20/06/2026
आयुष्मान भारत अंतर्गत उमंग (RKSK) कार्यक्रम के तहत आरोग्य दूत प्रशिक्षण संपन्न – वैद्य रीजेंसी, बालाघाट
बालाघाट। आयुष्मान भारत एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) अंतर्गत संचालित उमंग कार्यक्रम के तहत वैद्य रीजेंसी, बालाघाट में आरोग्य दूतों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदन पूजन से की गईl
कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाना तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम CMHO डॉ परेश उपलप के मार्गदर्शन में एवं संस्था प्रमुख प्रमोद तिवारी के निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया जिसमें मुख्य रूप से DEIM (जिला समन्वयक) राजाराम चक्रवर्ती,DPC, बर्मन जी,सर्व शिक्षा अभियान,मास्टर ट्रेनर मनोज मेश्राम, पूनम मिश्रा,संस्था प्रतिनिधि भूमेश्वरी गेडाम, काउंसलर करुणा हनवत, रोशनी तेम्भरे सहित सभी शिक्षकों (HWA)एवं संबंधित प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान आरोग्य दूतों की भूमिका, किशोर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं समुदाय आधारित सहभागिता पर विस्तार से चर्चा की गई।
सत्रों में प्रतिभागियों को आरकेएसके के छह प्रमुख विषयगत क्षेत्रों –
• पोषण (Nutrition)
• मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health)
• यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (Sexual & Reproductive Health)
• मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव की रोकथाम (Substance Misuse Prevention)
• गैर संचारी रोगों की रोकथाम (Non-Communicable Diseases)
• चोट एवं हिंसा की रोकथाम (Injuries and Violence Prevention)
पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को उमंग स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली, किशोर अनुकूल स्वास्थ्य सेवाएं (AFHC), परामर्श प्रक्रिया, जीवन कौशल शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन संचार, आउटरीच गतिविधियों का संचालन, रेफरल सेवाएं एवं सामुदायिक सहभागिता से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक गतिविधियां, समूह चर्चा एवं अनुभव साझा कर प्रतिभागियों की क्षमता संवर्धन की गई, जिससे वे अपने क्षेत्र में किशोरों तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी एवं सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचा सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी आरोग्य दूतों एवं शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे उमंग (RKSK) कार्यक्रम के उद्देश्यों को समुदाय स्तर तक पहुंचाकर किशोर स्वास्थ्य एवं जागरूकता को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।