03/01/2026
आज जिन्हें चिरैया कहा जाता है उन्हें एक वक़्त ये भी पता नही था कि उनके भी पंख हैं... उस दौर में चिरैयाओं को पहली बार पंखों का भान करवाने वाली, महिलाओं को चारदीवारी के आँगन से आसमां दिखाने वाली, समाज सुधारिका, मराठी कवयित्री, मराठी काव्य परम्परा की शिरोमणि, भारत के प्रथम कन्या विद्यालय में प्रथम महिला शिक्षिका और सामाजिक ग़दर की महान यौद्धा सावित्री बाई फूले को जन्मदिवस पर शत् शत् नमन...🇮🇳🙏