ज्योतिष वाक्यं

ज्योतिष वाक्यं A Research Organization for Astrology & Vastu

ज्योतिष विद्या एक विशाल समुन्द्र है संस्कृत में ज्योतिष का अभिप्राय उस प्रकाश से है। जो हमें ज्ञान देता है। अंग्रेजी भाषा में उसे आस्ट्रोलोजि कहते है। ''आस्ट्रो'' का अर्थ ''तारे'' और ''लोगोस'' का अर्थ ''तर्क'' होता है। अत: ज्योतिष विद्या का अर्थ है एक विशिष्ट समय तक राशि चक्र में ग्रहों और नक्षत्रों की गति का तर्क संगत प्रभाव ज्ञात करना (बारह भावों का फल)।

यह उचित कहा गया है कि वास्तु शास्त्रा कला एवं विज्ञान का सम्मिश्रण है। जिसमें रहस्यमयी या अलौकिक विज्ञान के अतिरिक्त शिल्प विद्या अभियान्त्रिकी अन्त: एवं वाह्य सञ्जाए पर्यावरण व अरगोंनोमिक्स, खगोलविद्या व ज्योतिष-शास्त्रा भी सम्मलित है। इसका मुख्य प्रयत्न मानव प्रकृति व भवनों में मानव जाति के उद्दार हेतु सन्तुलन व सामन्जस्य स्थापित करना है।

20/12/2025
माँ शैलपुत्री की आराधना से अपने चंद्रमा को बलवान करे-शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्...
22/09/2025

माँ शैलपुत्री की आराधना से अपने चंद्रमा को बलवान करे-
शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की उपासना के लिए समर्पित है। "शैलपुत्री" नाम का अर्थ है – पर्वतराज हिमालय की पुत्री। इन्हें पर्वतराज की पुत्री होने के कारण यह नाम प्राप्त हुआ।
इस दिन घटस्थापना कर माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक शुद्ध मन, वचन और कर्म से माँ का ध्यान करते हैं। इस दिन पीले या सफेद वस्त्र धारण कर, शुद्ध घी का दीपक जलाना विशेष शुभ माना जाता है। माँ की उपासना से जीवन में स्थिरता, शांति और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
माँ शैलपुत्री के स्वरूप की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. इनके मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित रहता है।
2. माँ का वाहन नंदी बैल है।
3. दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का पुष्प रहता है।
4. इनका रूप अत्यंत शांत, सौम्य और करुणामयी है।
ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष में माँ शैलपुत्री का संबंध चन्द्रमा से माना जाता है। चन्द्रमा मन, भावनाएँ और मानसिक शांति का कारक है। इस दिन माँ की आराधना से चंद्र से संबंधित दोषों से मुक्ति प्राप्त होती हैं एवं मन को स्थिरता प्राप्त होती है। जिन लोगों की कुंडली में चन्द्रमा पीड़ित अवस्था में हो, उन्हें इस दिन विशेष रूप से माँ शैलपुत्री की आराधना करनी चाहिए।
माँ शैलपुत्री की कृपा से व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक होता है, मनोबल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि के प्रथम दिन की साधना से नवग्रहों का संतुलन भी बेहतर होता है, विशेषकर चन्द्रमा का प्रभाव अनुकूल बनता है।

गणेश जी का आगमन, सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक है, यह गणेशोत्सव आपके और आपके परिवार के लिए आनंद और खुशियों से भरा हो, ...
27/08/2025

गणेश जी का आगमन, सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक है, यह गणेशोत्सव आपके और आपके परिवार के लिए आनंद और खुशियों से भरा हो, गणेश महोत्सव की हार्दिक बधाई।

ज्योतिष वाक्यं



Devendra M Sable

14/08/2025
23/07/2025

दक्षिण-पूर्व की दिशा में बैठने वाला व्यक्ति बहुत मेहनत के बाद भी मेहनत के अनुसार लाभ नही पा सकता |
ऑफिस या घर में यह स्थान विशिष्ट कार्य के लिए उपयोग नही करे |
इस स्थान में बैठने से अदालती मुकदमे, आग, दुर्घटना, चोरी आदि की सजा हो सकती है | और तो और कार्य क्षेत्र से सदा के लिए हाथ धोना पड़ सकता है |

आचार्य देवेन्द्र एम् साबले
एम.ए. (ज्योतिष), एम. ए (स्थापत्य वेद), एम.बी.ए
फोन: 9770262977
Blog: devendrasable.wordpress.com

कारखाने, फैक्ट्री में मशीनों की मरम्मत व रखरखाव की कार्यशाला (वर्कशॉप) पश्चिम में बनाना चाहिए। पश्चिम दिशा ग्रह देव शनि ...
18/07/2025

कारखाने, फैक्ट्री में मशीनों की मरम्मत व रखरखाव की कार्यशाला (वर्कशॉप) पश्चिम में बनाना चाहिए। पश्चिम दिशा ग्रह देव शनि की है और शनि देव कल-पुर्जे और उनकी मरम्मत आदि पे अपना अधिकार रखते हैं।
देवेन्द्र एम् साबले

गुरुजी की प्रसादी Devendra M Sable

वास्तु की निशुल्क कक्षाओं हेतु सुचना प्रिय साथियों वास्तु शास्त्र की प्रारंभिक से लेकर एडवांस तक की कक्षाएं हम पुनः 27 ज...
17/07/2025

वास्तु की निशुल्क कक्षाओं हेतु सुचना

प्रिय साथियों

वास्तु शास्त्र की प्रारंभिक से लेकर एडवांस तक की कक्षाएं हम पुनः 27 जुलाई दिन रविवार से प्रारंभ करने जा रहे हैं। जिसमें आपको वास्तु के प्रारंभिक ज्ञान से लेकर 45 देवताओं की सूक्ष्म जानकारी एवं उन्हें कैसे एक्टिवेट करना है। दिशाओ में उत्पन्न दोष को कैसे परिहार करना है। और किसी विशेष क्षेत्र में प्रगति और प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए किन क्षेत्रों पर किस प्रकार से कार्य करना है। इसका पूर्ण ज्ञान इन कक्षाओं में दिया जाएगा कक्षाएं प्रति शनिवार एवं रविवार आयोजित की जाएगी।

जो भी साथी इन कक्षाओं में सम्मिलित होना चाहते है। अपनी सहमति निजी तौर पर मैसेज करके दे सकते है।

आशा करते है की यह कक्षाए आपको वास्तु के क्षेत्र में नई उपलब्धि प्रदान करेगी।

वास्तु शास्त्र के अधिक जानकरी एवं कक्षा की लिंक के लिए आप हमारे व्हाट्सअप ग्रुप में सम्मिलित हो सकते है
https://chat.whatsapp.com/LeJAu3wjjZ6LSuBoZX7gjv

धन्यवाद
आपका वास्तु साथी
देवेंद्र एम् साबले
संस्थापक: ज्योतिष वाक्यं
पूर्व ज्योतिषी: एस्ट्रो टॉक
पूर्व ज्योतिषी: एस्ट्रो सेज

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