Universal Builder & Devloper Bhopal

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24/07/2026

WHO के अनुसार अधिक वजन/मोटापा कई कारकों से जुड़ा होता है और नियमित शारीरिक गतिविधि व संतुलित आहार इसके प्रबंधन की आधारशिला हैं।

वज़न कम करने में आयुर्वेद परम 1. आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में

आयुर्वेद में मोटापे को सामान्यतः स्थौल्य/मेदोवृद्धि से जोड़ा जाता है। कुछ औषधियां चिकित्सक की देखरेख में सहायक रूप से दी जाती हैं, जैसे:

* त्रिफला – पाचन और मलावरोध की स्थिति में उपयोगी हो सकती है।
* गुग्गुलु-आधारित औषधियां – जैसे मेदोहर/कांचनार गुग्गुलु आदि, लेकिन इनका चुनाव व्यक्ति की प्रकृति, अग्नि, रोग और अन्य दवाओं के अनुसार होना चाहिए।
* त्रिकटु – कुछ लोगों में पाचन-संबंधी उपयोग किया जाता है।
* मेथी, अदरक, दालचीनी आदि – भोजन के रूप में सीमित मात्रा में उपयोग किए जा सकते हैं।

⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी: किसी भी “फैट बर्नर”, “7 दिन में 10 किलो वजन कम”, “100% प्राकृतिक और बिना साइड इफेक्ट” जैसे उत्पाद से सावधान रहें। कुछ आयुर्वेदिक/हर्बल उत्पादों में भारी धातुएँ या छिपे हुए औषधीय पदार्थ पाए जा सकते हैं; “प्राकृतिक” का अर्थ हमेशा “सुरक्षित” नहीं होता।

विशेष रूप से बिना चिकित्सकीय सलाह के न लें:

* भस्म/रसौषधि/धातु-युक्त औषधियां
* अज्ञात ऑनलाइन “स्लिमिंग पाउडर”
* तेज़ असर वाली “फैट बर्नर” गोलियां
* लंबे समय तक रेचक/दस्त कराने वाली औषधियां

यदि आपको मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड, किडनी/लिवर रोग है या आप नियमित दवाएं लेते हैं, तो आयुर्वेदिक औषधि शुरू करने से पहले चिकित्सक से सलाह आवश्यक है।



2. वजन कम करने के लिए खानपान

प्लेट का सरल नियम

हर मुख्य भोजन में:

* ½ प्लेट: सब्जियां/सलाद
* ¼ प्लेट: प्रोटीन — दाल, चना, राजमा, पनीर की नियंत्रित मात्रा, अंडा, मछली/चिकन आदि
* ¼ प्लेट: रोटी/चावल/अन्य अनाज

WHO भी न्यूनतम-प्रसंस्कृत भोजन, सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और मेवों को प्राथमिकता देने तथा अधिक चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और नमक को सीमित करने की सलाह देता है।

सुबह

इनमें से कोई विकल्प:

* गुनगुना पानी
* बिना चीनी की चाय/हर्बल चाय
* नाश्ता: मूंग दाल चीला, दलिया, ओट्स, अंडा, अंकुरित अनाज या सब्जियों वाला पोहा

दोपहर

* 2 छोटी रोटी या नियंत्रित मात्रा में चावल
* दाल/सब्जी/सलाद
* छाछ या दही, यदि आपको अनुकूल हो

शाम

भूख लगे तो:

* फल
* भुना चना
* थोड़े मेवे
* अंकुरित मूंग
* बिना चीनी की चाय

रात

रात का भोजन हल्का रखें:

* सब्जी + दाल/प्रोटीन
* 1–2 छोटी रोटी, आवश्यकता के अनुसार
* देर रात भारी भोजन से बचें



3. किन चीजों का परहेज़ करें?

सबसे अधिक ध्यान इन पर दें:

❌ चीनी वाली चाय/कॉफी बार-बार
❌ मिठाई, मिठाईयुक्त पेय, कोल्ड ड्रिंक
❌ पैकेट जूस और मीठे पेय
❌ समोसा, कचौरी, पकौड़े, नमकीन
❌ बिस्किट, केक, पेस्ट्री
❌ पिज्जा, बर्गर और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन
❌ रात में बार-बार खाना
❌ भोजन के साथ बहुत अधिक तेल/घी
❌ टीवी/मोबाइल देखते हुए बिना ध्यान के खाना

चीनी, अत्यधिक ऊर्जा-युक्त भोजन और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ वजन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

घी पूरी तरह बंद करना आवश्यक नहीं है, लेकिन मात्रा नियंत्रित रखें। “स्वस्थ” भोजन भी अधिक मात्रा में लेने पर वजन बढ़ा सकता है।



4. वजन कम करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आदतें

① रोज़ चलना

शुरुआत 30 मिनट तेज़ चाल से करें। धीरे-धीरे सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधि तक पहुँचें। अतिरिक्त लाभ के लिए 300 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है। सप्ताह में 2 दिन शक्ति-वर्धक व्यायाम भी उपयोगी है।

② भोजन की मात्रा पर नियंत्रण

वजन घटाने में केवल “क्या खा रहे हैं” नहीं, बल्कि कितना खा रहे हैं भी महत्वपूर्ण है।

③ पर्याप्त नींद

देर रात तक जागना और अनियमित नींद भूख तथा खाने की आदतों को बिगाड़ सकती है। नियमित नींद की दिनचर्या रखें।

④ सप्ताह में एक बार वजन

रोज़-रोज़ वजन देखकर परेशान होने के बजाय सप्ताह में एक बार, समान समय पर वजन लें।

⑤ कमर का घेरा भी नापें

कभी-कभी वजन कम न दिखे लेकिन कमर का घेरा घट रहा हो—यह भी सुधार का अच्छा संकेत है।



5. वजन दोबारा न बढ़े, इसके लिए “स्थायी नियम”

वजन घटने के बाद सबसे बड़ी गलती होती है कि व्यक्ति फिर पुरानी आदतों पर लौट जाता है।

इन 8 नियमों को स्थायी बनाएं:

1. रोज़ाना कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि।
2. मीठे पेय को नियमित आदत न बनाएं।
3. सप्ताह में केवल सीमित अवसरों पर पसंदीदा उच्च-कैलोरी भोजन।
4. घर में बिस्किट, नमकीन और मिठाई का बड़ा स्टॉक न रखें।
5. भोजन धीरे-धीरे और बिना मोबाइल के करें।
6. सप्ताह में कम से कम एक बार वजन जांचें।
7. यदि वजन लगातार बढ़ने लगे, तो तुरंत भोजन और गतिविधि की समीक्षा करें।
8. बहुत कठोर डाइट से बचें—धीरे-धीरे घटा हुआ वजन सामान्यतः बनाए रखना आसान होता है। सहायक हो सकता है, लेकिन केवल “वजन घटाने की औषधि” पर निर्भर रहना उचित नहीं है। स्थायी परिणाम के लिए खानपान + शारीरिक गतिविधि + नींद + व्यवहार में बदलाव सबसे महत्वपूर्ण हैं।
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*🌿🌿वैद्यराज-त्रिगुणाचार्य🌿🌿*
नाड़ीवैद्य-आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सक
*महर्षि आयुर्वेद चिकित्सा संस्थान भोपाल*
——(SINCE-1957)———
(8770448757--9827334608)
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लीवर यदि ये लक्षण दे रहा तो-हो जाएँ सावधान‼️*लगातार थकान और कमजोरीभूख कम लगनामतली या उल्टीपेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में ...
17/07/2026

लीवर यदि ये लक्षण दे रहा तो-हो जाएँ सावधान‼️*

लगातार थकान और कमजोरी
भूख कम लगना
मतली या उल्टी
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन
पेट फूलना
वजन कम होना
त्वचा में खुजली
गंभीर लक्षण
आँखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
पेशाब का गहरा पीला या भूरा होना
मल का रंग हल्का या सफेद होना
पैरों और पेट में सूजन
आसानी से खून बहना या शरीर पर नीले निशान पड़ना
भ्रम, भूलने की समस्या या अत्यधिक नींद आना (गंभीर लिवर रोग में)
ज्यादातर
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दें, खासकर पीलिया, पेट में सूजन, खून की उल्टी, या बहुत अधिक कमजोरी, तो तुरंत आयुर्वेद चिकित्सक से संपर्क करें।

लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय
संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
तैलीय, जंक और अत्यधिक मीठे भोजन से बचें।
शराब का सेवन न करें।
नियमित व्यायाम करें।
पर्याप्त पानी पिएँ।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ या हर्बल सप्लीमेंट न लें।
यदि आपको:
आंखों या त्वचा का पीला पड़ना,
गहरे रंग का पेशाब,
पेट में लगातार दर्द या सूजन,
लगातार उल्टी,
अत्यधिक कमजोरी
जैसे लक्षण हों, तो केवल आयुर्वेदिक उपचार पर निर्भर न रहें। तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं। आवश्यक होने पर LFT (Liver Function Test) और अन्य जांच कराई जाती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय
सुबह पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
तला-भुना, बहुत अधिक मसालेदार और जंक फूड कम करें।
शराब से पूरी तरह बचें।
नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें।
आयुर्वेद में प्रचलित कुछ जड़ी-बूटियां
इनका उपयोग केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से करें:
भूम्यामलकी (भुई आंवला)
कालमेघ
कुटकी
गुडूची (गिलोय)
आंवला
ये जड़ी-बूटियां पारंपरिक रूप से यकृत (लिवर) के स्वास्थ्य के लिए उपयोग की जाती हैं, लेकिन इन्हें "लिवर साफ करने" का प्रमाणित उपाय आयुर्वेद चिकित्सक या वैद्य के बिना सलाह के नहीं माना जा सकता।
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*🌿🌿वैद्यराज-त्रिगुणाचार्य🌿🌿*
नाड़ीवैद्य-आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सक
*महर्षि आयुर्वेद चिकित्सा संस्थान भोपाल*
(8770448757--9827334608)
{70 वर्षों का खानदानी अनुभव}
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25/06/2026

ऑपरेशन के डर से अस्पताल से भागी माँ ज़ी
रो-रोकर हो रहा था बुरा हाल …
फिर ऐसे मिला आराम!
゚ #इंडिया

11/06/2026

शरीर में गांठें क्यों बनने लगती हैं…? कारण बचाव और उपचार
#ट्यूमर ゚

30/05/2026

Ayurvedic Treatment with special Therapy for Better Disease Free Life

*अति सुंदर संदेश*☘️☘️*लिपिड प्रोफाइल क्या है ?*☘️☘️एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने लिपिड प्रोफाइल को बहुत ही बेहतरीन ढंग से समझा...
28/05/2026

*अति सुंदर संदेश*

☘️☘️*लिपिड प्रोफाइल क्या है ?*☘️☘️
एक प्रसिद्ध चिकित्सक ने लिपिड प्रोफाइल को बहुत ही बेहतरीन ढंग से समझाया और अनोखे तरीके से समझाने वाली एक खूबसूरत कहानी साझा की।

`कल्पना कीजिए कि हमारा शरीर एक छोटा-सा कस्बा है। इस कस्बे में सबसे बड़े उपद्रवी हैं -` *कोलेस्ट्रॉल।*

`इनके कुछ साथी भी हैं। इनका मुख्य अपराध में भागीदार है -` *ट्राइग्लिसराइड।*

इनका काम है - गलियों में घूमते रहना, अफरा-तफरी मचाना और रास्तों को ब्लॉक करना।

*दिल* इस कस्बे का सिटी सेंटर है। सारी सड़कें दिल की ओर जाती हैं।
जब ये उपद्रवी बढ़ने लगते हैं तो आप समझ ही सकते हैं क्या होता है। ये दिल के काम में रुकावट डालने की कोशिश करते हैं।

लेकिन हमारे शरीर-कस्बे के पास एक पुलिस बल भी तैनात है -
*HDL*
वो अच्छा पुलिसवाला इन उपद्रवियों को पकड़कर जेल *(लिवर)* में डाल देता है।
फिर लिवर इनको शरीर से बाहर निकाल देता है – हमारे ड्रेनेज सिस्टम के ज़रिए।

लेकिन एक बुरा पुलिसवाला भी है - *LDL* जो सत्ता का भूखा है।
LDL इन उपद्रवियों को जेल से निकालकर फिर से सड़कों पर छोड़ देता है।
जब अच्छा पुलिसवाला *HDL* कम हो जाता है तो पूरा कस्बा अस्त-व्यस्त हो जाता है।

ऐसे कस्बे में कौन रहना चाहेगा?
क्या आप इन उपद्रवियों को कम करना और अच्छे पुलिसवालों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं?

*चलना* शुरू कीजिए!
हर कदम के साथ *HDL* बढ़ेगा, और *कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड* और *LDL* जैसे उपद्रवी कम होंगे।
आपका शरीर (कस्बा) फिर से जीवंत हो उठेगा।

आपका दिल – सिटी सेंटर – उपद्रवियों की ब्लॉकेज *(हार्ट ब्लॉक)* से सुरक्षित रहेगा।
और जब दिल स्वस्थ होगा तो आप भी स्वस्थ रहेंगे।
इसलिए जब भी मौका मिले – चलना शुरू कीजिए!
*स्वस्थ रहें...* और
*अच्छे स्वास्थ्य* की कामना
*यह लेख HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाने और LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) कम करने का बेहतरीन तरीका बताता है यानी चलना।*

हर कदम HDL को बढ़ाता है।
इसलिए – *चलो, चलो और चलते रहो।*

`यह चीजें कम करें:-`
1. नमक
2. चीनी
3. ब्लीच किया हुआ मैदा
4. डेयरी उत्पाद
5. प्रोसेस्ड फूड्स

*यह सब रोज खाएं:-*
1. सब्जियां
2. दालें
3. बीन्स
4. मेवे
5. कोल्ड प्रेस्ड तेल
6. फल

*तीन चीजें जिन्हें भूलने की कोशिश करें:*
1. अपनी उम्र
2. अपना अतीत
3. अपनी शिकायतें

*चार जरूरी चीजें जिन्हें अपनाएं:*
1. अपना परिवार
2. अपने दोस्त
3. सकारात्मक सोच
4. स्वच्छ और स्वागत भरा घर

*तीन मूलभूत बातें जिन्हें अपनाना चाहिए:*
1. हमेशा मुस्कराएं
2. अपनी गति से नियमित शारीरिक गतिविधि करें
3. अपने वजन की जांच और नियंत्रण करें

*छः आवश्यक जीवन-शैली जो आपको अपनानी चाहिए:*
1. पानी पीने के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप प्यासे न हों।
2. आराम करने के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप थके नहीं।
3. चिकित्सीय परीक्षणों के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप बीमार न हों।
4. चमत्कारों की प्रतीक्षा न करें, भगवान पर भरोसा रखें।
5. कभी भी अपने आप पर से विश्वास न खोएं।
6. सकारात्मक रहें और हमेशा एक बेहतर कल की आशा रखें।

यदि आपके मित्र हैं इस आयु सीमा में *(45-80 वर्ष)* कृपया उन्हें यह भेजें।

इसे आप सभी नागरिकों को भेजें जिन्हें आप जानते हैं।
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25/05/2026

प्रोफेसर साहब की प्रोस्टेट और पथरी दोनों कम हो गई अब ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं….

वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में हम चेहरे को चमकाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन शरीर के उस हिस्से ...
17/05/2026

वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में हम चेहरे को चमकाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन शरीर के उस हिस्से को भूल जाते हैं जो हमारा पूरा बोझ उठाता है—हमारे पैर।

​आयुर्वेद में एक छिपी हुई संजीवनी है जिसे 'पाद अभ्यंग' (Foot Massage) कहते हैं। यह सिर्फ पैरों की मालिश नहीं है, बल्कि आपके शरीर का 'रिमोट कंट्रोल' है!

​☘️वो बातें जो आपको किसी डॉक्टर ने नहीं बताई होंगी:
​आँखों का चश्मा और पैरों का तलवा: क्या आप जानते हैं कि पैर के अँगूठे के ठीक नीचे दो ऐसी नसें होती हैं जिनका सीधा कनेक्शन आपकी आँखों की रोशनी (Vision) से है? रात को तलवों में कांसे की कटोरी या हाथों से की गई मालिश आपकी आँखों के सूखेपन (Dry Eyes) को गायब कर सकती है।

​दिमाग का 'स्विच ऑफ' बटन: जब आप रात को गहरी नींद के लिए तरसते हैं और दिमाग में विचारों का तूफान चल रहा होता है, तो पैर के तलवों में छुपा 'कूर्म नाड़ी' का केंद्र एक्टिव हो जाता है। जैसे ही वहाँ सही तेल पहुंचता है, दिमाग को तुरंत शांत होने का सिग्नल मिलता है।

​वात का परमानेंट इलाज: शरीर में ८०% बीमारियां 'वात' (Air element) के बिगड़ने से होती हैं। पैर के तलवे वात का मुख्य स्थान हैं। यहाँ की गई मालिश आपके शरीर के दर्द, एड़ियों के फटने और गैस-एसिडिटी तक को कंट्रोल करती है।

​👍करना क्या है? (सिर्फ ५ मिनट का जादू)

​रात को पैर अच्छे से धोकर पोंछ लें।

​हल्का गुनगुना तिल का तेल (सर्दियों में) या गाय का घी/नारियल तेल (गर्मियों में) लें।

​तलवों, उंगलियों के बीच और एड़ियों पर हल्के हाथों से या कांसे की कटोरी से ५-५ मिनट मालिश करें।

​फायदा? सुबह उठते ही आप खुद को इतना हल्का और तरोताजा पाएंगे कि चाय की तलब भी महसूस नहीं होगी!

​💡 आयुर्वेद का यह अनमोल रहस्य अपनों के साथ ज़रूर शेयर करें, क्योंकि सेहतमंद रहना सबका हक है।

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11/05/2026

*☘️लकवा/ न्यूरो कि समस्या का समाधान☘️*
हाथ में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना एक आम समस्या है, खासकर सोते समय। अक्सर लोग इसे "हाथ सोना" समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन कई बार इसके पीछे नसों पर दबाव (Nerve Compression) जैसा गंभीर कारण हो सकता है। 👇
जब हम गलत पोज़िशन में सोते हैं, तो गर्दन, कंधे या हाथ पर लंबे समय तक दबाव पड़ता है, जिससे नसों तक ब्लड और सिग्नल्स का प्रवाह बाधित होता है। इसके कारण:
⚡ झनझनाहट (Tingling)
⚡ सुन्नपन (Numbness)
⚡ कमजोरी (Weakness)
⚡ सुई चुभने जैसा एहसास (Pins and Needles)
हो सकता है।
नसों पर दबाव के अन्य संभावित कारण:
गर्दन की नसें (Cervical Nerves, C5–C8): ये नसें हाथों और उंगलियों को नियंत्रित करती हैं। यदि इन नसों पर दबाव पड़ता है, तो हाथ में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो सकती है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (Cervical Spondylosis): रीढ़ की हड्डी में उम्र के साथ होने वाले बदलावों के कारण नसों पर दबाव पड़ सकता है।
कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome): कलाई की नसों पर दबाव पड़ने से यह समस्या होती है।
विटामिन B12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency): यह विटामिन नसों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन हो सकता है।
लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में सोना: यह नसों पर दबाव डाल सकता है।
गलत तकिया या पॉस्चर: सोते समय सिर और गर्दन को सहारा देने के लिए सही तकिया और पॉस्चर का इस्तेमाल करें।
तुरंत डॉक्टर से सलाह लें यदि:
❌ बार-बार सुन्नपन हो
❌ हाथ कमजोर महसूस हो
❌ गर्दन में तेज दर्द हो
❌ पकड़ कमजोर हो जाए
❌ चेहरे या पैर में भी सुन्नपन हो
इन लक्षणों के बने रहने पर डॉक्टर (Neurologist or Orthopedic) से जांच कराना बहुत ज़रूरी है।
क्या करें?
✔️ सही Sleeping Posture रखें: पेट के बल सोने से बचें। पीठ या करवट लेकर सोएँ।
✔️ सही तकिए का इस्तेमाल करें: बहुत ऊँचा या बहुत पतला तकिया न लें।
✔️ नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और व्यायाम करें: गर्दन और कंधे की स्ट्रेचिंग नसों को राहत दे सकती है।
✔️ विटामिन B12 युक्त आहार लें: जैसे कि दूध, अंडे, माँस, मछली, और सप्लीमेंट्स।
✔️ लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में न सोएँ।
याद रखें:
हाथ का कभी-कभी सुन्न होना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह बार-बार होता है तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है कि नसों में कोई समस्या है। सही समय पर जांच और इलाज से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।
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07/05/2026

3 तीन में शराब की लत समाप्त….
दिन रात 24 घंटे शराब पीने वाले ने 3 दिन में छोड़ दी शराब फिर अपने जीजाजी को लेकर आए आयुर्वेदिक दवा से ऐसे मिला चमत्कारिक परिणाम…..

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