Dr. Safi's Homoeopathic Clinic

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शरीर की चमड़ी पर विभिन्न आकार एवं विभिन्न स्थानों पर सफेद दाग leucoderma/vitiligo के नाम से जाना जाता है। मेलेनिन नाम के...
27/09/2022

शरीर की चमड़ी पर विभिन्न आकार एवं विभिन्न स्थानों पर सफेद दाग leucoderma/vitiligo के नाम से जाना जाता है। मेलेनिन नाम के पदार्थ की चमड़ी पर सुचारू आपूर्ति बाधित होने यह रोग होता है। इन धब्बों से कोई शारीरिक तकलीफ तो नहीं होती ना ही संपर्क में आने वाले व्यक्ति को यह रोग लगता है किन्तु भद्दापन दिखाई देने के कारण रोगी तनाव ग्रस्त रहता है। सफेद दागों का रोग अनुवांशिक अथवा स्वयं के toxic पदार्थो के सेवन के कारण हो सकता है। 1982 से सफेद दाग के उपचार के मेरे अनूभव अनुसार सफेद दाग के 100% रोगी 100% ठीक हो जाते हैं। आवश्यकता परहेज जो कि कुछ खास नहीं (बाज़ार के खाने की वस्तुएं, विटामिन C, केमिकल्स, कास्मेटिक ) का करना होता है। चमड़ी पर ointment का उपयोग निषेध होता है । क्योंकि ये रोग आंतरिक कारणों से होता है इसलिए इसका सफल इलाज भी रोगी के सम्पूर्ण लक्षणों को ध्यान में रख कर आंतरिक homoeopathic medicines से करता आया हूं ।
सफेद दाग/leucodrma रोग उपचार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता बल्कि मानसिक एवं शारीरिक अन्य वियाधी ठीक हो कर रोगी स्वस्थ हो जाता है ।
इलाज का मुख्य केन्द्र मेलेनिन नाम के पदार्थ की चमड़ी पर आपूर्ति सुचारू करना होता है। जिससे चमड़ी पर सफेद दाग मिट कर चमड़ी का प्राकृतिक रंग वापस होकर चमड़ी के मूल रंग में मिल जाएं।
दो माह के इलाज से सफेद दाग मिटना)/धूमिल होना दिखाई देने लगता है तथा नये दाग आना रुक जाता है । जो सफेद दाग रोग मिटने का संकेत है।
अधिक जानकारी के लिए www.drsaficlinic.com
डॉ. सफी होम्योपैथिक क्लीनिक, 5/4 संजय कांप्लेक्स, माता मंदिर, टी. टी. नगर, भोपाल
डॉ. सफी होम्योपैथिक क्लीनिक, सौलत मंज़िल, पुरानी काजियात के सामने, मोती मस्जिद, भोपाल
मो: 9425006131 - 9827249409 पर संपर्क कर सकते है।

04/08/2022
27/10/2019

शरीर पर सफ़ेद दाग़ जिसको leucoderma अथवा vitiligo के नाम से भी जानते हैं का होना ज़ाहिर हे चमड़ी को रंग देने वाले पदार्थ जिसको मेलेन.....

27/10/2019

सफ़ेद दाग़ मिटने में समय क्यों लगता है
शरीर पर सफ़ेद दाग़ जिसको leucoderma अथवा vitiligo के नाम से भी जानते हैं का होना ज़ाहिर हे चमड़ी को रंग देने वाले पदार्थ जिसको मेलेनिन के नाम से जानते हैं की कमी अथवा उसकी आपूर्ति बाधित होना कारण होती है| मेलेनिन की यह कमी अथवा बाधा चमड़ी पर जिन जगहों पर होगी वहां चमड़ी का मूल रंग बदल कर सफ़ेद होने लगता है | मेलेनिन की कमी अथवा आपूर्ति में बाधा इंगित करती है के शरीर में अस्वस्थता है तथा शरीर के आंतरिक अंगो की क्रयाओं के ताल मेल में खराबी है| सफ़ेद दाग़ मिटने के लिए शरीर की आंतरिक कार्य पर्णाली सुचारु होना आवश्यक है | जिसके लिए शरीर को अंदर से ठीक किया जाने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है | शरीर को पूर्ण स्वस्थ करने के लिए होम्योपैथिक पद्धति से उपचार ही एक रास्ता है |होम्योपैथिक पद्धति से उपचार का मतलब हे रोगी को पूर्ण रूप से स्वस्थ करना अर्थात रोगी को मानसिक शारीरिक एवं आत्मिक रूप से रोग मुक्त कर आंतरिक एवं बाह्य प्रक्रियाओं को सामान्य/ सहज करना | होम्योपैथिक उपचार से जब शरीर के आंतरिक अंगो की क्रियाएं सामान्य होने लगती हैं तो मेलेनिन की आपूर्ति शरीर को सामन्य होने लगती है और सफ़ेद दाग़ मिटना शरू हो जाते हैं किन्तु सफ़ेद दागों के मिटने की गति धीमी लगती है | इस धीमी गति की वजह है मेलेनीन की सामन्य आपूर्ति यदी मेलेनिन अधिक बनेगा तो शरीर की चमड़ी काली होने लगेगी कियोंकि मेलेनिन सप्लाई चमड़ी के रंग के अनुसार होने लगती है तो उन स्थानों पर जहाँ सफेदी हो चुकी है उतना ही मेलेनिन पहुँचता है जितना स्वस्थ शरीर को सप्लाई आवश्यक है | सफ़ेद धब्बो वाले स्थानों पर सामान्य मात्रा में मेलेनिन पहुँचने से वहां रंगत बदलने में समय लगता है |

27/10/2019

सफ़ेद दाग़ मिटने में समय क्यों लगता है
शरीर पर सफ़ेद दाग़ जिसको leucoderma अथवा vitiligo के नाम से भी जानते हैं का होना ज़ाहिर हे चमड़ी को रंग देने वाले पदार्थ जिसको मेलेनिन के नाम से जानते हैं की कमी अथवा उसकी आपूर्ति बाधित होना कारण होती है| मेलेनिन की यह कमी अथवा बाधा चमड़ी पर जिन जगहों पर होगी वहां चमड़ी का मूल रंग बदल कर सफ़ेद होने लगता है | मेलेनिन की कमी अथवा आपूर्ति में बाधा इंगित करती है के शरीर में अस्वस्थता है तथा शरीर के आंतरिक अंगो की क्रयाओं के ताल मेल में खराबी है| सफ़ेद दाग़ मिटने के लिए शरीर की आंतरिक कार्य पर्णाली सुचारु होना आवश्यक है | जिसके लिए शरीर को अंदर से ठीक किया जाने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है | शरीर को पूर्ण स्वस्थ करने के लिए होम्योपैथिक पद्धति से उपचार का मतलब हे रोगी को पूर्ण रूप से स्वस्थ करना अर्थात रोगी को मानसिक शारीरिक एवं आत्मिक रूप से रोग मुक्त कर आंतरिक एवं बाह्य प्रक्रियाओं को सामान्य/ सहज करनाक पद्धति से उपचार ही एक रास्ता है | जैसा के विदित है होम्योपैथिक पद्धति से उपचार का मतलब हे रोगी को पूर्ण रूप से स्वस्थ करना अर्थात रोगी को मानसिक शारीरिक एवं आत्मिक रूप से रोग मुक्त कर आंतरिक एवं बाह्य प्रक्रियाओं को सामान्य/ सहज करना | होम्योपैथिक उपचार से जब शरीर के आंतरिक अंगो की क्रियाएं सामान्य होने लगती हैं तो मेलेनिन की आपूर्ति शरीर को सामन्य होने लगती है और सफ़ेद दाग़ मिटना शरू हो जाते हैं किन्तु सफ़ेद दागों के मिटने की गति धीमी लगती है | इस धीमी गति की वजह है मेलेनी की सामन्य आपूर्ति यदी मेलेनिन अधिक बनेगा तो शरीर की चमड़ी काली होने लगेगी कियोंकि मेलेनिन सप्लाई चमड़ी के रंग के अनुसार होने लगती है तो उन स्थानों पर जहाँ सफेदी हो चुकी है उतना ही मेलेनिन पहुँचता है जितना स्वस्थ शरीर को सप्लाई है | सफ़ेद धब्बो वाले स्थानों पर सामान्य मात्रा में मेलेनिन पहुँचने से वहां रंगत बदलने में समय लगता है |

26/08/2019

सफ़ेद दाग के हज़ारों रोगियों के संपर्क में आने और उनके सफल इलाज का मुझे व्यक्तिगत अनुभव होने से रोग को लेकर भिन्न भिन....

25/08/2019

सफ़ेद दाग/ 𝐥𝐞𝐮𝐜𝐨𝐝𝐞𝐫𝐦𝐚 /𝐯𝐢𝐭𝐢𝐥𝐢𝐠𝐨/ का इलाज करना आवश्यक है, क्यों ???
सफ़ेद दाग के हज़ारों रोगियों के संपर्क में आने और उनके सफल इलाज का मुझे व्यक्तिगत अनुभव होने से रोग को लेकर भिन्न भिन्न प्रकार की मानसिकता एवं सोच वाले लोगों से मिलने का अवसर मुझे मिलता रहता है | सफ़ेद दाग रोग की शुरुआत होते ही घबराहट और जल्दबाज़ी में leucoderma/vitiligo पीड़ित देसी घरेलु उपचार से ठीक होने की कोशिश करता है खास कर दागों पर दवाई को चमड़ी पर लगा कर समझता है के इस से वह ठीक हो जायेगा किन्तु बजाये ठीक होने के सफ़ेद धब्बे और जगहों पर आने लगते हैं या मौजूद सफ़ेद धब्बे गहराने लगते हैं और सफेदी की चमक बढ़ जाती है | स्वाभाविक है की बजाये ठीक होने के रोग बढ़ने पर अख़बारों में छपे विभिन्न विज्ञापनों जिनमे २४ घंटे से लेकर सात दिन में चमड़ी का रंग बदलने का दावा किया होता है की शरण में जा कर दवाई मंगाता है | इस मंगाई हुई दवाई से भी कुछ फ़ायदा होना नहीं है| तो फिर परेशान हो कर किसी skin specialist से परामर्श लेता है | स्किन स्पेशलिस्ट leucoderma/ vitiligo|को चमड़ी का बाहरी रोग समझ कर खाने एवं लगाने दोनों की दवाई दे देता है| इसके बाद भी जब शरीर पर अन्य स्थानों पर नये धब्बे दिखाई देने पर रोगी हिम्मत हारने लगता है| वह परेशान तब अधिक हो जाता है जब नासमझ अज्ञानी लोग उसको समझाते हैं की सफ़ेद दाग का रोग ठीक नहीं होता है| क्योकि वह स्वयं इतना इलाज करवा चूका होता है तो वह भी यकीन कर लेता है के leucoderma/ vitiligo बीमारी ठीक नहीं होती जबकि ये मिथ्या है गलत है | सच तो ये है की सफ़ेद दाग १००% ठीक हो जाते हैं | ज़रुरत है सही इलाज की रोग जो दिखाई दे रहा है उसका नहीं बल्कि यह समझ कर इलाज किया जाये की रोग किसको और क्यों है शरीर को मेलेनिन सप्लाई सही प्रकार से क्यों नहीं हो रही है | कहने का मतलब ये है की शरीर ये बता रहा है की वो स्वस्थ एवं स्वाभाविक नहीं है | अर्थात सफ़ेद दाग के रोगी को उपचार ऐसा करना चाहिए जिस से शरीर के आंतरिक विकार दूर होकर रोगी पूर्ण स्वस्थ्य हो जाये| अतः सफ़ेद दाग के रोगी को स्वयं को पूर्ण स्वस्थ करने के लिए उपचार लेना चाहिए | अधिक जानकारी के लिए मोबाइल करें 09425006131, 08871714432

07/08/2019

सफ़ेद दाग़ क्यों होते हैं
सफ़ेद दाग़ हो क्यों जाते हैं यह एक प्रबल एवं महत्वपूर्ण प्रश्न हे ? Vitiligo/ Leucoderma/सफ़ेद दाग़ के इलाज में अपने लम्बे अनुभव से जहाँ तक मैं समझा हूँ सब से बड़ा कारण इस रोग की अनुवांशिक प्रवृत्ति होना हे ,अन्य कारणों में लम्बे समय तक चला एलोपैथिक इलाज अर्थात अंग्रेजी दवाइयों का लम्बे समय सेवन, जीवन शैली, बाज़ारी खाने पीने की चीज़ों का (जहाँ मिलावट की जा सकती हे) सेवन , मानसिक तनाव, इत्यादि|
सफ़ेद धब्बे चमड़ी पर प्रकट होते ही रोगी तनाव में आ जाता हे जो की एक सामान्य बात हे | रोग से छुटकारा पाने के लिए सफ़ेद दाग़ पीड़ित रोगी घरेलु उपाय जो की उसको उसके आस पास के लोग बताते हैं करने लगता हे | अधिकतर रोगी धब्बो पर दवाई लगाने को इलाज समझने लगते हैं, कुछ रोगी डॉक्टर से संपर्क करते हैं | होता यह है की सही उपचार न मिलने की वजह से सफ़ेद धब्बे संख्या और साइज़ में बढ़ते रहते हैं | यहाँ ये ध्यान दिलाना भी ज़रूरी है की आम तोर पर यह नहीं मालूम होता की Vitiligo/ Leucoderma/सफ़ेद दाग़ के रोगी को परहेज़ क्या करना होता है | सफ़ेद दाग़ के इलाज में परहेज़ बहुत महत्वपूर्ण होता है | वह चीज़ें जो रोग की दोस्त अर्थात रोग बढ़ाने में सहयोगी होती हैं उनका सेवन एवम उपयोग निषेध अनिवार्य होता है | जहाँ तक हो सके साबुन, डिटर्जेंट जैसी वस्तुओं से बचना चाहिए तथा कॉस्मेटिक का उपयोग बिल्क़ुल रोक देना चाहिए | क्योंकि सफ़ेद दाग़ शरीर का आंतरिक दोष के कारण होता है इसलिए शरीर को दोष मुक्त कर सकने में सूक्षम होम्योपैथिक ओषधि से स्थायी उपचार करना चाहिए | इस सम्बन्ध में ९४२५००६१३१, ८८७१७१४४३२ पर बात कर सकते हैं |

07/08/2019

सफ़ेद दाग़ हो क्यों जाते हैं यह एक प्रबल एवं महत्वपूर्ण प्रश्न हे ? Vitiligo/ Leucoderma/सफ़ेद दाग़ के इलाज में अपने लम्बे अनुभव से जह...

23/06/2019

VITILIGO/LEUCODERMA/सफ़ेद दाग मेरे अनुभव अनुसार :-

स्किन पर सफ़ेद दाग धब्बे होने की बीमारी को leucoderma/vitiligo के नाम से जाना जाता हे। शरीर पर ये रोग किसी भी हिस्से पर हो सकता हे। जबकि इस रोग से कोई परेशानी नहीं होती किन्तु चमड़ी पर भद्दा पन दिखाई देने से हींन भावना उत्पन हो जाती हे विशेष कर महिलाओं और लड़कियों में। जिससे रोगी तनाव ग्रस्त रहते हैं। मेरे अनुभव अनुसार leucoderma/vitilig /सफ़ेद दाग अनुवांशिक हो सकते हैं या फिर किसी दुसरे गहरे रोग जैसे tyophide , maleria , या अन्य कोई सीरियस बीमारी के एलोपैथिक इलाज के पश्चात् या फिर बाजार की स्पाइसी खाद्य वस्तुओं के उपयोग इन का कारण हो सकता हे । एक बार सफ़ेद धब्बे शरीर पर दिखाई देते ही विटामिन C वाले खाद्यों से, केमिकल मिलावटी खाद्यों से एलोपैथिक दवाइयों से तथा बाहरी यानि धब्बों पर लगाई जाने वाली दवाइयों से परहेज़ आवयशक हे । डिटर्जेंट साबुन के संपर्क से बचें यहाँ तक की नहाने के लिए पेअर्स सोप का उपयोग करें । आस पास के सलाह कारों के अनाड़ी इलाज से बचें । होमियोपैथी (homoeopathy) के चर्म रोग विशेषग/सफ़ेद दाग विशेषग डॉक्टर से संपर्क कर उसकी सलाह अनुसार इलाज करें कियोंकि गलत इलाज से जहाँ एक और लाभ नहीं होता वहीं दूसरी और रोग फैलता रहता हे । आगे और भी शेयर करुंग फिर भी चाहें तो मोब न 8871714432/9425006131 पर जानकारी ले सकते हैं

16/06/2019

𝗦𝗶𝗴𝗻𝘀 𝘄𝗵𝗶𝗰𝗵 𝗮𝘀𝗰𝗲𝗿𝘁𝗮𝗶𝗻 𝘁𝗵𝗮𝘁 𝘃𝗶𝘁𝗶𝗹𝗶𝗴𝗼/𝗹𝗲𝘂𝗰𝗼𝗱𝗲𝗿𝗺𝗮/ 𝘄𝗵𝗶𝘁𝗲 𝘀𝗽𝗼𝘁𝘀/𝘄𝗵𝗶𝘁𝗲 𝗽𝗮𝘁𝗰𝗵𝗲𝘀 𝗯𝗲𝗶𝗻𝗴 𝗰𝘂𝗿𝗲𝗱........

People suffering from vitiligo/leucoderma/ white spots/white patches should understand that what is the meaning of cure. Cure of vitiligo/leucoderma/ white spots/white patches is the disappearance of the white discolored patches of skin with natural color of skin without application of any external medicine. This natural coloring of white patches occur by covering the border of patches/by dimness of whiteness of patches or by formation of number of natural skin color dots over white patches. Discoloration of skin due to vitiligo/leucoderma/ white spots/white patches vanishes as reversely of they appeared. Body itself do melanin pigmentation on all the white patches. Spots appeared in last are pigmented first. More information contact 91 8871714432/91 9425006131.

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