30/07/2026
चाइल्ड इश्यू
अभी कुछ दिन पहले मेरी क्लीनिक में एक विवाहित जोड़ा आया। पति पत्नी दूसरे शहर से थे इसलिए उनको दो घंटे से ज्यादा का समय दिया, सारी जानकारी ली, दोनों से बारी-बारी ढेरों प्रश्न किए, स्वास्थ्य, स्वभाव, मनःस्थिति जाँच रिपोर्ट्स आदि सब कुछ।
सब कुछ लगभग सामान्य था। विवाह को दो वर्ष हो गए लेकिन गर्भ धारण नहीं हुआ था। इस सबके बाद पारिवारिक हिस्ट्री पर जानकारी ली तो बेहद रोचक बात सामने आई। लड़की के परिवार में माँ मौसी नानी आदि सभी देर से माँ बनी। सभी को 5 साल से 7 साल तक का समय लगा।
अब मेडिकल साइंस के अनुसार देखा जाए तो मुद्दा जेनेटिक्स का बनता है। लेकिन यह आधा सच है। कारण यह कि भारतीय समाज में विवाह होने के 1 या 2 वर्ष से ही सास ससुर और समाज दबाव डालना आरम्भ कर देता है। जैसे जैसे समय बढ़ता जाता है दबाव और बढ़ता है ताने और चुभने वाले होने लगते हैं।
आगे होता यह है कि मानसिक दबाव में रहने वाले पति पत्नी लगातार तनाव में रहने लगते हैं और इस तनाव का सीधा असर उनके हार्मोन्स पर पड़ता है। इस तरह जो गर्भधारण प्रसत्तचित्त रहते हुए ऐसे 2 वर्ष में हो जाने वाला था वह 4 -5 वर्ष पीछे खिसक जाता है आगे पति पत्नी इस दुष्चक्र में फंसते चले जाते हैं और तनाव और देरी और देरी और लोगों द्वारा दिया जा रहा तनाव।
अरे भई यदि नवविवाहित पति पत्नी के 2-4 साल भी यदि बच्चे नहीं हो रहे तो उन्हें ताने क्यों मारना? यह भी तो अच्छा ही है ना कि उन्हें अच्छा समय मिल पा रहा है एक दूसरे को जानने समझने व गहराई से जुड़ने का। बहुत जल्दी बच्चा हो जाना उन पति पत्नी के लिए एक जोर का झटका ही होता है, जिन्होंने अभी साथ जीना बस शुरु ही किया हो। सके अलावा यदि तनाव के साथ गर्भ ठहरा तो संतान पर उसका नकारात्मक प्रभाव भी जरूर देखने मिलेगा।
बहरहाल इन दोनों को अपने परिवार को समझाने और ना समझें तो इस मुद्दे पर पूरी तरह इग्नोर करने का सुझाव दिया है, वे कुछ भी कहें बेफिकर होकर मस्त लाइफ जीना जरूरी है। तनावमुक्त रहेंगे तो गर्भधारण की संभावना बढ़ेगी साथ ही संतान भी बेहतर होगी।
अब आपको लग सकता है कि कोई मेडिसिन क्यों ना दी? तो हमेशा मेडिसिन देना आवश्यक नहीं होता। कभी केवल सही सुझाव भर देना काम कर जाता है। जीनगत दोष दूर किया जा सकता है लेकिन यह अपने आप में वर्षों का समय लेने वाली प्रक्रिया है। इतने समय में तो यूँ ही मानसिक संबल काम कर जाएगा।