14/06/2026
🌑✨ सोमवती अमावस्या 2026 – संपूर्ण ज्योतिषीय एवं धार्मिक जानकारी ✨🌑
🗓️ सोमवती अमावस्या की तिथि:
इस वर्ष सोमवती अमावस्या सोमवार, 15 जून 2026 को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 14 जून दोपहर से प्रारंभ होकर 15 जून प्रातः तक रहेगी। चूँकि अमावस्या सोमवार के सूर्योदय पर विद्यमान रहेगी, इसलिए इसका व्रत एवं पूजन 15 जून को किया जाएगा। �
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⏰ अमावस्या तिथि
• प्रारंभ: 14 जून 2026, दोपहर 12:20 बजे
• समाप्त: 15 जून 2026, प्रातः 8:24 बजे (IST) �
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🌅 पवित्र स्नान एवं दान का श्रेष्ठ समय
• ब्रह्ममुहूर्त: लगभग प्रातः 4:00 बजे से 5:00 बजे तक
• सूर्योदय के बाद स्नान-दान: प्रातः 5:45 बजे से 8:24 बजे तक अत्यंत शुभ माना जाएगा।
• गंगा, यमुना, नर्मदा अथवा किसी पवित्र जल में स्नान का विशेष महत्व है। �
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🙏 सोमवती अमावस्या का महत्व
✔ पितृ तर्पण एवं पितृ शांति के लिए वर्ष के श्रेष्ठ दिनों में से एक।
✔ भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा से दाम्पत्य सुख एवं सौभाग्य की प्राप्ति।
✔ पीपल वृक्ष की पूजा एवं परिक्रमा से ग्रह दोषों की शांति।
✔ स्नान, दान और जप से अनेक गुना पुण्य फल की प्राप्ति। �
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🌳 क्या करें?
🔸 प्रातः स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें।
🔸 भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
🔸 "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जप करें।
🔸 पीपल वृक्ष में जल अर्पित कर 108 परिक्रमा (या सामर्थ्य अनुसार) करें।
🔸 पितरों के निमित्त तिल तर्पण करें।
🔸 गरीबों को अन्न, वस्त्र, फल, तिल, गुड़ तथा दक्षिणा का दान दें।
🚫 क्या न करें?
❌ किसी का अपमान न करें।
❌ तामसिक भोजन एवं नशे से दूर रहें।
❌ पीपल वृक्ष को काटना या नुकसान पहुँचाना वर्जित माना गया है।
❌ क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से बचें। �
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✨ विशेष उपाय (धन, सुख एवं सौभाग्य हेतु)
🌿 पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
🕯️ 11 या 21 दीपक शिव मंदिर में अर्पित करें।
💰 काले तिल एवं गुड़ का दान करें।
🔱 महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करें।
🌕 चंद्रमा एवं पितृदोष शांति के लिए सफेद वस्तुओं का दान करें।
🌺 विशेष संदेश
"सोमवती अमावस्या पर श्रद्धा से किया गया स्नान, दान, तर्पण और शिव उपासना जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा पितृ आशीर्वाद प्रदान करती है।"
🔮 Dr. Alpana Mishra (Astro Alpana)
Astrologer | Astro Healer | Counselor | Life Coach 🌺🌙🔱