27/06/2026
OncoTalks | Dr Rk Choudhary,Medical Oncologist
Topic: कैंसर इम्यूनोथेरेपी: जब इलाज शरीर की अपनी ताकत से होता है
कुछ साल पहले तक कैंसर के इलाज का नाम आते ही लोगों के मन में कीमोथेरेपी, बाल झड़ना और कई कठिन दुष्प्रभावों की तस्वीर बन जाती थी। लेकिन आज चिकित्सा विज्ञान ने एक नई उम्मीद दी है—इम्यूनोथेरेपी।
हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हर दिन संक्रमणों और कई असामान्य कोशिकाओं से लड़ती है। लेकिन कुछ कैंसर कोशिकाएँ इतनी चालाक होती हैं कि वे इस सुरक्षा तंत्र से छिप जाती हैं। इम्यूनोथेरेपी इन्हीं छिपी हुई कोशिकाओं को पहचानने में शरीर की मदद करती है। यानी दवा केवल कैंसर पर हमला नहीं करती, बल्कि शरीर की अपनी “सेना” को फिर से सक्रिय कर देती है।
हर मरीज में इसका असर एक जैसा नहीं होता, लेकिन सही मरीज में इसके परिणाम कई बार बेहद उत्साहजनक होते हैं। फेफड़ों के कैंसर, मेलानोमा, किडनी, मूत्राशय और कुछ अन्य कैंसरों में इसने इलाज की दिशा बदल दी है। कई मरीज पहले से बेहतर और अधिक सामान्य जीवन जी पा रहे हैं।
हालाँकि, यह कोई जादुई इलाज नहीं है। हर मरीज के लिए यह उपयुक्त नहीं होती। इसलिए इलाज शुरू करने से पहले कुछ विशेष जाँचें , जैसे PDL -1 , MSI , TMB और विशेषज्ञ ऑन्कोलॉजिस्ट की सलाह बेहद जरूरी होती है। इसके दुष्प्रभाव भी अलग हो सकते हैं, इसलिए उपचार के दौरान शरीर में होने वाले किसी भी नए बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैंसर के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ी ताकत है—सही जानकारी, समय पर उपचार और उम्मीद। इम्यूनोथेरेपी ने लाखों मरीजों को यह विश्वास दिलाया है कि कैंसर के इलाज में अब पहले से कहीं अधिक संभावनाएँ मौजूद हैं।
डॉ. आर. के. चौधरी | Dr Rk Choudhary
OncoTalks | सही जानकारी, सही उपचार और उम्मीद के साथ।Samandar Singh
Dr R K Choudhary - Cancer Specialist
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