01/05/2026
कुछ तोहफे अनमोल होते हैं !!
इस मरीज को पीसीओडी की समस्या थी, इसलिए शादी के पहले ही वो माहवारी नियमित आ सके, इसका ईलाज करवा रही थी।
मैने उसे दवाइयां लिखी।
शादी के दो माह बाद इस मरीज की दुर्भाग्य से एक आंख की रोशनी चली गई। जांच में पता चला कि ऑटोइम्यून बीमारी की वजह से आँख की रोशनी चली गई है ।
कई बड़ी जगह जाकर ईलाज करवाने के बाद मरीज को हल्का दिखना शुरू हुआ ।
फिर मरीज़ मेरे पास आयी और हमने गर्भ धारण के हिसाब से इलाज शुरू किया।
5 माह के इलाज के बाद उसका गर्भ रुका परंतु दो माह में ही मिसकैरेज हो गया।
फिर कुछ समय विराम लेकर फ़िर से इलाज शुरू किया, मेडिसिन दी गई और ओवुलेशन इंडक्शन स्टडी की। लेकिन जिस दिन गर्भधारण के लिए फॉलिकल रप्चर हुआ, उसी दिन मरीज के पति को (पीलिया) जॉन्डिस हो गया।
पुनः इलाज को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा ।
मैने 6 महीने के बाद फ़िर ईलाज शुरू किया, और इसके बाद पहले ही साइकिल में वो गर्भवती हो गई ।
पूरे नौ माह के बाद अब मरीज का नार्मल प्रसव हुआ। उसने सुन्दर बेटी को जन्म दिया☺️☺️। यह अनमोल तोहफा पा कर मरीज और उसके पति के आंखों से आंसू मोती के रूप में बहने लगे।
एक कठिन समय का अन्त हुआ।
दोनों ने हमारे अस्पताल को बहुत बहुत धन्यवाद दिया।
कभी कभी लगता है कि भगवान प्रकृति बहुत कठिन परीक्षा लेते हैं। पर अगर हम धैर्य रखें, तो भगवान के घर देर हो सकती है, पर अंधेर वाकई नहीं🙏😊।
डॉ आकांक्षा दीक्षित
Bilaspur Hospital
Main Road Mangla Basti.
Mangla ,Bilaspur .
7224982249
1 ART CENTRE Patient