खनिज नसों के अंदर घुसकर वहां जमे 'बैड कोलेस्ट्रॉल' और ट्राइग्लिसराइड्स को चाकू की तरह खुरच (Scrape) देते हैं, जिससे हार्ट ब्लॉकेज का खतरा हमेशा के लिए टल जाता है।
चर्बी पिघलाना (Meda Hara): यह आपके स्लो मेटाबॉलिज्म (मंदाग्नि) को इतना तेज़ करता है कि शरीर जिद्दी विसरल फैट (Visceral Fat) को ईंधन की तरह जला देता है।
पथरी नाशक (Ashmari): इसके एल्कलाइन (Alkaline) गुण गुर्दे के कड़क पत्थरों को पानी में नमक की तरह घोल देते हैं।
🛑 सबसे बड़ी गलती:
वजन घटाने के चक्कर में बिल्कुल 'फैट-फ्री' (Zero Fat) डाइट पर चले जाना। जब आप अच्छा फैट (जैसे गाय का घी) बंद कर देते हैं, तो वात भड़क जाता है और चर्बी और ज्यादा कड़क होकर जम जाती है।
🧬 छात्र tip (Student Tip) - कफ ओवरलोड और सुबह की भारी सुस्ती:
बहुत से छात्र शिकायत करते हैं कि वे रात को जल्दी सोते हैं, फिर भी सुबह उठने पर उनका शरीर टूटने लगता है, सिर भारी रहता है और दिमाग में एक अजीब सी धुंध (Brain Fog/सुस्ती) छाई रहती है। इसका मतलब है कि आपके मस्तिष्क में 'तर्पक कफ' का ओवरलोड हो गया है। इससे बचने का जादुई उपाय: सुबह उठते ही 1 कप उबलते हुए पानी में 1 चुटकी सोंठ पाउडर और 1 चुटकी दालचीनी मिलाकर चाय की तरह पिएं। यह कफ को तुरंत काट देगा और आपका दिमाग रॉकेट की स्पीड से पढ़ाई के लिए एक्टिव (Zero to Hero) हो जाएगा!
सच बताएं, क्या आपकी रिपोर्ट में भी कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा हुआ आया है? 👇

❤️ क्या आप जानते हैं?हमारी पिंडलियों (Calf Muscles) को अक्सर शरीर का "दूसरा दिल" कहा जाता है। जब हम चलते हैं, दौड़ते हैं...
30/05/2026

❤️ क्या आप जानते हैं?

हमारी पिंडलियों (Calf Muscles) को अक्सर शरीर का "दूसरा दिल" कहा जाता है। जब हम चलते हैं, दौड़ते हैं या पैरों को हिलाते हैं, तो ये मांसपेशियां नसों में मौजूद खून को ऊपर दिल की तरफ वापस भेजने में मदद करती हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक बैठे रहने या बिल्कुल गतिविधि न करने से पैरों में सूजन, भारीपन और रक्त प्रवाह की समस्या बढ़ सकती है।

✅ रोज़ 30 मिनट चलें
✅ लंबे समय तक एक जगह न बैठें
✅ खूब पानी पिएं
✅ पैरों की स्ट्रेचिंग करें
✅ हल्की मालिश करें

स्वस्थ पिंडलियां बेहतर रक्त संचार और सक्रिय जीवनशैली की निशानी हैं। 👣❤️

29/05/2026

🚚💊 “अब Cancer की दवा आएगी सीधे आपके घर!
RR आयुर्वेदिक हॉस्पिटल ने शुरू की Courier सुविधा —
ताकि दूरी नहीं, इलाज पहुंचे हर मरीज तक!”
🔥 “देश के कोने-कोने में पहुंच रही उम्मीद…
अब घर बैठे पाएँ RR आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट!”
✨ “Cancer से लड़ाई अब और आसान —
एक कॉल पर दवा आपके दरवाज़े तक!”
🏥 RR आयुर्वेदिक हॉस्पिटल
📍 अटेली मंडी, हरियाणा
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Liver Cancer के 10 बड़े संकेतभूख कम लगना – बिना कारण खाने की इच्छा कम होना।वजन तेजी से घटना – अचानक वजन कम होना।पेट के ऊ...
29/05/2026

Liver Cancer के 10 बड़े संकेत
भूख कम लगना – बिना कारण खाने की इच्छा कम होना।
वजन तेजी से घटना – अचानक वजन कम होना।
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द – लगातार भारीपन या दर्द महसूस होना।
पेट में सूजन – पेट फूलना या पानी भरना।
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना – पीलिया के लक्षण।
बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान – शरीर में ऊर्जा की कमी।
मतली या उल्टी – बार-बार जी मिचलाना।
बुखार रहना – हल्का लेकिन लगातार बुखार।
त्वचा में खुजली – पूरे शरीर में खुजली महसूस होना।
गहरे रंग का पेशाब और हल्के रंग का मल – लिवर की खराबी का संकेत हो सकता है।
⚠️ ये लक्षण हमेशा कैंसर ही हों ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन यदि ये लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।







29/05/2026

तंबाकू का हर कण… Cancer को देता है न्योता!
गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खत्म करते हैं।
आज ही छोड़ें ये ज़हर, वरना कल बहुत देर हो सकती है।
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45 पार की उम्र में शरीर का वात दोष कुदरती रूप से बढ़ने लगता है, जो जोड़ों के दर्द की मुख्य जड़ है। हमारे सुप्रसिद्ध आयुर्वे...
29/05/2026

45 पार की उम्र में शरीर का वात दोष कुदरती रूप से बढ़ने लगता है, जो जोड़ों के दर्द की मुख्य जड़ है। हमारे सुप्रसिद्ध आयुर्वेद ग्रंथ अष्टांग हृदयम् में महर्षि वाग्भट्ट ने स्पष्ट लिखा है कि भोजन के उपरांत शरीर को स्थिरता की आवश्यकता होती है। खाते ही भारी काम या तेज चलने से पाचक अग्नि बुझ जाती है और आधा पचा भोजन (आम रस) जोड़ों में जाकर यूरिक एसिड की तरह जम जाता है। भोजन के बाद वज्रासन के नियम और महानारायण तेल के देशी ईलाज को अपनाएं।







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