05/02/2026
#पोस्ट #फोटो #कंटेंट #कंटेंटमॉनेटाईजेशन मोतियाबिंद सर्जरी के बाद इंट्राओकुलर लेंस चुनने की बात आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है: मल्टीफोकल (रिंग वाले) लेंस चुनें या नई तकनीक वाले (बिना रिंग वाले) लेंस?
आइये एक ऐसे परिदृश्य पर विचार करें जो बहुत महत्वपूर्ण है:
👉 मान लीजिए एक ऐसी स्थिति है जहाँ 'रिंग वाला लेंस' और 'बिना रिंग वाला लेंस' दोनों आपको बिना चश्मे के बिल्कुल एक समान दृष्टि परिणाम (Visual Outcome) दे रहे हैं - यानी दूर के लिए 6/6 और पढ़ने के लिए N6।
अगर "नंबर" एक समान हैं, तो कौन सा लेंस बेहतर है?
यहीं पर विज्ञान का सूक्ष्म पहलू आता है। यहाँ चुनाव 'दृष्टि की मात्रा' (Quantity of Vision) का नहीं, बल्कि 'दृष्टि की गुणवत्ता' (Quality of Vision) का है।
आइये समझते हैं क्यों, इस स्थिति में, 'बिना रिंग वाला' लेंस जीत जाता है:
1️⃣ रात की दृष्टि और प्रकाश का बिखराव (Photic Phenomena):
⭕ रिंग वाले लेंस (Diffractive): ये लेंस प्रकाश को विभिन्न फोकस बिंदुओं में 'बांटकर' (splitting light) काम करते हैं। भौतिकी के इस नियम के कारण, रात में रोशनी के स्रोतों (जैसे कार की हेडलाइट्स) के चारों ओर घेरे (Halos), चमक (Glare) या तारों जैसी आकृति (Starbursts) दिखना आम बात है।
🟢 बिना रिंग वाले लेंस (Non-Diffractive/EDOF): ये लेंस प्रकाश को तोड़ते नहीं हैं, बल्कि फोकस की रेंज को बढ़ाते हैं। नतीजा? रात में बहुत कम चमक और घेरे। यह अनुभव एक प्राकृतिक लेंस के काफी करीब होता है।
2️⃣ कंट्रास्ट सेंसिटिविटी (Contrast Sensitivity):
⭕ रिंग वाले लेंस में प्रकाश के बंटने के कारण कम रोशनी में वस्तुओं के बीच अंतर करने की क्षमता (कंट्रास्ट) थोड़ी कम हो सकती है।
🟢 बिना रिंग वाले लेंस आमतौर पर रेटिना तक अधिक केंद्रित प्रकाश पहुंचाते हैं, जिससे धुंधली रोशनी में भी कंट्रास्ट बेहतर रहता है।
3️⃣ दिमाग का अनुकूलन (Neuroadaptation):
⭕ रिंग वाले लेंस द्वारा बनाई गई छवियों के साथ तालमेल बिठाने में दिमाग को समय लग सकता है।
🟢बिना रिंग वाले लेंसों के साथ यह अनुकूलन बहुत तेज और सहज होता है।
🎯 निष्कर्ष (Verdict):
यदि एक 'बिना रिंग वाला लेंस' (जैसे कि आधुनिक EDOF लेंस) आपको 'रिंग वाले लेंस' के बराबर ही पढ़ने की उत्कृष्ट क्षमता (N6) प्राप्त करने में सक्षम है, तो 'बिना रिंग वाला लेंस' स्पष्ट रूप से एक बेहतर विकल्प है।
क्यों? क्योंकि यह आपको बिना किसी समझौते के (जैसे कि रात में देखने में दिक्कत) समान स्तर की दृष्टि प्रदान करता है। यह एक "win-win" स्थिति है।
यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है। अपनी आँखों की स्थिति के अनुसार सर्वोत्तम लेंस चुनने के लिए हमेशा अपने नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से विस्तृत चर्चा करें।
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