06/10/2019
*✍बच्चों के चहेते प्रिंसीपल का तबादला हुआ तो इस तरह फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे, दो दिन से स्कूल के बाहर दे रहे धरना*👇
अलवर. इन दिनों शिक्षा विभाग में तबादलों का दौर चल रहा है। अपने चहेते अध्यापक के तबादले के बाद विद्यार्थियों के प्रदर्शन की खबरें भी आ रही है। ऐसा एक नजारा अलवर के बहरोड़ में देखने को मिला जहां प्रिंसिपल के तबादले के बाद विद्यार्थी फूट-फूट कर रोने लगे। बहरोड़ क्षेत्र के पहाड़ी गांव में शहीद धर्मपाल उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल मुकेश यादव के तबादले को लेकर एक अनोखी तस्वीर सामने आई जहां बच्चे तो बच्चे बल्कि बूढ़े एवं बुजुर्ग महिलाओं की आंखों से भी आंसू बहने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रिंसिपल मुकेश यादव के आने के बाद स्कूल की तस्वीर बदल गई। जिस वक्त मुकेश यादव स्कूल में आए थे, उस समय स्कूल में मात्र 150 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन एवं अच्छे रिजल्ट का विश्वास दिलाकर एक एक ग्रामीणों से मुलाकात कर विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 400 से ऊपर कर दी। इतना ही नहीं विद्यालय भवन की मरमत से लेकर साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया और स्कूल हो एक अलग ही स्वरूप प्रदान कर दिया। प्रिंसिपल मुकेश ने ऐसी सुविधाएं स्कूल में चालू की जो प्राइवेट स्कूलों में भी नहीं है, सीसीटीवी कैमरों से लेकर पेड़ पौधों से सजा विद्यालय अपने आप में मुकेश यादव की मेहनत की गवाही देता है।
ऐसे में मुकेश यादव के तबादले पर धरना प्रदर्शन होना भी तय था, ग्रामीणों स्कूल पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। साथ ही स्कूल में अध्यनरत छात्र-छात्राओं ने स्कूल गेट के सामने ही बैठकर सरकार से मांग की कि उनके गुरुजी मुकेश यादव का तबादला निरस्त किया जाए। इस दौरान बहरोड प्रशासन भी मौके पर पहुंचा, बहरोड डीएसपी अतुल साहू एवं थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी सहित बहरोड़ तहसीलदार एवं शिक्षा विभाग के सी बी यो ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन ग्रामीणों की मांग थी कि या तो प्रिंसिपल मुकेश यादव को वापस लगाया जाए या फिर वे तमाम बच्चों की स्कूल से टीसी कटवा कर ले जाएंगे।
ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी धरना खत्म करने के काफी प्रयास किए लेकिन ग्रामीणों की भावना और स्कूली विद्यार्थियों के दर्द के सामने उनकी एक न चली। स्कूली विद्यार्थियों ने भी बताया कि मुकेश यादव जैसा अध्यापक हमने आज तक नहीं देखा। आपको बता दें कि 2 दिन से महिलाएं और विद्यार्थी धरने पर बैठे हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने 2 दिन से खाना तक नहीं खाया है ऐसे में सरकार के लिए सवाल बनता है कि पिछले 2 दिनों से विद्यार्थियों की पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है।
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