05/07/2026
🚑 बाड़मेर एंबुलेंस यूनियन की ओर से जनहित में संदेश 🚑
"एम्बुलेंस सेवा मानव सेवा है, कमीशनखोरी का साधन नहीं।"
हाल ही में मरीजों को निजी अस्पतालों में कमीशन के लालच में रेफर करने और एंबुलेंस के माध्यम से दलाली करने से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि मरीजों के विश्वास और मानवता के साथ भी विश्वासघात है।
बाड़मेर एंबुलेंस यूनियन स्पष्ट करना चाहती है कि जिन एंबुलेंस चालकों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका हमारी यूनियन से कोई संबंध नहीं है। वे हमारी यूनियन के सदस्य नहीं हैं और उनकी किसी भी गतिविधि की जिम्मेदारी हमारी यूनियन की नहीं है।
हमारी यूनियन वर्षों से एक ही सिद्धांत पर कार्य कर रही है— "मरीज पहले, मुनाफा बाद में।"
हम किसी भी प्रकार की दलाली, कमीशनखोरी, अवैध रेफर या मरीजों की खरीद-फरोख्त जैसी मानसिकता का कड़ा विरोध करते हैं।
हम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग करते हैं कि:
दोषियों की निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकारी अस्पतालों में सक्रिय दलाल तंत्र को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
बाहरी राज्यों से आकर मरीजों का आर्थिक शोषण करने वाले लोगों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
ईमानदारी से सेवा देने वाले एंबुलेंस संचालकों की छवि खराब करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
हम जनता से भी अपील करते हैं कि किसी भी एंबुलेंस या व्यक्ति
के झूठे लालच, कमीशन या बहकावे में न आएं। अस्पताल और उपचार का निर्णय पूरी जानकारी के आधार पर स्वयं लें।
बाड़मेर एंबुलेंस यूनियन हमेशा मरीजों की सेवा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ खड़ी थी, है और रहेगी।
🚑 बाड़मेर एंबुलेंस यूनियन
"सेवा हमारा धर्म — मरीज का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पहचान।"
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