Makker’s Physiotherapy and Rehabilitation Clinic

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16/05/2026
मित्रों जब ChatGPT से पूछा गया , "इंसान 100 साल कैसे जी सकता है?" तो जो जवाब आया वो चौंका देने वाला था :ब्लू ज़ोन्स (Blu...
05/05/2026

मित्रों जब ChatGPT से पूछा गया , "इंसान 100 साल कैसे जी सकता है?" तो जो जवाब आया वो चौंका देने वाला था :
ब्लू ज़ोन्स (Blue Zones - जहाँ लोग ज़्यादा जीते हैं) के अध्ययन से पता चला है कि,

#दीर्घायु के लिए...
आहार मुख्य नहीं है।
व्यायाम मुख्य नहीं है।
अनुवांशिकता (Genetics) भी मुख्य नहीं है।
#सबसे ज़रूरी क्या है?
वो है ‘कम तनाव’ (Less Chronic Stress)। बाकी सारी चीज़ें दूसरे नंबर पर हैं!
आप चाहे कितना भी अच्छा खाएं या व्यायाम करें, लेकिन अगर आप लगातार तनाव में हैं, तो उम्र कम होगी ही। ये तनाव सिर्फ काम का नहीं है, बल्कि "आप अंदर से कौन हैं और दुनिया को क्या दिखाते हैं" इस संघर्ष का है।

#दीर्घायु के 6 आसान नियम:_

#एक. अपने मन से झूठ मत बोलो_
जो बातें आपके मन को मंजूर नहीं, उन्हें जबरदस्ती मत करो।
- नापसंद नौकरी कर रहे हो? उम्र 15 साल कम।
- बिना प्यार वाले इंसान के साथ रह रहे हो? उम्र 10 साल कम।
- नकारात्मक लोगों की संगत में हो? उम्र 8 साल कम।
- मतलब: मन के खिलाफ जीना शरीर को रोज थोड़ा-थोड़ा मारने जैसा है।

#दो. ज़िंदगी को 'बाद में' पर मत टालो_
"रिटायर होने के बाद मज़े करेंगे..." ऐसा मत कहो।
- आंकड़े बताते हैं, 43% लोग रिटायरमेंट के 5 साल के अंदर ही दुनिया छोड़ देते हैं।- क्योंकि शरीर ने पूरी ज़िंदगी जीने का इंतज़ार किया, लेकिन जब वक़्त आया तो शरीर थक चुका था। इसलिए 'आज' में जियो!

#तीन. अकेलापन छोड़ो, लोगों से जुड़ो_
अकेलापन दिन में 15 सिगरेट पीने जितना खतरनाक है!
- अच्छे दोस्त और रिश्तेदार रखने वाले लोगों की उम्र 50% ज़्यादा होती है।
- दोस्तों की संख्या ज़रूरी नहीं, रिश्तों की क्वालिटी ज़रूरी है।

#चार. जीने की एक ' #वजह' ढूंढो (इकिगाई)_ ये सबसे जरूरी है
जापानी इसे 'इकिगाई' कहते हैं – यानी "सुबह उठने की वजह।"
- जिनके पास ज़िंदगी का साफ़ मकसद है, उनकी उम्र औसतन दस साल बढ़ जाती है।
- ये मकसद कुछ भी हो सकता है - #पोते-पोतियों को संभालना, #बागवानी, #समाज सेवा या #कला , " #मेरी किसी को ज़रूरत है," ये भावना बहुत ताकतवर होती है।

#पांच. सेहत का ज़्यादा सोचना बंद करो (Over-optimization)_

हर वक़्त कैलोरी गिनना, डाइट का टेंशन लेना और फिटनेस के बारे में ज़्यादा सोचना... ये ज़िंदगी नहीं, सज़ा है ! ज़्यादा कंट्रोल करने से तनाव बढ़ता है.

*When you learn to MANAGE your BREATH, you can NAVIGATE any SITUATION in LIFE.*World Asthama Day 🫁World Hand Washing Day...
05/05/2026

*When you learn to MANAGE your BREATH, you can NAVIGATE any SITUATION in LIFE.*
World Asthama Day 🫁
World Hand Washing Day 🧴👏
International Midwives' Day🍼
Take Care Friends 🧡

01/05/2026

Dear Moms do your exercises Regularly

💊 *Truth About Expiry Date Of Medicine*Before 1979, medicines did not have expiry dates printed on their packaging.This ...
26/04/2026

💊 *Truth About Expiry Date Of Medicine*

Before 1979, medicines did not have expiry dates printed on their packaging.
This practice began in the United States in 1979.

The following insights were shared by Dr. Mohan Sridhar (Florida, USA).

❓ Do Medicines Really Expire — or Are We Being Misled by the Pharmaceutical Industry?
By: Richard Altschuler
Imagine this:
A bottle of Tylenol (Paracetamol) says “Do not use after June 1998.”
Now it’s August 2002.
Should you still take it, or throw it away?
Will it harm you?
Or will it simply be a little less effective?
This question raises a bigger one —
When manufacturers print expiry dates, are they truly protecting us,
or is it another clever marketing trick to make us buy more medicine unnecessarily?
Curious to find out the truth, I began digging through medical databases and research papers.
Here’s what I discovered 👇

🧠 The Truth About Expiry Dates
1. The expiry date — legally required in the U.S. since 1979 — simply means that the manufacturer guarantees full safety and effectiveness until that date.
It does not mean the medicine becomes unsafe or useless afterward.
2. Experts agree: Most medicines remain safe and effective long past their expiry date — even after several years.
3. Studies show that while medicines may lose a bit of potency over time, they rarely become completely ineffective.
4. In many cases, medicines remain up to 90% effective even 10 years after their expiry date.

🧪 The Biggest Study — Conducted by the U.S. Military
According to The Wall Street Journal (March 29, 2000):
The U.S. military once had over $1 billion worth of medicines in stock.
By regulation, these had to be discarded every 2–3 years — a massive waste.
So the military, in collaboration with the U.S. FDA, began a large-scale testing program to determine the real shelf life of these drugs.
They tested over 100 types of medicines —
and found that about 90% remained safe and effective for up to 15 years beyond the printed expiry date!
Francis Flaherty, the project director, stated:
> “The expiration date doesn’t mean the drug becomes unstable or dangerous after that time.”
“Manufacturers use expiry dates more for marketing purposes than for scientific ones.”

Joel Davis, a former FDA official, added:
> “Except for a few exceptions — like Nitroglycerin, Insulin, and some liquid antibiotics — most medicines are surprisingly long-lasting.”

💊 The Case of Aspirin
Bayer tested its own Aspirin that was 4 years past expiry — and it was still 100% effective!
According to Dr. Jens Carstensen, a leading expert on drug stability:
> “Even after 5 years, Bayer Aspirin was found to be in excellent condition.”

💰 The Hidden Truth
After reading all this, it became clear how the pharmaceutical industry earns billions of dollars every year —
simply because people throw away “expired” medicines that are still perfectly usable.

🗣️ *Share the Truth*👍

In the Pic With Longevity Doctor Dr Birendra Singh 👍👍✨️✨️🪷🪷

24/04/2026

Good Morning 🕉 💐 🎊

Thyroid imbalance -  आजकल थायराइड की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज के बाद अगर एंडोक्राइन सिस्टम की बीमारियों ...
21/04/2026

Thyroid imbalance - आजकल थायराइड की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज के बाद अगर एंडोक्राइन सिस्टम की बीमारियों की बात करें, तो थायराइड दूसरे नंबर पर आती है।

अच्छी बात ये है कि अगर इसे समय पर पहचान लिया जाए, तो दवाइयों और सही लाइफस्टाइल से इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
लेकिन दिक्कत ये है कि इसके लक्षण इतने हल्के और आम होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

थायराइड क्या है और कहां होता है?
हमारे गले में एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जो तितली के आकार की होती है। यही थायराइड ग्लैंड है।

यह हमारी सांस की नली (ट्रेकिया) के ऊपर स्थित होती है और यह हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हार्मोन बनाती है, जिसे थायरोक्सिन कहा जाता है।

थायराइड ग्रंथि का काम क्या है
थायराइड ग्रंथि का मुख्य काम Thyroxin हार्मोन बनाकर उसे खून तक पहुँचाना होता है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म कंट्रोल में रहता है।
सीधे शब्दों में समझें तो जो भोजन हम खाते हैं, उसे ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को यह नियंत्रित करती है।

इसके अलावा यह शरीर के कई जरूरी फंक्शन्स को संभालती है जैसे—
पाचन तंत्र को कंट्रोल करना
शरीर की कुल ऊर्जा को संतुलित रखना
प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को रेगुलेट करना

थायराइड के हार्मोन कौन-कौन से होते हैं
थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से दो प्रकार के हार्मोन बनाती है:

पहला है T3, जिसे Iodo Thyronine कहा जाता है
दूसरा है T4, जिसे Thyroxin कहा जाता है

जब ये दोनों हार्मोन संतुलन में रहते हैं, तो शरीर सही तरीके से काम करता है।
लेकिन जब इनका संतुलन बिगड़ जाता है—कभी ज्यादा बनते हैं, कभी कम—तो वहीं से थायराइड की समस्या शुरू होती है।

थायराइड क्यों खतरनाक माना जाता है
थायराइड को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण साफ दिखाई नहीं देते।
धीरे-धीरे शरीर में बदलाव होते हैं और जब तक व्यक्ति समझ पाता है, तब तक समस्या बढ़ चुकी होती है।

यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है।

थायराइड के प्रकार
थायराइड मुख्य रूप से दो तरह का होता है:

1. हाइपरथायराइड
इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है
जिससे मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है

2. हाइपोथायराइड
इसमें ग्रंथि कम मात्रा में हार्मोन बनाती है
जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है

थायराइड होने के मुख्य कारण
आयोडीन का असंतुलन
हमारा शरीर खुद आयोडीन नहीं बनाता, इसलिए यह पूरी तरह आहार पर निर्भर है
अगर आयोडीन कम लिया जाए तो हाइपोथायराइड का खतरा बढ़ता है
और अगर ज्यादा लिया जाए तो हाइपरथायराइड हो सकता है

जन्म से होने वाली समस्या
कुछ बच्चों में जन्म से ही थायराइड ग्रंथि सही तरह से विकसित नहीं होती
या ठीक से काम नहीं करती
इसे Congenital थायराइड कहा जाता है

प्रेग्नेंसी के दौरान बदलाव
गर्भावस्था में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं
इस वजह से महिलाओं में थायराइड की समस्या विकसित हो सकती है

कुछ दवाइयों का असर
दिल की बीमारियों या कैंसर के इलाज में दी जाने वाली कुछ दवाइयाँ
थायराइड हार्मोन के उत्पादन को कम कर देती हैं
जिससे हाइपोथायराइड की स्थिति बन सकती है

पारिवारिक कारण
अगर परिवार में किसी को थायराइड है
तो इसके होने की संभावना बढ़ जाती है

ज्यादा सोया प्रोडक्ट्स का सेवन
सोयाबीन, सोया मिल्क, टोफू जैसी चीजों का ज्यादा सेवन
थायराइड ग्लैंड के काम में बाधा डाल सकता है

तनाव (Stress)
तनाव थायराइड के सबसे बड़े कारणों में से एक है
जब स्ट्रेस लेवल बढ़ता है, तो इसका सीधा असर थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है
और हार्मोनल बैलेंस बिगड़ने लगता है

यह पूरी प्रक्रिया दिखाती है कि थायराइड सिर्फ एक छोटी ग्रंथि की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शरीर के सिस्टम से जुड़ा हुआ मामला है।

थायराइड के शुरुआती लक्षण जिन्हें लोग अक्सर इग्नोर करते हैं
लगातार थकान और सुस्ती
अगर आपको बिना ज्यादा काम किए ही थकान महसूस होती है, काम करने का मन नहीं करता, जल्दी थक जाते हैं—तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है। यह सबसे कॉमन लक्षणों में से एक है।

ज्यादा ठंड लगना
अगर आपको बाकी लोगों के मुकाबले ज्यादा ठंड महसूस होती है, तो इसे हल्के में मत लीजिए। यह भी थायराइड की ओर इशारा कर सकता है।

कब्ज की समस्या
अगर पहले आपको कब्ज नहीं रहता था, लेकिन अब बार-बार होने लगा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है कि शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो रहा है।

चेहरे पर सूजन और फुलावट
चेहरे पर सूजन आना, खासकर सुबह उठते ही चेहरा फूला हुआ लगना—ये भी थायराइड से जुड़ा हो सकता है।

आवाज में बदलाव
अगर आपकी आवाज भारी या धीमी होने लगी है, या पहले जैसी क्लियर नहीं रही—तो इसे भी नजरअंदाज न करें।

बाल और स्किन में बदलाव
बाल पतले होना या तेजी से झड़ना

स्किन का रूखा और बेजान होना

ये दोनों ही थायराइड के कॉमन संकेत हैं।

मसल्स वीकनेस और कमजोरी
अगर शरीर में कमजोरी महसूस होती है, मसल्स जल्दी थक जाते हैं, तो यह भी एक चेतावनी हो सकती है।

महिलाओं में पीरियड्स की गड़बड़ी
अगर अचानक पीरियड्स अनियमित हो जाएं या ज्यादा/कम होने लगें, तो थायराइड जरूर चेक करवाना चाहिए।

दिल की धड़कन और मूड में बदलाव
दिल की धड़कन धीमी लगना

डिप्रेशन या उदासी महसूस होना
किसी चीज में मजा न आना

ये सभी संकेत भी थायराइड से जुड़े हो सकते हैं।

कब करवाना चाहिए थायराइड टेस्ट?
अगर ऊपर दिए गए लक्षणों में से 2–3 भी आपको महसूस हो रहे हैं, तो देर न करें। एक सिंपल ब्लड टेस्ट से आप पता लगा सकते हैं।

कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं?
थायराइड चेक करने के लिए तीन मुख्य टेस्ट होते हैं:

T3 (Triiodothyronine)
T4 (Thyroxine)
TSH (Thyroid Stimulating Hormone)

TSH ब्रेन की पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलता है और थायराइड को कंट्रोल करता है।
इन तीनों रिपोर्ट्स को देखकर डॉक्टर तय करते हैं कि थायराइड है या नहीं।

अगर थायराइड निकल आए तो क्या करें?
अगर रिपोर्ट में थायराइड की समस्या आती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

दवाइयों से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है
ज्यादातर मामलों में रोज दवा लेनी पड़ती है
सही समय पर इलाज शुरू करने से लाइफ नॉर्मल रह सकती है

थायराइड: सिर्फ दवा नहीं, पूरी बॉडी का मामला
आजकल थायराइड की दवाओं का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सवाल ये है कि दवा लेने के बाद भी वजन क्यों नहीं घटता, थकान क्यों बनी रहती है और बाल क्यों झड़ते रहते हैं? इसका सीधा मतलब है कि समस्या सिर्फ हार्मोन की नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर गहरे लेवल पर गड़बड़ है।

थायराइड को समझना जरूरी है—ये कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म का असंतुलन है, जिसे सही लाइफस्टाइल से ठीक किया जा सकता है।

थायराइड कैसे काम करता है
थायराइड ग्लैंड शरीर का “थर्मोस्टेट” है। ये मुख्य रूप से T4 हार्मोन बनाता है, जो एक तरह का कच्चा माल है। असली काम करने वाला हार्मोन T3 होता है, जो T4 से लीवर और आंतों में बनता है।

अगर लीवर में फैट जमा है या आपको कब्ज रहती है, तो T4 से T3 का कन्वर्जन सही से नहीं होगा। इसका मतलब—आप दवा लेते रहेंगे, लेकिन असर पूरा नहीं मिलेगा।

दवा लेने के बाद भी क्यों नहीं मिलता रिजल्ट
बहुत लोग सालों तक थायराइड की गोली खाते हैं, फिर भी सुधार नहीं दिखता। इसका कारण है कि शरीर उस हार्मोन को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा।

इसके पीछे पांच बड़े कारण होते हैं:

1. गट की खराबी (Leaky Gut)
अगर पेट साफ नहीं रहता, गैस या ब्लोटिंग रहती है, तो आंतों की दीवार कमजोर हो जाती है। इससे हार्मोन एक्टिव नहीं हो पाते और इम्यून सिस्टम थायराइड पर ही हमला करने लगता है।

2. प्लास्टिक और केमिकल्स
प्लास्टिक के डिब्बे और नॉन-स्टिक बर्तन से निकलने वाले केमिकल्स शरीर को धोखा देते हैं और असली हार्मोन की जगह ले लेते हैं।

3. ब्रोमीन का असर
मैदा, ब्रेड, बिस्किट जैसे फूड्स में मौजूद ब्रोमीन आयोडीन की जगह ले लेता है, जिससे थायराइड हार्मोन बनना कम हो जाता है।

4. स्ट्रेस
ज्यादा तनाव से कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो T4 को बेकार RT3 में बदल देता है।

5. जरूरी मिनरल्स की कमी
सेलेनियम और जिंक की कमी से हार्मोन एक्टिव ही नहीं हो पाते।

थायराइड ठीक करने के 4 मजबूत पिलर्स
1. सही बीजों का इस्तेमाल
अलसी (Flax seeds) कब्ज दूर करती है और हार्मोन बैलेंस करती है
सूरजमुखी के बीज एंटीऑक्सीडेंट देते हैं और ग्लैंड को बचाते हैं

रोज 1-1 चम्मच भूनकर लेना शुरू करें

2. सुबह का हेल्दी ड्रिंक
सुबह चाय-कॉफी की जगह धनिया और दालचीनी का काढ़ा लें
ये सूजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म सुधारता है

3. थायरोसिन और जिंक का सेवन
कद्दू के बीज, बादाम और दालें शरीर को वो पोषण देते हैं जिससे हार्मोन बनते हैं

4. सही नमक का चुनाव
साधारण नमक की जगह सेंधा नमक लें
जरूरत हो तो आधा आयोडीन नमक और आधा सेंधा नमक मिलाकर लें

क्या नहीं खाना चाहिए (बहुत जरूरी)
1. गेहूं (ग्लूटेन)
ये इम्यून सिस्टम को भ्रमित करके थायराइड पर हमला करवा सकता है
15 दिन बंद करके देखें फर्क दिखेगा

2. रिफाइंड तेल
ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं
इसके बजाय नारियल तेल या देसी घी इस्तेमाल करें

3. सोया प्रोडक्ट्स
ये हार्मोन बैलेंस बिगाड़ते हैं, पूरी तरह अवॉइड करें

4. पैकेट फूड
बिस्किट, नमकीन, जूस—ये लीवर पर दबाव डालते हैं

5. कच्ची गोभी-फूलगोभी
इन्हें कच्चा न खाएं, पकाकर खाएं

लाइफस्टाइल भी उतनी ही जरूरी
थायराइड सिर्फ खाने से नहीं, आपकी ऊर्जा और दिनचर्या से भी जुड़ा है।

थायराइड में घरेलू उपाय क्यों जरूरी हैं
आजकल थायराइड की समस्या बहुत कॉमन हो चुकी है। दवाइयाँ अपनी जगह काम करती हैं, लेकिन अगर आप लाइफस्टाइल और घरेलू उपाय नहीं जोड़ते, तो सुधार धीमा रहता है। सही खानपान, कुछ नेचुरल ड्रिंक्स और प्राणायाम मिलकर थायराइड को बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं।

नीचे दिए गए उपाय सिंपल हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से और लगातार करना जरूरी है।

1. सेज (तेज पत्ता) की चाय
सेज की पत्तियां, जिन्हें कई लोग तेज पत्ता भी कहते हैं, थायराइड बैलेंस करने में मदद कर सकती हैं।

कैसे बनाएं:
एक कप पानी उबालें
उबाल आने पर गैस बंद करें
अब इसमें ताजी या सूखी सेज पत्तियां डालकर 5–10 मिनट ढककर रखें
फिर छान लें

स्वाद के लिए शहद और नींबू मिला सकते हैं

कैसे लें:
सुबह खाली पेट धीरे-धीरे चाय की तरह पिएं

सावधानी:
प्रेग्नेंट महिलाएं और मिर्गी के मरीज इसका सेवन न करें

2. धनिया के बीज का पानी
धनिया के बीज मिनरल्स से भरपूर होते हैं और थायराइड में काफी मददगार माने जाते हैं।

बनाने का तरीका:
2 चम्मच धनिया के बीज लें
एक गिलास पानी में रातभर भिगो दें
सुबह उसी पानी को 5–10 मिनट उबालें
जब पानी आधा रह जाए तो छान लें

कैसे पिएं:
इसे चाय की तरह आराम से पिएं

3. दालचीनी, अजवाइन और मेथी पाउडर
ये तीनों चीजें मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती हैं और हार्मोन बैलेंस में मदद करती हैं।

बनाने का तरीका:
दालचीनी, अजवाइन और मेथी – तीनों 25-25 ग्राम लें
इनका बारीक पाउडर बना लें
अच्छी तरह मिलाकर स्टोर करें

सेवन कैसे करें:
रोजाना एक चम्मच पाउडर
गर्म पानी के साथ, खाने से पहले लें

4. अदरक वाला पानी
अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो थायराइड से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

बनाने का तरीका:
डेढ़ कप पानी लें
1 इंच अदरक कद्दूकस करके डालें
अच्छी तरह उबालें
जब पानी लगभग 1 कप रह जाए, छान लें

सेवन:
चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं

5. लौकी का जूस
लौकी का रस शरीर को डिटॉक्स करता है और थायराइड में सपोर्ट देता है।

कैसे लें:
सुबह खाली पेट 1 गिलास लौकी का जूस पिएं
अगर इसमें 2–3 तुलसी के पत्ते डाल दें तो और बेहतर

6. मल्टीग्रेन आटा इस्तेमाल करें
थायराइड में गेहूं के साथ अन्य अनाज मिलाना फायदेमंद रहता है।

कैसे बनाएं:
5 किलो गेहूं का आटा
1 किलो बाजरा
1 किलो ज्वार

इनको मिलाकर रोटियां बनाएं और नियमित खाएं

7. उज्जायी प्राणायाम
यह थायराइड के लिए सबसे असरदार योग प्रैक्टिस मानी जाती है।

करने का तरीका:
सीधे बैठ जाएं, मुंह बंद रखें
नाक से धीरे-धीरे सांस अंदर लें
कुछ सेकंड रोकें
फिर एक नाक बंद करके दूसरी से सांस बाहर छोड़ें

सांस लेते और छोड़ते समय गले से हल्की आवाज आए

समय:
रोज 10–20 मिनट

8. अनानास का सेवन
अनानास में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो थायराइड और वजन कंट्रोल में मदद करते हैं।

कैसे लें:
सुबह अनानास खाएं या इसका जूस पिएं

वजन कंट्रोल सबसे जरूरी
थायराइड में सबसे बड़ा फैक्टर है वजन।
अगर वजन बढ़ता गया, तो समस्या भी बढ़ेगी

इसलिए:
वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है
हल्की एक्सरसाइज और सही डाइट जरूर जोड़ें

Conclusion
ये सभी घरेलू उपाय आसान हैं, लेकिन इनका असर तभी दिखेगा जब आप इन्हें नियमित रूप से अपनाएंगे। थायराइड को बैलेंस करना एक प्रोसेस है—थोड़ा समय, धैर्य और सही आदतों की जरूरत होती है।

कितना समय लगेगा सुधार में
थायराइड रातों-रात ठीक नहीं होता
लेकिन 3 से 6 महीने में अगर आप सही डाइट और लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं, तो रिपोर्ट में सुधार दिखने लगता है

दवा की मात्रा कम होना ही सबसे बड़ा संकेत है कि आप सही रास्ते पर हैं

आपको सबसे ज्यादा कौन सा लक्षण परेशान करता है—वजन बढ़ना, थकान या बाल झड़ना?
Dr Lalita Makker Physio and Wellness Consultant





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