03/09/2023
कोलेस्ट्रॉल एक तरीके का फैट होता है जिसका निर्माण लिवर द्वारा किया जाता है. अधिक गरिष्ठ, चिकनाईयुक्त फूड, जंकफूड आदि जितना ज्यादा खाया जाता है, उतना ज्यादा ये बनता है. जब ये शरीर में जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो नसों में जम जाता है. इसके कारण शरीर में रक्त संचार ठीक से नहीं हो पाता है. इसके कारण हार्ट को पंप करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. ऐसे में ये हार्ट अटैक और हार्ट से जुड़ी तमाम परेशानियों की वजह बन सकता है.
कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है. एचडीएल (HDL cholesterol) और एलडीएल (LDL cholesterol). एचडीएल को सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि ये हार्ट के लिए अच्छा होता है. इसे गुड कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है. ये खून से एक्स्ट्रा फैट को हटाने का काम करता है. लेकिन एलडीएल को हार्ट के लिए खराब माना जाता है. इसके बढ़ने से हार्ट ठीक से काम नहीं कर पाता. इस कारण तमाम तरह की परेशानियां होती हैं. एलडीएल को खराब कोलेस्ट्रॉल के नाम से भी जाना जाता है.
LDL बढ़ने की वजह
LDL के तेजी से बढ़ने के दो कारण हैं. पहला गलत खानपान और दूसरा फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना. हम जो कुछ भी खाते हैं, उसे पचाना भी जरूरी होता है. लेकिन आज के समय में लोग बाहर का जंकफूड वगैरह तो जमकर खाते हैं, लेकिन न एक्सरसाइज करते हैं, न वॉक करते हैं और न ही कोई और ऐसा कोई काम करते हैं, जिससे खाने को पचाया जा सके.
क्या लक्षण आते हैं सामने
एलडीएल के शरीर में बढ़ने से छाती में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, हाई बीपी, पैरों में सूजन, शरीर में भारीपन आदि तमाम लक्षण सामने आते हैं. इन्हें कंट्रोल करना बहुत जरूरी है, ताकि हार्ट की समस्याओं को रोका जा सके.
सबसे पहले हेल्दी फूड खाने की आदत डालें. बाहरी फूड को गुडबाय बोलें.
खाने में हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट्स, सलाद, छाछ आदि को शामिल करें.
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. रात को देर से खाने की आदत बदलें और डिनर हल्का करें.
डिनर के आधे घंटे बाद कुछ देर जरूर टहलें.
अधिक चीनी और नमक खाने से बचें.
D. K .Organic health care