01/06/2026
पाइल्स, फिसर और फिस्टुला क्या हैं? इनके कारण
गुदा (A**l Region) से संबंधित ये तीनों रोग अलग-अलग होते हैं, लेकिन कई बार इनके लक्षण एक जैसे लग सकते हैं।
1. पाइल्स (बवासीर / Hemorrhoids)
पाइल्स में गुदा और मलाशय की नसें सूज जाती हैं, जिससे मस्से बन जाते हैं।
मुख्य लक्षण
मल त्याग के समय खून आना
गुदा के आसपास मस्से महसूस होना
खुजली या जलन
दर्द (विशेषकर बाहरी बवासीर में)
कारण
पुरानी कब्ज
मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना
लंबे समय तक बैठे रहना
कम फाइबर वाला भोजन
मोटापा
गर्भावस्था
2. फिसर (A**l Fissure)
फिसर गुदा की त्वचा में होने वाला छोटा चीरा या दरार है।
मुख्य लक्षण
मल त्याग के समय तीव्र दर्द
चुभन या जलन
ताजा लाल खून आना
मल त्याग के बाद कई घंटों तक दर्द रहना
कारण
कठोर मल और कब्ज
बार-बार दस्त
प्रसव के बाद
गुदा क्षेत्र में चोट
3. फिस्टुला (A**l Fistula)
फिस्टुला गुदा के अंदर और बाहर के बीच बनने वाली असामान्य नली (Tunnel) होती है।
मुख्य लक्षण
गुदा के पास फोड़ा या सूजन
बार-बार मवाद (Pus) निकलना
दुर्गंधयुक्त स्राव
दर्द और जलन
कभी-कभी बुखार
कारण
गुदा के पास फोड़ा (Abscess)
संक्रमण
आंतों की सूजन संबंधी बीमारियां
चोट या सर्जरी के बाद संक्रमण
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद में:
पाइल्स को अर्श कहा जाता है।
फिसर को परिकर्तिका कहा जाता है।
फिस्टुला को भगंदर कहा जाता है।
आयुर्वेद में त्रिफला, हरितकी, इसबगोल, नागकेसर, अर्शोघ्नी वटी, तथा क्षारसूत्र चिकित्सा जैसी विधियों का उपयोग रोग की अवस्था के अनुसार किया जाता है। उपचार हमेशा योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।
बचाव के उपाय
✅ पर्याप्त पानी पिएं
✅ फाइबर युक्त भोजन लें (फल, सब्जियां, सलाद)
✅ कब्ज न होने दें
✅ नियमित व्यायाम करें
✅ मल त्याग की इच्छा को न रोकें
✅ लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें
ध्यान दें: यदि मल के साथ खून आ रहा हो, तेज दर्द हो, या मवाद निकल रही हो, तो चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं ताकि सही रोग की पहचान और उपचार हो सके।
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