Dr Bhanu Pratap Rawat

Dr Bhanu Pratap Rawat (डॉ. भानु प्रताप रावत )
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With Vijay Kumar Sharma – I just made it onto their weekly engagement list by being one of their top engagers! 🎉
01/06/2026

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पाइल्स, फिसर और फिस्टुला क्या हैं? इनके कारणगुदा (A**l Region) से संबंधित ये तीनों रोग अलग-अलग होते हैं, लेकिन कई बार इन...
01/06/2026

पाइल्स, फिसर और फिस्टुला क्या हैं? इनके कारण

गुदा (A**l Region) से संबंधित ये तीनों रोग अलग-अलग होते हैं, लेकिन कई बार इनके लक्षण एक जैसे लग सकते हैं।

1. पाइल्स (बवासीर / Hemorrhoids)
पाइल्स में गुदा और मलाशय की नसें सूज जाती हैं, जिससे मस्से बन जाते हैं।
मुख्य लक्षण
मल त्याग के समय खून आना
गुदा के आसपास मस्से महसूस होना
खुजली या जलन
दर्द (विशेषकर बाहरी बवासीर में)
कारण
पुरानी कब्ज
मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना
लंबे समय तक बैठे रहना
कम फाइबर वाला भोजन
मोटापा
गर्भावस्था

2. फिसर (A**l Fissure)
फिसर गुदा की त्वचा में होने वाला छोटा चीरा या दरार है।
मुख्य लक्षण
मल त्याग के समय तीव्र दर्द
चुभन या जलन
ताजा लाल खून आना
मल त्याग के बाद कई घंटों तक दर्द रहना
कारण
कठोर मल और कब्ज
बार-बार दस्त
प्रसव के बाद
गुदा क्षेत्र में चोट

3. फिस्टुला (A**l Fistula)
फिस्टुला गुदा के अंदर और बाहर के बीच बनने वाली असामान्य नली (Tunnel) होती है।
मुख्य लक्षण
गुदा के पास फोड़ा या सूजन
बार-बार मवाद (Pus) निकलना
दुर्गंधयुक्त स्राव
दर्द और जलन
कभी-कभी बुखार
कारण
गुदा के पास फोड़ा (Abscess)
संक्रमण
आंतों की सूजन संबंधी बीमारियां
चोट या सर्जरी के बाद संक्रमण

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में:
पाइल्स को अर्श कहा जाता है।
फिसर को परिकर्तिका कहा जाता है।
फिस्टुला को भगंदर कहा जाता है।
आयुर्वेद में त्रिफला, हरितकी, इसबगोल, नागकेसर, अर्शोघ्नी वटी, तथा क्षारसूत्र चिकित्सा जैसी विधियों का उपयोग रोग की अवस्था के अनुसार किया जाता है। उपचार हमेशा योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।

बचाव के उपाय
✅ पर्याप्त पानी पिएं
✅ फाइबर युक्त भोजन लें (फल, सब्जियां, सलाद)
✅ कब्ज न होने दें
✅ नियमित व्यायाम करें
✅ मल त्याग की इच्छा को न रोकें
✅ लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें

ध्यान दें: यदि मल के साथ खून आ रहा हो, तेज दर्द हो, या मवाद निकल रही हो, तो चिकित्सक से जांच अवश्य कराएं ताकि सही रोग की पहचान और उपचार हो सके।
#आयुर्वेद #स्वास्थ्य

Good afternoon all of you 🙏🙏🙏🙏"समदोषः समाग्निश्च समधातु मलक्रियः।प्रसन्नात्मेन्द्रियमनः स्वस्थ इत्यभिधीयते॥"अर्थ: जिसके ...
31/05/2026

Good afternoon all of you 🙏🙏🙏🙏

"समदोषः समाग्निश्च समधातु मलक्रियः।
प्रसन्नात्मेन्द्रियमनः स्वस्थ इत्यभिधीयते॥"
अर्थ: जिसके दोष, अग्नि, धातु और मल संतुलित हों तथा आत्मा, इन्द्रियाँ और मन प्रसन्न हों, वही वास्तव में स्वस्थ कहलाता है।

With Vijay Kumar Sharma – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
31/05/2026

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Good evening all of you 🙏🙏🙏🙏
30/05/2026

Good evening all of you 🙏🙏🙏🙏

🌼 पीला कनेर (Yellow Oleander) का आयुर्वेदिक उपयोगपीला कनेर (वैज्ञानिक नाम: Thevetia peruviana) एक सुंदर फूलों वाला पौधा ...
30/05/2026

🌼 पीला कनेर (Yellow Oleander) का आयुर्वेदिक उपयोग

पीला कनेर (वैज्ञानिक नाम: Thevetia peruviana) एक सुंदर फूलों वाला पौधा है। आयुर्वेद में इसका उपयोग मुख्य रूप से बाह्य (बाहरी) रूप से किया जाता है। हालांकि यह पौधा विषैला (toxic) माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञ वैद्य की देखरेख में ही करना चाहिए।
🌿 आयुर्वेदिक गुण
रस (स्वाद): तिक्त (कड़वा)
गुण: लघु, तीक्ष्ण
प्रभाव: कृमिनाशक, त्वचा रोगों में उपयोगी
✅ पारंपरिक उपयोग
त्वचा रोगों में
इसकी पत्तियों या छाल का लेप कुछ त्वचा रोगों में लगाया जाता था।
खुजली, दाद और कुछ पुराने त्वचा विकारों में बाहरी उपयोग का उल्लेख मिलता है।
घावों में
पारंपरिक चिकित्सा में इसके पत्तों का लेप कुछ प्रकार के घावों पर लगाया जाता था।
कृमिनाशक गुण
लोक चिकित्सा में इसे कृमिनाशक माना गया है, लेकिन आंतरिक सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता।
⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी
पीले कनेर के बीज, पत्तियां, फूल और दूधिया रस सभी विषैले होते हैं।
इसका सेवन करने से उल्टी, दस्त, हृदय गति में गड़बड़ी, बेहोशी और गंभीर विषाक्तता हो सकती है।
बिना योग्य आयुर्वेदाचार्य की सलाह के इसका आंतरिक सेवन बिल्कुल न करें।
🚫 किन लोगों को प्रयोग नहीं करना चाहिए?
गर्भवती महिलाएं
स्तनपान कराने वाली महिलाएं
बच्चे
हृदय रोगी
🌱 निष्कर्ष
पीला कनेर एक औषधीय लेकिन अत्यंत विषैला पौधा है। आयुर्वेद में इसका सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग किया जाता है, मुख्यतः बाहरी प्रयोग के लिए। स्वयं उपचार के रूप में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

#पीला_कनेर #आयुर्वेद #औषधीय

With Aruna Jha – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
30/05/2026

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पितपापड़ा एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय वनस्पति है, जिसका उपयोग विशेष रूप से पित्त दोष को शांत करने और रक्त को शुद्ध करने...
29/05/2026

पितपापड़ा एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय वनस्पति है, जिसका उपयोग विशेष रूप से पित्त दोष को शांत करने और रक्त को शुद्ध करने के लिए किया जाता है।
इसे संस्कृत में पर्पट, पर्पटक आदि नामों से जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम Fumaria parviflora है।
यह स्वाद में हल्का कड़वा और तासीर में ठंडी मानी जाती है।
आयुर्वेदिक गुण
गुण
विवरण
रस
तिक्त (कड़वा)
तासीर
शीतल
दोष प्रभाव
पित्त और रक्त दोष शांत
प्रमुख कर्म
रक्तशोधक, ज्वरनाशक, पित्तशामक
पितपापड़ा के प्रमुख आयुर्वेदिक उपयोग
1. पित्त दोष शांत करने में
शरीर में अधिक गर्मी, जलन, चिड़चिड़ापन और पित्त बढ़ने पर लाभकारी माना जाता है।
2. त्वचा रोगों में
खुजली
फोड़े-फुंसी
दाद
एलर्जी
मुंहासे
इनमें रक्तशोधन के लिए उपयोग किया जाता है।
3. बुखार में
विशेषकर पित्तज ज्वर और गर्मी वाले बुखार में इसका काढ़ा दिया जाता है।
4. रक्त शुद्धि में
खून की अशुद्धि दूर करने और त्वचा साफ रखने में सहायक माना जाता है।
5. पेशाब की जलन में
इसकी शीतल प्रकृति मूत्र की जलन और गर्मी को कम करने में मदद करती है।
6. प्यास और शरीर की गर्मी में
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने के लिए उपयोगी माना जाता है।
उपयोग करने का तरीका
काढ़ा
चूर्ण
स्वरस (रस)
आयुर्वेदिक मिश्रणों में
सावधानी
अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें।
गर्भवती महिलाएँ और गंभीर रोगी वैद्य की सलाह से ही उपयोग करें।
बहुत अधिक ठंडी प्रकृति वाले लोगों को सीमित मात्रा में लेना चाहिए।

स्टीविया एक प्राकृतिक मीठा पौधा है, जिसे “मीठा पत्ता” भी कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम Stevia rebaudiana है। इसकी पत्त...
29/05/2026

स्टीविया एक प्राकृतिक मीठा पौधा है, जिसे “मीठा पत्ता” भी कहा जाता है।

इसका वानस्पतिक नाम Stevia rebaudiana है। इसकी पत्तियाँ चीनी से लगभग 200–300 गुना अधिक मीठी होती हैं, लेकिन इसमें कैलोरी बहुत कम होती है। इसलिए इसे प्राकृतिक शुगर विकल्प (Natural Sweetener) के रूप में उपयोग किया जाता है।
आयुर्वेदिक दृष्टि से स्टीविया शीतल, मधुर और कफ-पित्त को संतुलित करने वाली मानी जाती है। यह शरीर में अतिरिक्त शर्करा और मोटापे को नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है।

स्टीविया के आयुर्वेदिक उपयोग

1. मधुमेह (Diabetes) में लाभकारी
स्टीविया का सबसे बड़ा उपयोग ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में माना जाता है। यह प्राकृतिक मिठास देता है लेकिन रक्त में शर्करा तेजी से नहीं बढ़ाता।

2. वजन कम करने में सहायक
कम कैलोरी होने के कारण यह मोटापा और वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है। चीनी की जगह इसका सेवन उपयोगी माना जाता है।
3. उच्च रक्तचाप में सहायक
कुछ शोधों में स्टीविया को रक्तचाप नियंत्रित करने में सहायक बताया गया है।
4. दांतों के लिए लाभकारी
चीनी की तरह यह दांतों में कैविटी नहीं बढ़ाता, इसलिए दांतों और मसूड़ों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

5. पाचन सुधारने में मदद
यह पाचन क्रिया को हल्का समर्थन देता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है।

6. त्वचा के लिए उपयोग
स्टीविया में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं।

सेवन करने का तरीका

स्टीविया की सूखी पत्तियों का चूर्ण
हर्बल चाय में

मिठाई, शरबत या दूध में चीनी के विकल्प के रूप में
स्टीविया ड्रॉप्स या टैबलेट के रूप में

सावधानियाँ

अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों में पेट फूलना या हल्की एलर्जी हो सकती है।

गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को डॉक्टर की सलाह से सेवन करना चाहिए।

यदि आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो शुगर मॉनिटर करते रहें।

निष्कर्ष

स्टीविया एक प्राकृतिक, कम कैलोरी वाला मीठा पौधा है जो विशेष रूप से मधुमेह, मोटापा और स्वास्थ्य-सचेत लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है। आयुर्वेद में इसे संतुलित मात्रा में उपयोग करने पर स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।

🌿 चंद्रा पंचगव्य प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र 🌿नाक में डाली जाने वाली एक अद्भुत प्राकृतिक नस्स्य दवा, जो गले और उसके ऊपर की...
28/05/2026

🌿 चंद्रा पंचगव्य प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र 🌿
नाक में डाली जाने वाली एक अद्भुत प्राकृतिक नस्स्य दवा, जो गले और उसके ऊपर की अनेक समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है।
माइग्रेन, सिर दर्द, अधकपारी, नजला, छींक आना, सर्वाइकल, थायराइड, आँखों की कमजोरी, बाल झड़ना, दांतों की पायरिया, अस्थमा आदि समस्याओं में विशेष लाभ के लिए लोग इसका उपयोग कर रहे हैं।

✨ प्राकृतिक • सुरक्षित • बिना साइड इफेक्ट
✨ सभी आयु वर्ग के लिए उपयोगी

📅 प्रत्येक रविवार

⏰ सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

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📍 पता:
चंद्रा पंचगव्य प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र
समाहा खुर्द, दर्शन नगर, अयोध्या (उ. प्र.)

📞 संपर्क करें:
+91 8840174095
+91 99357 00696

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