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विष्णु सहस्रनाम का एक गुप्त नाम, व्यापार में अचानक धन वर्षा का चमत्कार प्रिय साधकों भगवान विष्णु के सहस्र नामों में छिपा...
27/04/2026

विष्णु सहस्रनाम का एक गुप्त नाम, व्यापार में अचानक धन वर्षा का चमत्कार

प्रिय साधकों भगवान विष्णु के सहस्र नामों में छिपा है एक ऐसा दिव्य नाम जो लक्ष्मी माता की कृपा को विशेष रूप से आकर्षित करता है। प्राचीन ग्रंथों और साधकों के अनुभवों से जाना जाता है कि विष्णु सहस्रनाम का नियमित पाठ धन-धान्य, व्यापार वृद्धि और आर्थिक बाधाओं के अंत का सबसे सरल मार्ग है।

खासकर एक नाम जो "धन" और "समृद्धि" का प्रतीक है—"धनञ्जयः" (Dhananjayaḥ) — जो धन को जीतने वाला, धन का विजेता है। यह नाम भगवान विष्णु के उस रूप को दर्शाता है जो भक्त के जीवन में धन की वर्षा करता है, बिना किसी प्रयास के अवसर लाता है।

साधकों के अनुभव बताते है इस नाम के चमत्कार।

व्यापार में रुकावटें दूर होती हैं
नए ग्राहक/सौदे अचानक आते हैं
पुराने कर्ज़ चुकते हैं और धन का प्रवाह बढ़ता है
लक्ष्मी जी की कृपा से स्थिरता और वृद्धि मिलती है

एक सरल, शक्तिशाली प्रयोग (रोज़ाना 30 मिनट)

सुबह या शाम शांत स्थान पर बैठें, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

मन में भगवान विष्णु का ध्यान करें नीले रंग का रूप, गरुड़ पर विराजमान।

पहले 108 बार "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" जपें (मन या वाणी से)।

फिर विष्णु सहस्रनाम से "धनञ्जयः" नाम को 540 बार (यानी कि 5 माला ) जपें। जप के लिए आपको इस प्रकार मंत्र बोलना है। " ॐ श्री धनञ्जयाय नमः " । हर जप के साथ महसूस करें कि धन की वर्षा आपके व्यापार/जीवन पर हो रही है।

जप के बाद 2-3 मिनट मौन में बैठें, श्री लक्ष्मी-विष्णु की कृपा की कल्पना करें।

अंत में "ॐ विष्णवे नमः" कहकर समर्पित करें।

नियमित जप करने पर 21-40 दिनों में अनुभव होगा: अचानक नए ऑर्डर, अप्रत्याशित लाभ, व्यापार में तेज़ी।

यह क्रिया पूरी तरह भक्ति भाव आधारित है कोई यंत्र-तंत्र नहीं, बस शुद्ध श्रद्धा और निरंतरता।

भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहे...

आज है 🪷मैं इस दिन जी को नमन करता हूँ और उनके योगदान को याद करता हूँ 🙇🙏सोचिए, उस समय जब पूरे भारत में यात्रा करना बहुत कठ...
21/04/2026

आज है 🪷

मैं इस दिन जी को नमन करता हूँ और उनके योगदान को याद करता हूँ 🙇🙏

सोचिए, उस समय जब पूरे भारत में यात्रा करना बहुत कठिन और जोखिम भरा था, तब उन्होंने पूरे देश में भ्रमण किया — वह भी एक मजबूत उद्देश्य के साथ।

उनकी महानता सिर्फ उनकी बुद्धिमत्ता में नहीं थी, बल्कि उनकी दूरदर्शी सोच में भी थी। उन्होंने भारत के चारों दिशाओं में मठ स्थापित किए, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर एक आध्यात्मिक एकता बनाई।

उन्होंने सनातन धर्म को एक ऐसा मजबूत आधार दिया, जो हजारों सालों बाद भी कायम है। यह दिखाता है कि सच्चा ज्ञान और स्पष्ट सोच हर सीमा को पार कर सकती है।

🚩 यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें भी अपने जीवन में धर्म का पालन करना चाहिए और अपनी तरफ से जो संभव हो, वह करना चाहिए 🙏😇

महर्षि के अनुसार ग्रह दोषों के निवारण के लिए ये उपाय बताए गए हैं—• बुध और शुक्र के कष्टों के लिए भगवान की उपासना करें।• ...
14/04/2026

महर्षि के अनुसार ग्रह दोषों के निवारण के लिए ये उपाय बताए गए हैं—

• बुध और शुक्र के कष्टों के लिए भगवान की उपासना करें।
• चंद्र और गुरु के लिए मंत्र एवं यंत्र का सहारा लें।
• राहु के दोषों के शमन हेतु कन्या दान करें।
• सूर्य के लिए हरि भजन (भगवान विष्णु का स्मरण) करें।
• केतु के लिए गौ दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
• मंगल और शनि के लिए रुद्र (रुद्राध्याय) का जप करें।

साथ ही, वे यह भी कहते हैं कि पूर्ण श्रद्धा और भक्ति से का श्रवण करने से सभी प्रकार के ग्रह दोष एक साथ शांत हो जाते हैं।

AncientKnowledge

07/04/2026

Mars आपके शत्रुओं को दर्शाता है।
कुंडली में मंगल जिस भाव में स्थित हो या जिन भावों का स्वामी हो, वह बताता है कि आपके शत्रु किस क्षेत्र से आते हैं।

मंगल 1st भाव में – खुद से पैदा हुए विवाद, प्रतियोगी, ऐसे लोग जो आपकी उपस्थिति से असहज या चुनौती महसूस करते हैं

मंगल 2nd भाव में – परिवार में विवाद, धन-संबंधी प्रतिस्पर्धा, संसाधनों या स्टेटस से जलने वाले लोग

मंगल 3rd भाव में – भाई-बहन, पड़ोसी, सहपाठी, ऑनलाइन झगड़े, कम्युनिकेशन से जुड़े विवाद

मंगल 4th भाव में – घर-परिवार में तनाव, प्रॉपर्टी विवाद, घरेलू कलह, अंदरूनी भावनात्मक संघर्ष

मंगल 5th भाव में – प्रेम में प्रतिस्पर्धा, क्रिएटिव फील्ड में rivalry, अहंकार टकराव, संतान से जुड़ी समस्याएं

मंगल 6th भाव में – सहकर्मी, कर्मचारी, सर्विस से जुड़े लोग, जानवर, कोर्ट-कचहरी, स्वास्थ्य से जुड़े संघर्ष

मंगल 7th भाव में – जीवनसाथी, बिज़नेस पार्टनर, खुले शत्रु, मुकदमे, सीधा टकराव

मंगल 8th भाव में – छिपे हुए शत्रु, षड्यंत्र, ससुराल पक्ष,

21/03/2026

हर चीज़ का समाधान ज्योतिष में रत्न या बड़े अनुष्ठान नहीं होता।
कभी-कभी उपाय आपकी सांस ही होती है। 🐝

योग में एक प्राणायाम है — भ्रामरी (Bee Breathing)
यह गहरी गुंजन वाली श्वास है, जो मन और नर्वस सिस्टम को शांत करती है।

भ्रामरी एक प्रभावी उपाय है बुध, राहु, शनि और चंद्र के लिए,
क्योंकि यह कंपन सीधे नर्वस सिस्टम पर काम करता है और ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करता है।

• जब राहु अशांत होता है —
ज्यादा सोचना, चिंता, लगातार मानसिक शोर।
भ्रामरी इस भ्रम को शांत करती है और आपको स्थिरता में वापस लाती है।

• जब शनि भारी लगता है —
दबाव, डर, भावनात्मक बोझ।
यह अभ्यास आपके अंदरूनी स्पेस को स्थिर करता है।

• जब चंद्र प्रभावित होता है —
बेचैनी, नींद की समस्या, भावनात्मक असंतुलन।
भ्रामरी का गुंजन मन (मनस) को शांत करता है।

• जब बुध असंतुलित होता है —
बिखरे विचार, संवाद में रुकावट।
भ्रामरी आपकी जागरूकता को भीतर की ओर ले जाती है और सोच व अभिव्यक्ति को निखारती है।

भ्रामरी का संबंध कुछ नक्षत्रों से भी है ~

• आश्लेषा नक्षत्र —
नर्वस सिस्टम, कुंडलिनी और गहरे आंतरिक प्रवाह से जुड़ा।
भ्रामरी यहां जमा मानसिक और ऊर्जा के विष को बाहर निकालने में मदद करती है।

• अश्विनी नक्षत्र —
हीलर्स, प्राण के वाहक।
यह श्वास अभ्यास आपके भीतर जीवन ऊर्जा (प्राण शक्ति) को सक्रिय करता है।

• श्रवण नक्षत्र —
कान, सुनने की शक्ति, नाद योग से जुड़ा।
भ्रामरी आपकी चेतना को आंतरिक ध्वनि की ओर मोड़ती है।

और गहराई में —
यह गुंजन “ह्रीं (Hrim)” की पवित्र ध्वनि का प्रतिबिंब है,
जो भ्रामरी देवी का बीज मंत्र है —
एक दिव्य स्त्री शक्ति, जो ध्वनि और कंपन के माध्यम से नकारात्मकता का नाश करती है।

आप सिर्फ सांस नहीं ले रहे हैं।
आप अपने पूरे सिस्टम को उसकी मूल आवृत्ति (original frequency) पर ट्यून कर रहे हैं।

इस बाहरी शोर से भरी दुनिया में,
यही तरीका है अपने असली स्वर (inner signal) में वापस आने का। 🌿✨

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21/03/2026
19/03/2026

नवरात्रि धर्म-कोड: 9 दिनों में अपनी कॉस्मिक ऊर्जा को पुनः संतुलित करें

I. शैलपुत्री का ग्राउंडिंग (चंद्र संतुलन)
ग्रह: चंद्र
कार्य: 10 मिनट तक नंगे पांव मिट्टी या घास पर चलें।
ज्ञान: पर्वत पुत्री होने के कारण ये मूलाधार चक्र और मन को नियंत्रित करती हैं। धरती से जुड़ाव चिंता, मूड स्विंग और अस्थिर विचारों को शांत करता है।

II. ब्रह्मचारिणी का फोकस (मंगल संकल्प)
ग्रह: मंगल
कार्य: 90 मिनट बिना किसी डिजिटल व्यवधान के गहराई से काम करें।
ज्ञान: उनका तप अनुशासन सिखाता है। यह अभ्यास क्रोध और बेचैनी को लक्ष्य की शक्ति में बदलता है।

III. चंद्रघंटा का मौन (शुक्र संतुलन)
ग्रह: शुक्र
कार्य: सूर्यास्त के बाद 1 घंटे का पूर्ण मौन रखें।
ज्ञान: शांत मन सौंदर्य और आकर्षण बढ़ाता है। मौन अनावश्यक बोलने की आदत को नियंत्रित करता है।

IV. कूष्मांडा का सूर्य बल (सूर्य ऊर्जा)
ग्रह: सूर्य
कार्य: दोपहर 2 बजे से पहले एक बार केवल फल, मेवे या अंकुरित आहार लें।
ज्ञान: यह ऊर्जा और रचनात्मकता बढ़ाता है, आलस्य को खत्म करता है।

V. स्कंदमाता का संरक्षण (बुध बुद्धि)
ग्रह: बुध
कार्य: किसी बच्चे या अधीनस्थ की बिना श्रेय लिए मदद करें।
ज्ञान: यह अहंकार को कम करके नेतृत्व और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।

VI. कात्यायनी का लक्ष्य (गुरु दिशा)
ग्रह: गुरु
कार्य: अपने 3 महीने के लक्ष्य को वर्तमान काल में 3 बार लिखें।
ज्ञान: स्पष्ट लक्ष्य भाग्य और सही दिशा को सक्रिय करता है।

VII. कालरात्रि का शुद्धिकरण (शनि कर्म)
ग्रह: शनि
कार्य: 10 अनावश्यक ऐप या 100 बेकार ईमेल डिलीट करें।
ज्ञान: यह मानसिक और डिजिटल बोझ हटाकर रुकावटों को दूर करता है।

VIII. महागौरी की पवित्रता (राहु शुद्धि)
ग्रह: राहु
कार्य: अपने कार्यस्थल को सफेद कपड़े या फूलों से साफ और व्यवस्थित करें।
ज्ञान: साफ वातावरण मानसिक भ्रम को दूर कर नई सोच को जन्म देता है।

IX. सिद्धिदात्री का कृतज्ञता (केतु जागृति)
ग्रह: केतु
कार्य: 9 ऐसी चीजें लिखें जो आपके पास हैं और जिनके लिए अन्य लोग प्रार्थना करते हैं।
ज्ञान: कृतज्ञता आध्यात्मिक शक्ति और भविष्य की सफलता का द्वार खोलती है।

यह 9 दिन का अभ्यास आपको धरती से जोड़कर आध्यात्मिक उन्नति तक ले जाता है।
आप केवल साधना नहीं कर रहे, बल्कि अपने जीवन को नए स्तर पर ले जा रहे हैं।

इस चैत्र नवरात्रि में आपको स्पष्टता, शांति और सफलता प्राप्त हो।

Astrology InnerPower Mindfulness EnergyAlignment

From Tomorrow, the Chaitra Navratri will begin, marking the arrival of देवी दुर्गा🪷Navratri ke 9 din ka भोग ☀️1 Maa Shai...
19/03/2026

From Tomorrow, the Chaitra Navratri will begin, marking the arrival of देवी दुर्गा🪷

Navratri ke 9 din ka भोग ☀️

1 Maa Shailputri
भोग: Desi ghee
Isse health aur strength milti hai

2 Maa Brahmacharini
भोग: Cheeni (Sugar)
Jeevan mein sweetness aur shanti ke liye

3 Maa Chandraghanta
भोग: Doodh ya doodh se bani cheezein (kheer, peda)
Dukh door karne ke liye

4 Maa Kushmanda
भोग: Malpua
Buddhi aur decision power badhane ke liye

5 Maa Skandamata
भोग: Kela (Banana)
Health aur prosperity ke liye

6 Maa Katyayani
भोग: Shahad (Honey)
Aakarshan aur positivity ke liye

7 Maa Kaalratri
भोग: Gud (Jaggery)
Negative energy door karne ke liye

8 Maa Mahagauri
भोग: Nariyal (Coconut)
Manokamna poori hone ke liye

9 Maa Siddhidatri
भोग: Til (Sesame)
Siddhi aur safalta ke liye

Hindi Version (सरल भाषा में):नवग्रहों को मजबूत करने के लिए ये कुछ सरल उपाय हैं। इन क्रियाओं के बाद आप अन्य उपाय भी कर सक...
18/03/2026

Hindi Version (सरल भाषा में):

नवग्रहों को मजबूत करने के लिए ये कुछ सरल उपाय हैं। इन क्रियाओं के बाद आप अन्य उपाय भी कर सकते हैं।

सूर्य (Sun) – सुबह की धूप में कुछ मिनट आंखें बंद करके खड़े रहें और उसकी ऊर्जा महसूस करें; उगते सूर्य को जल अर्पित करें।

चंद्र (Moon) – रात में कुछ मिनट शांत बैठें और धीरे-धीरे सांस लें; शिवलिंग पर जल या दूध अर्पित करें।

मंगल (Mars) – ठंडे पानी से चेहरा या शरीर धोएं ताकि ऊर्जा सक्रिय हो; सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

बुध (Mercury) – रोज़ 5 मिनट कुछ अच्छा पढ़कर बोलें; गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

गुरु (Jupiter) – रोज़ बड़ों के पैर छुएं या मन ही मन प्रणाम करें; हल्दी का तिलक लगाएं।

शुक्र (Venus) – घर में एक जगह रोज़ साफ और सुंदर रखें; शाम को घी का दीपक जलाएं।

शनि (Saturn) – खुद से कोई गंदी जगह साफ करें बिना किसी मदद की उम्मीद के; सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

राहु (Rahu) – रोज़ एक इच्छा को नियंत्रित करें, चाहे मन कितना भी करे; नारियल अर्पित करें।

केतु (Ketu) – 10 मिनट बिना फोन या किसी भी ध्यान भटकाने वाली चीज़ के शांत बैठें; धूप अर्पित करें।

इन सभी क्रियाओं को आप जानते ही हैं—इन्हें नियमित रूप से करें और जीवन में बदलाव महसूस करें।

आप इनमें से कुछ उपाय आज से ही शुरू कर सकते हैं क्योंकि आज अमावस्या है।

Hashtags (English):
PlanetaryHealing Amavasya DailyRituals SelfDiscipline SpiritualGrowth HinduTradition CosmicEnergy Mindfulness InnerStrength DivineConnection

सरल हिंदी रूपांतरण:अपने आप से यह संकल्प कहें:मैं इस जीवन को सिर्फ आराम, भटकाव और कमजोरी में बर्बाद नहीं करूँगा।मैं अपने ...
15/03/2026

सरल हिंदी रूपांतरण:

अपने आप से यह संकल्प कहें:

मैं इस जीवन को सिर्फ आराम, भटकाव और कमजोरी में बर्बाद नहीं करूँगा।

मैं अपने मन में शनि जैसा अनुशासन, शरीर में मंगल जैसी ताकत, और जीवन के उद्देश्य में गुरु जैसी समझ विकसित करूँगा।

रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, मैं हमेशा अपने धर्म और सही कर्म पर टिका रहूँगा।

हर दिन मैं थोड़ा और मजबूत बनूँगा, थोड़ा और समझदार बनूँगा, और उस इंसान के और करीब पहुँचूँगा जो मुझे बनना चाहिए।

एक दिन मैं पीछे मुड़कर देखूँगा और खुद को धन्यवाद दूँगा कि मैंने आराम की जगह अनुशासन, बहानों की जगह कर्तव्य, और क्षणिक सुख की जगह जीवन के उद्देश्य को चुना।

English Hashtags:
SelfDiscipline SpiritualGrowth Karma InnerStrength PurposeDriven AstrologyWisdom ConsciousLiving RiseWithDharma MindBodySpirit

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