Tutu Baba

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Tutu Baba विद्यां ददाति विनयं,
विनयाद् याति पात?
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🇮🇳 आज़ादी सिर्फ़ एक दिन का जश्न नहीं, हर दिन की ज़िम्मेदारी है।तिरंगे की शान हमेशा ऊँची रहे। ❤️🤍💚जय हिंद 🇮🇳 | वंदे मातरम...
15/08/2026

🇮🇳 आज़ादी सिर्फ़ एक दिन का जश्न नहीं, हर दिन की ज़िम्मेदारी है।
तिरंगे की शान हमेशा ऊँची रहे। ❤️🤍💚
जय हिंद 🇮🇳 | वंदे मातरम् 🇮🇳

🎉 Happy Birthday, Kunj! 🎂💙May your special day be filled with endless laughter, love, and unforgettable memories. Wishin...
29/07/2026

🎉 Happy Birthday, Kunj! 🎂💙

May your special day be filled with endless laughter, love, and unforgettable memories. Wishing you a year full of happiness, good health, success, and beautiful adventures. Keep smiling, keep shining, and always be blessed.

Have a fantastic birthday, Kunj! 🥳🎈🎁🎊 🎉💖

With Kumar Manish Manglam Jha – I'm on a streak! I've made it onto their weekly engagement list 3 weeks in a row. 🎉
30/06/2026

With Kumar Manish Manglam Jha – I'm on a streak! I've made it onto their weekly engagement list 3 weeks in a row. 🎉

29/12/2025

ब्राह्मणों पर ये आरोप तो लगा दिया जाता है कि उन्होंने दलितों और स्त्रियों को वेद नही पढ़ाये। पर पिछले 70 वर्षों से तो प्रेस युग के आने से वेद आदि ग्रन्थ बाजार में सबके लिए उपलब्ध हैं। फिर कितने स्त्री और दलितों ने बाजार से वेद खरीदकर पढ़ लिए? और इतना ही नहीं, वेद आदि ग्रन्थ तो पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेट पर pdf के रूप में भी मुफ्त में उपलब्ध हैं। तो कितने दलितों और स्त्रियों ने डाउनलोड करके वेद पढ़ लिए? और यदि अब भी नहीं पढ़े तो इसमें किसकी गलती है? और जिसने पढ़ लिए उसने उनसे कुछ आध्यात्मिक लाभ भी लिया या केवल छिद्रान्वेषण की दृष्टि से ही पढ़े? या ज़ाकिर नाईक की तरह स्वयं भी भ्रमित होकर दूसरों को भी भ्रमित ही किया?

09/12/2025

🌼 म्लेच्छों से अन्न भक्षण का प्रायश्चित्त 🌼

👉 म्लेच्छों (यथा मुस्लिम ईसाई आदि) के पर्व में अनेक लोग शुभकामनाएँ देते हुए दिखाई देते हैं | संभव है कि वे इन विधर्मियों के साथ इन दिनों में सहभोज भी करते होंगे | ये कृत्य शास्त्रविरुद्ध होने के कारण किसी भी हिंदू के लिए निन्दनीय है |

हमारा यह शरीर अन्न के द्वारा ही बनता है, इसलिए बहुत विचारपूर्वक अन्न की शुद्धि का निर्णय करना चाहिए | विधर्मियों के अन्न भक्षण से भोक्ता उसके अनेक जन्मों के संचित पाप का भागी होता है |

"इस समय सर्वत्र अधर्म बढ रहा है व लोग अपने स्वधर्म से च्युत हो रहे हैं, इसलिए अपने स्वबान्धवों के घर भोजन भी स्वधर्मनिष्ठ हिंदुओं के लिए पतित करने वाला ही है |"

जो म्लेच्छ द्वारा पकाया हुआ,छुया हुआ अथवा उसके द्वारा दिया गया अन्न भक्षण करता है तो उसे प्रायश्चित्त हेतु पूर्ण कृच्छ्र व्रत करना चाहिए | व्रत के पश्चात् द्विज अपना यज्ञोपवीत संस्कार पुनः करवाने पर ही शुद्ध होता है |

म्लैच्छैर्गतानां चौरैर्वा कान्तारे वा प्रवासिनाम् |
भक्षयाभक्ष्यविशुद्ध्यर्थं तेषां वक्ष्यामि निष्कृतिम् ||
पुनः प्राप्य स्वदेशं च वर्णानामनुपूर्वशः |
कृच्छ्रस्यान्ते ब्राह्मणस्तु पुनः संस्कारमर्हति ||
पादोनान्ते क्षत्रियश्च अर्धान्ते वैश्य एव च |
पादं कृत्वा यथा शूद्रो दानं दत्वा विशुध्यति ||
----- अग्निपुराण अध्याय- 170

( नोट - श्लोक में ब्राम्हण क्षत्रिय वैश्य शुद्र की उपमा किसी परिवार विशेष में जन्म लेने विषयक नही, कर्म विषयक है)

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07/12/2025

Today My Birthday 🎉🎂

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