10/08/2026
जब किसी व्यक्ति का एक या एक से अधिक दांत टूट जाता है या पूरी तरह निकल जाता है, तो खाली जगह को भरने के लिए डेंटल इम्प्लांट एक प्रभावी और लंबे समय तक चलने वाला विकल्प हो सकता है। दांत की कमी से चबाने में परेशानी, बोलने में दिक्कत, चेहरे के आकार में बदलाव और आसपास के दांतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। डेंटल इम्प्लांट जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है, जिसके ऊपर कृत्रिम दांत (क्राउन) लगाया जाता है, जिससे यह प्राकृतिक दांत की तरह दिखाई और काम कर सकता है। जब दांत किसी कारण से स्थायी रूप से निकल गया हो और मरीज की हड्डी व मसूड़ों की स्थिति इम्प्लांट के लिए उपयुक्त हो, तब डेंटल इम्प्लांट की सलाह दी जा सकती है। हालांकि, इम्प्लांट की आवश्यकता और उपयुक्तता का निर्णय दंत चिकित्सक की जांच और एक्स-रे/स्कैन के बाद ही किया जाना चाहिए।