14/12/2025
#देहदान
जीते जी रक्तदान मरणोपरांत देहदान
‘मंजिल तो तेरी यहीं थी , इतनी देर लगा दी आते-आते, क्या मिला तुझे जिंदगी से, अपनों ने ही जला दिया जाते-जाते।’ श्मशान घाट के बाहर यह वाक्य लिखा मिल जाता है।
लेकिन ऊर्जावान व समाजसेवी श्री सोनाराम जी टाक व उनकी धर्मपत्नी भीखी देवी आपने जीते जी मरणोपरांत देहदान करने का संकल्प लिया है।
हमे गर्व है आप पर सोनजी टाक
आप जैसे दानवीरों पर हमे गर्व है
आपके इस जनहित कार्य से किसी न किसी का भला जरूर होगा
इसी पहल के साथ आपने अपने 63 वे जन्मदिन पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी किया आयोजन करने जा रहे हो समस्त मानव समाज को आप पर गर्व है
आपके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की अनेक मंगलकामये
आभार
डॉ.बीआर अम्बेडकर रक्तदाता समुह,बाड़मेर