Sakshi Naturopathy Centre

Sakshi Naturopathy Centre Nature-Cure is the best remedy for all diseases.So, come back to nature.

NATURE CURE IS THE BEST REMEDY CONTACT  DETAILS USE FOR  THIS COMPRESS/Patti9811202544 ( DR R C SHUKLA Naturopath)
10/02/2026

NATURE CURE IS THE BEST REMEDY
CONTACT DETAILS USE FOR THIS COMPRESS/Patti
9811202544 ( DR R C SHUKLA Naturopath)

09/02/2026
Suffer is being suffering
01/05/2025

Suffer is being suffering

Condition apply contact for swarojgar FONHYRT NGO
28/04/2025

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FONHYRT NGO

*प्राणायाम की विधि एवं लाभ..**✍️*DR R C SHUKLA Director :-Sakshi Naturopathy centre 9811202544*********************प्राण...
01/10/2024

*प्राणायाम की विधि एवं लाभ..*
*✍️*DR R C SHUKLA
Director :-Sakshi Naturopathy centre
9811202544*
********************
प्राणायाम (प्राण + आयाम) का अर्थ है "प्राण (जीवन ऊर्जा) का विस्तार या नियंत्रण"। यह योग का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसे आयुर्वेद में स्वास्थ्य और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है। प्राणायाम श्वसन क्रिया को नियंत्रित करने की कला है, जिसमें विशेष प्रकार की श्वास लेने और छोड़ने की तकनीकें शामिल हैं। इसका अभ्यास करने से प्राण ऊर्जा को शरीर में संतुलित किया जा सकता है, जिससे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

*प्राणायाम के मुख्य प्रकार..*

*1. अनुलोम-विलोम (वैकल्पिक नासिका श्वास).....*

विधि...

आरामदायक स्थिति में बैठकर एक नाक से श्वास लें और दूसरी से श्वास छोड़ें, फिर क्रम उल्टा करें।

लाभ....

यह मन को शांत करता है, तनाव को कम करता है, और वात, पित्त, कफ दोषों को संतुलित करता है।

*2. भ्रामरी प्राणायाम....*

विधि.....

गहरी श्वास लें और श्वास छोड़ते समय मधुमक्खी की भनभनाहट जैसी आवाज करें। कानों को अंगूठों से और आंखों को उंगलियों से ढकें।

लाभ....

यह तनाव, चिंता, अनिद्रा, और मानसिक थकान को दूर करता है, साथ ही मन को शांत रखता है।

*3. कपालभाति प्राणायाम....*

विधि....

तेज गति से श्वास छोड़ें और पेट को अंदर की ओर खींचें। श्वास स्वाभाविक रूप से अंदर जाती है।

लाभ....

यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, पाचन क्रिया को सुधारता है, और वजन कम करने में मदद करता है।

*4. भस्त्रिका प्राणायाम....*

विधि...

गहरी और तीव्र गति से श्वास लें और छोड़ें। यह श्वास प्रक्रिया जल्दी और जोर से की जाती है।

लाभ....

यह शरीर को ऊर्जावान बनाता है, ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है, और श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाता है।

*5. उज्जायी प्राणायाम..*

विधि....

गले से हल्की आवाज़ निकालते हुए धीरे-धीरे श्वास लें और श्वास छोड़ें।

*लाभ....*

यह मानसिक और शारीरिक तनाव को कम करता है, थायरॉइड समस्याओं में लाभकारी है, और ध्यान की स्थिति को गहरा करता है।

*6. शीतली प्राणायाम*

*विधि..*

जीभ को नली की तरह बनाकर मुंह से श्वास लें और नाक से श्वास छोड़ें।

*लाभ..*

यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है, पित्त दोष को संतुलित करता है, और मानसिक शांति लाता है।
*✍️ Dr R C SHUKLA
9811202544
*प्राणायाम के लाभ..*

◼️1. श्वसन तंत्र में सुधार...

प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है और श्वसन तंत्र को मजबूत करता है।

◼️2. मानसिक शांति....

यह तनाव, चिंता, और क्रोध को कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

◼️3. रक्त परिसंचरण में सुधार....

प्राणायाम रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाकर रक्त परिसंचरण को सुधारता है।

◼️4. प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि....

नियमित अभ्यास से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।

◼️5. दोष संतुलन....

विभिन्न प्राणायाम तकनीकें तीन दोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करने में मदद करती हैं।

◼️6. चेतना में वृद्धि.....

प्राणायाम मन को ध्यान के लिए तैयार करता है, जिससे आत्म-साक्षात्कार और चेतना में वृद्धि होती है।

▪️▪️प्राणायाम का अभ्यास कैसे करें.....

▪️1. प्राणायाम का अभ्यास सुबह खाली पेट करें, या भोजन के चार घंटे बाद।

▪️2. किसी शांत और साफ वातावरण में बैठें, जहां ताजी हवा हो।

▪️3. आरामदायक स्थिति में बैठकर रीढ़ को सीधा रखें।

▪️4. मन को शांत करें और पूरे ध्यान के साथ श्वास लें और छोड़ें।

▪️5. शुरुआत में कुछ मिनट ही करें, और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

▪️▪️सावधानियाँ....

▪️1. उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, या कोई अन्य गंभीर समस्या होने पर किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही प्राणायाम का अभ्यास करें।

▪️2. प्राणायाम का अभ्यास धीरे-धीरे और संयम से करें। इसे जोर से या बहुत अधिक बल के साथ न करें।

▪️3. गर्भवती महिलाएं और बच्चों को कुछ प्रकार के प्राणायाम से बचना चाहिए।

प्राणायाम एक सरल, लेकिन अत्यधिक प्रभावी तकनीक है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में मदद करती है। इसे नियमित रूप से करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।
*आयुर्वेद अपनाएं स्वस्थ जीवन पायें*

Appreciated poem by one of the Sadhak in my health camp in 2006
10/09/2024

Appreciated poem by one of the Sadhak in my health camp in 2006

Required staff for Naturopathy centre in sec24 Rohini
10/09/2024

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*स्वास्थ्य चर्चा**🚩 पनीर के फायदे और नुकसान*पनीर, जो आज के दौर में एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है,आयुर्वेद और पारंपरिक चिकि...
07/09/2024

*स्वास्थ्य चर्चा*
*🚩 पनीर के फायदे और नुकसान*
पनीर, जो आज के दौर में एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है,आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। आयुर्वेद में इसे "निकृष्टतम भोजन" कहा गया है, जिसे पशुओं को भी नहीं खिलाना चाहिए। पनीर, दूध को फाड़कर या उसके प्राकृतिक रूप को विकृत करके बनाया जाता है। जिस तरह हम सड़ी हुई सब्जी नहीं खाते,उसी तरह पनीर भी एक तरह से सड़ा हुआ दूध ही है।

*🚩पनीर का भारतीय इतिहास में अभाव*
भारतीय इतिहास में पनीर का कोई उल्लेख नहीं मिलता,क्योंकि प्राचीनकाल से ही भारत में दूध को विकृत करने की मनाही रही है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं दूध को फाड़कर कुछ बनाने से बचती है।
*🚩पनीर खाने के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव*
आयुर्वेद के अनुसार,विकृत दूध से बने खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, लिवर और आंतों के लिए हानिकारक होते है।आधुनिक चिकित्सा शोध भी इस बात की पुष्टि करते है कि पनीर खाने से पाचनतंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है,जिससे पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती है। पनीर में मौजूद प्रोटीन को पचाना जानवरों के लिए भी कठिन होता है, फिर मनुष्य इसे कैसे पचा सकते है? इससे कब्ज, फैटी लीवर, और IBS (इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती। इसके अतिरिक्त,पनीर के अत्याधिक सेवन से रक्त में थक्के जमने का खतरा रहता है, जो ब्रेन हैमरेज और हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है।

🚩पनीर और हार्मोनल असंतुलन
पनीर का अत्यधिक सेवन हार्मोनल असंतुलन भी पैदाकर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप हाइपोथायरायडिजम जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा, महिलाओं में गर्भधारण करने की क्षमता भी कम हो सकती है।

*🚩पनीर की लोकप्रियता और इसके व्यंजन*
आजकल पनीर का उपयोग कढ़ाई पनीर,शाही पनीर,मटर पनीर, चिली पनीर आदि अनेक प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है। यह समोसे, पकौडे और बर्गर में भी व्यापक रूप प्रयोग होता है। भारतीय लोग पनीर के इतने शौकीन हो चुके है कि बिना पनीर खाए उन्हें भोजन अधूरा लगता है।

🚩पनीर और मिलावट का खतरा
यह भी देखा गया है कि बाजार में मिलने वाले पनीर में अक्सर मिलावट की जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए और भी हानिकारक होता है। अतः, यदि आप पनीर का सेवन करना चाहते है तो घर पर ही इसे तैयार करें ताकि आप मिलावट और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से बच सकें।

*🚩पनीर के बारे में सोचें*
अगली बार, जब भी आप पनीर खाने का विचार करें, तो यह जरूर सोचें कि क्या यह वास्तव में आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है या केवल स्वाद के लिए ही आप इसका सेवन कर रहे है।

*🚩निष्कर्ष*
पनीर को लेकर आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के विचारों को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आहार में इसके उपयोग पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, हमें यह समझना चाहिए कि पनीर का सेवन हमारे शरीर के लिए अधिक हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, सेहतमंद जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरक,,,
*हमें पनीर से दूर रहना चाहिए।*
*DR R C SHUKLA
Naturopath
And E. Homeopath Expert*
Sakshi Naturopathy centre *
Sec24 Rohini Delhi
# 9811202544 #*

: *आज की बात**हमारा मन बहुत ही चंचल प्रवृत्ति वाला होता है**अपने मन में प्रसन्नता का भाव लाना* *अथवा* *दुःख का भाव लाना ...
18/07/2024

: *आज की बात*

*हमारा मन बहुत ही चंचल प्रवृत्ति वाला होता है*
*अपने मन में प्रसन्नता का भाव लाना*
*अथवा*
*दुःख का भाव लाना हमारे अपने हाथ में होता है*
*अपने मन में स्वर्ग का निर्माण करना* *अथवा*
*नरक का निर्माण करना यह भी अपने ही हाथ में होता है*
*हममें से अधिकांश लोग अपना जीवन दूसरों के अभिप्राय से जीते हैं*
*जबकि*
*शास्त्रकारों के अनुसार*
*हमें चित्त की प्रसन्नता के साथ* *अपना जीवन अपने दम पर जीना चाहिए*

*परिस्थितियाँ चाहे जितनी भी विपरीत हों*
*सदैव सकारात्मक रहें*

*प्रातः अभिनंदन। आपका दिन आनंदमय रहे।*
*स्वस्थ रहें, सुखी रहें*
[*🌹🌺🙏शुभ संध्या🙏🌺🌹*
*‼️सकारात्मक रहें--प्रसन्न रहें‼️*
*उदास रहने के लिए उम्र पडी है*
*नजर उठाओ सामने जिंदगी खडी है*
*अपनी हंसी को होठों से ना जाने देना दुनिया की नजर तुम पर लगी है...*
*हर पल का आनंद लें, कल की प्रतीक्षा न करें*
*आपका आज बीते हुए कल से बेहतर हो। आपका आने वाला कल आज से सुंदर हो* *💖स्वस्थ रहें, व्यस्त रहें, मस्त रहें💖*

Address

58 First Floor , Pocket 13 , Near Babosa Temple Sec-24 Rohini Delhi/85
Delhi
110085

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Monday 8am - 7pm
Tuesday 8am - 7pm
Wednesday 8am - 7pm
Thursday 8am - 7pm
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