Dr Navin Joshi

Dr Navin Joshi Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Dr Navin Joshi, C Block Lane No. 04 Sarswati Vihar, Dehra Dun.
(1)

Dr Navin Chandra Joshi
MD Ayurveda
PG Dip.in Yogic Sciences
PG Dip.in Preventive and Promotive Health Care
International Ayurveda consultant
Freelance Health writer
Founder AYUSH DARPAN FOUNDATION,Editor AYUSH DARPAN Web portal and AYUSH DARPAN JOURNAL

12/08/2026

जलौकावचरण (Jalaukavacharana) आयुर्वेद की प्राचीन एवं महत्वपूर्ण अनु...

10/08/2026

आयुर्वेद और सही सिद्धांतों के पालन से कैसे एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी में चमत्कारिक परिणाम मिले?
पंजाब की जसकीरत जी सेरेब्रल एट्रोफी (Cerebral Atrophy) नाम की बीमारी से पीड़ित थीं। उनका शारीरिक संतुलन पूरी तरह खो चुका था, स्मृति ह्रास (Memory Loss) हो रहा था और वह बोलने में असमर्थ होकर अवसाद (Depression) में चली गई थीं।
पटियाला से जब वे देहरादून स्थित हमारे केंद्र में आईं, तो हमने वात प्रकोप और रुक्ष गुण को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद के शास्त्रीय सिद्धांतों के आधार पर पंचकर्म एवं मर्म चिकित्सा शुरू की।
चिकित्सा में मुख्य रूप से शामिल था:
✅ नस्य (Nasya Karma) - मस्तिष्कीय विकारों का शमन
✅ शिरोधारा एवं शिरोपिचू (Shirodhara & Shiro Pichu) - वात शमन व तार्किक पोषण
✅ मेध्य रसायन (Medhya Rasayana) - मानसिक क्षमता व स्मृति सुधार
✅ मर्म चिकित्सा (Marma Therapy) - न्यूरोलॉजिकल रिकवरी हेतु
परिणाम:
जसकीरत जी, जो बोल नहीं पाती थीं और चलने में असमर्थ थीं, अब स्वयं अपने पैरों पर चल रही हैं और मानसिक रूप से भी बहुत प्रसन्न और स्वस्थ महसूस कर रही हैं।
यह केस साबित करता है कि यदि रोगी और चिकित्सक दोनों आयुर्वेद के सिद्धांतों का सही पालन करें, तो असंभव लगने वाले रोग भी साध्य हो सकते हैं।
📌 अधिक जानकारी एवं परामर्श के लिए संपर्क करें:
🌐 Website: www.drnavinjoshi.in
📞 Helpline Number: +91 9410379397
📲 Social Media:
🔔 चैनल को Subscribe करें और बेल आइकॉन दबाएं ताकि आयुर्वेद के प्रामाणिक ज्ञान और केस स्टडीज से जुड़े वीडियो आप तक सबसे पहले पहुंचे!

10/08/2026

fans

  fans महान आयुर्वेदाचार्य, प्रख्यात रसशास्त्री एवं पद्मश्री से सम्मानित वैद्य बालेन्दु प्रकाश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि...
07/08/2026

fans महान आयुर्वेदाचार्य, प्रख्यात रसशास्त्री एवं पद्मश्री से सम्मानित वैद्य बालेन्दु प्रकाश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।

आयुर्वेद, विशेषकर रसशास्त्र के क्षेत्र में आपका अद्वितीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। आपने अपने ज्ञान, अनुसंधान, समर्पण और सेवाभाव से आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया तथा असंख्य चिकित्सकों और विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, शिष्यों एवं समस्त आयुर्वेद जगत को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।

  fans💚 NavAyU Care“Aayurbhavtu Jeevanam”यानी — जीवन आयु और स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो। 🙏💚 NavAyU Care — जहाँ आयुर्वेद सिर...
07/08/2026

fans💚 NavAyU Care
“Aayurbhavtu Jeevanam”
यानी — जीवन आयु और स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो। 🙏

💚 NavAyU Care — जहाँ आयुर्वेद सिर्फ चिकित्सा नहीं, जीवनशैली का हिस्सा बनता है।

06/08/2026

⚡ चेहरा टेढ़ा हो गया था… 15 दिन बाद यह बदलाव देखकर आप भी चौंक जाएंगे! 😳
📍 करनाल (हरियाणा) से आए Facial Palsy (अर्दित)** रोगी की यह वास्तविक आयुर्वेदिक केस स्टडी* है।

रोगी मेरे एक शिष्य के मार्गदर्शन से उपचार हेतु पहुँचे। आयुर्वेदिक परीक्षण के बाद महर्षि चरक के सिद्धांतों के अनुसार उपचार प्रारम्भ किया गया, जिसमें मुख्य रूप से—

✅ नवन नस्य
✅ मूर्धि तर्पण
✅ विद्ध कर्म

का समन्वित प्रयोग किया गया।

🎥 सिर्फ 15 दिन बाद रोगी में लगभग 80% सुधार देखने को मिला — वीडियो में आप स्वयं यह परिवर्तन देख सकते हैं।
👉 यदि आप **Evidence Based Ayurved, नाड़ी परीक्षा, मर्म चिकित्सा, विद्ध कर्म, अग्निकर्म, पंचकर्म एवं क्लिनिकल आयुर्वेद** के वास्तविक परिणाम देखना चाहते हैं, तो को अभी Follow करें।

⚠️ महत्वपूर्ण: यह वीडियो केवल शैक्षणिक एवं आयुर्वेदिक जागरूकता के उद्देश्य से है। प्रत्येक रोगी की प्रकृति और उपचार अलग हो सकता है। किसी भी उपचार को योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के परामर्श के बिना स्वयं न अपनाएँ।

👇 क्या आपको लगता है कि Bell’s Palsy में आयुर्वेद सहायक हो सकता है?
Comment में YES लिखें और इस Reel को SAVE करें।

#अर्दित

05/08/2026

सिर के इस छोटे से हिस्से को आयुर्वेद ने “सद्योः प्राणहर मर्म” क्यों कहा? 😮🧠

इसे कहते हैं शंख मर्म — लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका संबंध Modern Anatomy के Temporal Region से कैसे समझा जा सकता है?

🔬 इस क्षेत्र में मौजूद हैं:
➡️ Temporal Bone
➡️ Temporalis Muscle
➡️ Superficial Temporal Artery
➡️ Auriculotemporal Nerve

यानी आयुर्वेद का मर्म-विज्ञान और आधुनिक anatomy, दोनों इस क्षेत्र की संवेदनशीलता और clinical importance को समझने में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण देते हैं।

⚠️ शंख मर्म पर किसी भी प्रकार का जोरदार दबाव या invasive procedure बिना उचित प्रशिक्षण और clinical assessment के नहीं करना चाहिए।

🎥 वीडियो पूरा देखें और जानिए—शंख मर्म कहाँ होता है और इसके पीछे छिपी anatomy क्या है?

अगर आप Ayurveda + Modern Anatomy को सरल और clinical तरीके से समझना चाहते हैं, तो ऐसे वीडियो के लिए Follow करें और Reel को Share करें। 🌿

  fans
04/08/2026

fans

🌿 क्या आयुर्वेद की बस्ति चिकित्सा केवल मालिश और सिकाई है?इस वीडियो...

04/08/2026

🌿 आयुर्वेद Evidence-Based है — यह केवल दावा नहीं, परिणामों से सिद्ध होता है! 🌿
आयुर्वेद के सिद्धांतों को कमतर समझकर उसे केवल Modern Medicine/Allopathy के चश्मे से देखने वालों को यह वीडियो जरूर देखना चाहिए।
कुछ लोग पंचकर्म को केवल “मालिश और सिकाई” तक सीमित समझकर उसका उपहास करते हैं। लेकिन जब शास्त्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा का सही ज्ञान, सही निदान और सही विधि से प्रयोग किया जाता है, तो उसके परिणाम स्वयं बहुत कुछ कह देते हैं।
🎥 इस वीडियो में आमवात (Amavata) की एक रोगी का वास्तविक clinical case और treatment outcome साझा किया गया है।
यह रोगी कई वर्षों से Steroids और Painkillers पर निर्भर थी। स्थिति इतनी खराब थी कि परिवार के लोग उसे गोद में उठाकर उपचार के लिए लाए।
इसके बाद चिकित्सकीय मूल्यांकन के अनुसार बस्ति चिकित्सा सहित आयुर्वेदिक उपचार किया गया।
👉 लगभग 15 दिनों के उपचार के बाद, रोगी में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला—
✅ अपने पैरों पर खड़े होने और चलने में सक्षम
✅ दर्द और जकड़न में कमी
✅ दूसरों के सहारे चलने की आवश्यकता कम
✅ स्वयं चलने में सक्षम
यह वीडियो किसी चमत्कार का दावा नहीं है, बल्कि एक वास्तविक रोगी के उपचार के दौरान देखे गए clinical outcome को सामने रखता है।
🪔 बस्ति — केवल पंचकर्म की एक प्रक्रिया नहीं
आयुर्वेद में बस्ति को विशेष रूप से वातव्याधियों की चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसे केवल तेल लगाने या गर्म सिकाई के रूप में समझना पंचकर्म की व्यापक चिकित्सकीय अवधारणा को सीमित कर देना है।
आयुर्वेद को समझना है तो आयुर्वेद के सिद्धांतों से समझिए।
और बस्ति को जानना है तो उसके शास्त्रीय सिद्धांत, indications, contraindications और सही clinical application को समझिए।
एक वैद्य की पहचान केवल औषधियों के नाम जानने से नहीं, बल्कि दोष, धातु, अग्नि, आम, स्रोतस और रोगी की अवस्था के अनुसार शास्त्रीय चिकित्सा सिद्धांतों को सही ढंग से लागू करने की क्षमता से होती है।
📌 वीडियो पूरा देखें और स्वयं इस clinical transformation को देखें।
⚠️ यह एक व्यक्तिगत clinical case का अनुभव/परिणाम है। किसी भी रोग में उपचार रोगी की स्थिति और चिकित्सकीय मूल्यांकन के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

Address

C Block Lane No. 04 Sarswati Vihar
Dehra Dun
248001

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

+91 97608 46878

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dr Navin Joshi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Dr Navin Joshi:

Shortcuts

Share