26/08/2026
जनेऊ सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि हमारी चेतना और ऊर्जा के तीन मुख्य बन्धनों (ग्रंथियों) को खोलने की एक दिव्य चाबी है। 🧵✨
🔹 ब्रह्म ग्रन्थि – मूलाधार चक्र (सृजन का केन्द्र) | मस्तिष्क के मध्य में अनुभव
🔹 विष्णु ग्रन्थि – नाभि चक्र (पालन का केन्द्र) | आमाशय के ऊर्ध्व भाग में अनुभव
🔹 रुद्र ग्रन्थि – सहस्रार चक्र (संहार और आत्मज्ञान) | मूत्राशय के पास अनुभव
"तू बंधनों में बंधा नहीं, तू मुक्ति का अधिकारी है।"
इस जनेऊ पर्व पर आइए संकल्प लें कि शरीर के साथ-साथ अपने मन और आत्मा की सभी गांठों को भी खोलें। 🙏
📞 व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें:
आचार्य Anjana | 9407555063
#️⃣ ट्रेंडिंग हैशटैग्स (Hashtags)