Acharya Ram Gopal Dixit

Acharya Ram Gopal Dixit Well known Neurotherapy Expert Of India and Former-Health Consultant At Rashtrapati Bhawan.
(4)

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#अर्धनारीश्वरचिकित्सा

राखी का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं,दिलों को जोड़ता है। ❤️इस पावन पर्व पर हर भाई-बहन के रिश्ते मेंप्रेम, विश्वास और अपनापन य...
27/08/2026

राखी का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं,
दिलों को जोड़ता है। ❤️

इस पावन पर्व पर हर भाई-बहन के रिश्ते में
प्रेम, विश्वास और अपनापन यूँ ही बना रहे।
और हर परिवार में स्वास्थ्य, सुख एवं समृद्धि बनी रहे। 🌿✨

🙏 आरोग्य पीठ परिवार की ओर से
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

#रक्षाबंधन #आरोग्यपीठ #भाईबहन #रिश्ते #स्वास्थ्य #सुखसमृद्धि #शुभकामनाएँ

 # भारत की सॉफ्ट पावर बन सकती है अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी : बांसुरी स्वराज # # आरोग्य पीठ के रजत जयंती ...
23/08/2026

# भारत की सॉफ्ट पावर बन सकती है अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी : बांसुरी स्वराज

# # आरोग्य पीठ के रजत जयंती वर्ष, 15वें दीक्षांत समारोह एवं वेलनेस न्यूरोथेरेपी दिवस में देशभर से जुटे साधक; ‘श्रवणन निदान’ प्रशिक्षण कार्यशाला का भी हुआ समापन

**नई दिल्ली।** आरोग्य पीठ के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पटेल नगर स्थित आरोग्य पीठ परिसर में **अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी दिवस, 15वाँ दीक्षांत समारोह तथा तीन दिवसीय ‘श्रवणन निदान’ प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन समारोह** भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों, चिकित्सकों, प्रशिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों सहित लगभग **165 लोगों** ने भाग लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद **सुश्री बांसुरी स्वराज** ने कहा कि आरोग्य पीठ ने अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी को जिस मुकाम तक पहुँचाया है, वह भारत की पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान परंपरा को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लालकिले से राष्ट्र की प्रगति के लिए प्रतिपादित ‘सप्तधारा’ में सातवीं धारा के रूप में उल्लिखित **‘सॉफ्ट पावर’** का आशय भारत के ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और प्राचीन चिकित्सा परंपराओं को विश्व के सामने प्रभावी रूप में प्रस्तुत करना है। अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी इस संकल्प को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बन सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत के पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान को प्रमाणिकता, प्रशिक्षण और कौशल विकास के साथ जन-जन तक पहुँचाया जाए तो इससे एक ओर बीमार लोगों को सरल एवं सुलभ स्वास्थ्य सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए सम्मानजनक स्वरोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार की आवश्यकता को देखते हुए यह विधा देश के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

अपनी माता एवं पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय **श्रीमती सुषमा स्वराज** को भावपूर्ण स्मरण करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा, “आज से ठीक 20 वर्ष पूर्व, वर्ष 2006 में आरोग्य पीठ के प्रथम वार्षिकोत्सव की अध्यक्षता मेरी माता ने की थी। उस समय उन्होंने इस भारतीय ज्ञान-विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया था। आज आरोग्य पीठ के रजत जयंती वर्ष में यहाँ उपस्थित होकर मैं देख रही हूँ कि वह छोटा-सा प्रयास एक व्यापक अभियान बन चुका है। जिस समर्पण के साथ इस कार्य का विस्तार हुआ है, वह निस्संदेह देश और दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भारतीय चिकित्सा एवं आरोग्य परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयुष मंत्रालय को विशेष महत्व दिया है। अर्धनारीश्वर चिकित्सा भी भारत की ऐसी ही मौलिक ज्ञान परंपरा है, जिसे वैज्ञानिक अध्ययन, व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रमाणिक शोध के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

सुश्री स्वराज ने आरोग्य पीठ के संस्थापक **गुरुदेव आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित** को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “आज दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। आरोग्य पीठ के सभी विद्यार्थी पूरी निष्ठा, परिश्रम और लगन से कार्य करें। एक उज्ज्वल भविष्य आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।” उन्होंने सभी साधकों और प्रशिक्षुओं को वेलनेस न्यूरोथेरेपी दिवस की शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।

# # डॉ. लाजपत राय मेहरा की विरासत के सच्चे संवाहक हैं आचार्य दीक्षित : आचार्य लोकेश मुनि

समारोह के विशिष्ट अतिथि, **अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक तथा ‘विश्व शांति दूत’ पूज्य आचार्य डॉ. लोकेश मुनि** ने कहा कि स्वर्गीय सुषमा स्वराज अत्यंत सरल, संवेदनशील और भारतीय ज्ञान परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ व्यक्तित्व थीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए। आज उनकी पुत्री बांसुरी स्वराज ने आरोग्य पीठ के कार्यक्रम में उपस्थित होकर उसी विचार और परंपरा को आगे बढ़ाया है।

आचार्य लोकेश मुनि ने कहा, “जब मैं डॉ. लाजपत राय मेहरा की विरासत को देखता हूँ तो उनके प्रतिबिंब के रूप में आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित दिखाई देते हैं। दोनों में मुझे एक ही संकल्प, एक ही दिशा और मानवता की सेवा का समान भाव दिखाई देता है। यदि इस विज्ञान का कोई सच्चा उत्तराधिकारी है, जिसने इसे सरकारी मान्यता दिलाने, पाठ्यक्रमों में स्थापित करने तथा देश-दुनिया में हजारों लोगों तक पहुँचाने का कार्य किया है, तो वह आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित हैं।”

उन्होंने कहा कि वे आचार्य दीक्षित को पिछले लगभग 22 वर्षों से जानते हैं और उनके कार्य, त्याग, तपस्या तथा निरंतर संघर्ष के साक्षी रहे हैं। अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को न्यूरोथेरेपी के विकास एवं विस्तार के लिए समर्पित किया है। इस विज्ञान को देश-दुनिया में स्थापित करना वर्तमान समय की एक बड़ी उपलब्धि है।

# # 28 राज्यों के 226 जिलों में स्वरोजगार और स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बनी न्यूरोथेरेपी

आरोग्य पीठ के संस्थापक **गुरुदेव आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित** ने संस्था की 25 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज भारत के **28 राज्यों के 226 जिलों** में प्रशिक्षित छात्र-छात्राएँ एवं युवा वेलनेस न्यूरोथेरेपी के माध्यम से सम्मानजनक स्वरोजगार प्राप्त करने के साथ समाज को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. लाजपत राय मेहरा से न्यूरोथेरेपी के मूल सूत्र सीखने के बाद उन्होंने एसिड-अल्कलाइन संतुलन की अवधारणा का गहराई से अध्ययन किया। उन्हें इसमें भारतीय दर्शन के अर्धनारीश्वर स्वरूप—शिव और शक्ति, संरचना और रसायन तथा शरीर की परस्पर पूरक शक्तियों के संतुलन—का वैज्ञानिक आधार दिखाई दिया। इसके बाद वेदों, शास्त्रों और भारतीय ज्ञान परंपरा में इसके सूत्रों की खोज करते हुए इसे **‘अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी’** के रूप में व्यवस्थित करने तथा भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर मान्यता दिलाने के अभियान में जुट गए।

आचार्य दीक्षित ने बताया कि आरोग्य पीठ ने उपचार के साथ-साथ रोग-निदान के क्षेत्र में भी पाँच महत्वपूर्ण विधियों को व्यवस्थित किया है। इस **‘पंचविध निदान’** में दर्शन, स्पर्शन, श्रवणन, घ्राणन और अनुमानन निदान सम्मिलित हैं। पिछले तीन दिनों से विद्यार्थियों को ‘श्रवणन निदान’ का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें स्वर, ताल, लय, गति, उच्चारण, श्वास तथा शरीर से उत्पन्न विभिन्न ध्वनियों के माध्यम से स्वास्थ्य-संकेतों को समझने का अभ्यास कराया गया।

उन्होंने कहा कि अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी एक सरल, साधनरहित एवं व्यवहारिक स्वास्थ्य-विधा है। इसमें न दवा की आवश्यकता होती है और न ही महँगी मशीनों की। इसे सीखना और सामान्य जन तक पहुँचाना अपेक्षाकृत सरल है। उन्होंने इसे भगवान शिव से जुड़ी भारतीय आरोग्य परंपरा बताते हुए कहा कि योग विद्या, अर्धनारीश्वर विद्या और आयुर्वेद विद्या—ये तीनों मानव जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य और आरोग्य की दिशा प्रदान करती हैं। इनमें अर्धनारीश्वर विद्या शरीर की परस्पर पूरक शक्तियों के संतुलन का अद्भुत विज्ञान है।

# # रजत जयंती वर्ष में एक लाख लोगों को प्रशिक्षण देने का संकल्प

भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए आचार्य दीक्षित ने कहा कि आरोग्य पीठ ने अपने रजत जयंती वर्ष में **एक लाख लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य** निर्धारित किया है। अर्धनारीश्वर चिकित्सा वेलनेस न्यूरोथेरेपी के तीन जॉब रोल कौशल विकास व्यवस्था में स्वीकृत हो चुके हैं और विश्वविद्यालय स्तर पर इसके पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस विधा से संबंधित स्वास्थ्य-शिक्षा सामग्री राष्ट्रीय मंचों तक भी पहुँची है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रमाणिक दस्तावेजीकरण तथा परिणाम आधारित कार्यों के माध्यम से यह विधा भविष्य में आयुष व्यवस्था का अंग बनेगी और भारत सहित विश्वभर में प्राथमिक स्वास्थ्य सहयोग की प्रभावी पद्धति के रूप में स्थापित होगी।

आचार्य दीक्षित ने अपने सभी शिष्यों और विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा, “हमारी जिम्मेदारी केवल एक अच्छा थेरेपिस्ट बनने तक सीमित नहीं है। हमें एक समर्पित कार्यकर्ता बनकर इस ज्ञान को घर-घर तक पहुँचाना है। हम सभी संगठित होकर कार्य करेंगे तो लोगों को आरोग्य मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भारत अपनी ज्ञान-शक्ति के बल पर विश्व की अग्रणी शक्ति बनेगा।”

# # भगवान शिव की प्रत्यक्ष कृपा का परिणाम है यह अभियान : महंत महादेव दास

केदारनाथ से पधारे पूज्य **महंत महादेव दास जी महाराज** ने कहा कि अर्धनारीश्वर विद्या भगवान शिव की दिव्य आरोग्य विद्या है। आचार्य डॉ. रामगोपाल दीक्षित जिस निष्ठा के साथ इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं, वह भगवान महादेव की प्रत्यक्ष कृपा और आशीर्वाद का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “आचार्य दीक्षित देश की महत्वपूर्ण धरोहर हैं और मानवता के आरोग्य के लिए अद्भुत कार्य कर रहे हैं। मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूँ कि वे इस अभियान को और अधिक शक्ति, व्यापकता तथा सफलता प्रदान करें।” उन्होंने स्वर्गीय सुषमा स्वराज से जुड़े अपने पुराने संस्मरण भी साझा किए और आरोग्य पीठ परिवार को शुभाशीष प्रदान किया।

# # डॉ. लाजपत राय मेहरा को अर्पित किए श्रद्धासुमन

कार्यक्रम में न्यूरोथेरेपी के जनक **डॉ. लाजपत राय मेहरा** का भावपूर्ण स्मरण किया गया। अतिथियों, आचार्यों, विद्यार्थियों एवं आरोग्य पीठ परिवार के सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके द्वारा प्रारंभ किए गए मानव-सेवा के अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

समारोह का प्रभावी मंच संचालन प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं आरोग्य पीठ के विद्या विकास एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक **श्री राजेंद्र गोयल** ने किया। प्रसिद्ध उद्योगपति **श्री श्यामलाल मित्तल** विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त अनेक सामाजिक, आध्यात्मिक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन भारत की प्राचीन आरोग्य परंपरा को वैज्ञानिक स्वरूप में विश्वभर तक पहुँचाने, प्रशिक्षित एवं संस्कारित थेरेपिस्ट तैयार करने तथा **“स्वस्थ व्यक्ति–समर्थ समाज–सशक्त भारत”** के संकल्प के साथ हुआ।

Aarogya peeth organise Neuro therapy Diwas and convocation day at Dilhi in presence of HHAcharya Lokesh muni , Mamber of...
23/08/2026

Aarogya peeth organise Neuro therapy Diwas and convocation day at Dilhi in presence of HHAcharya Lokesh muni , Mamber of parliament MS Basuri Swaraj , HH mahant Mahadev ji and President of aarogya peeth Acharya Dr Ram Gopal Dixit ji . 23august delhi

🌸 सादर आमंत्रण 🌸पूज्य डॉ. लाजपत राय मेहरा जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आरोग्य पीठ द्वारा आयोजितअर्धनारीश्वर चिकित्सा—व...
22/08/2026

🌸 सादर आमंत्रण 🌸
पूज्य डॉ. लाजपत राय मेहरा जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आरोग्य पीठ द्वारा आयोजित
अर्धनारीश्वर चिकित्सा—वेलनेस न्यूरोथैरेपी दिवस एवं 15वें दीक्षांत समारोह में आपकी गरिमामयी उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है।
📅 दिनांक: 23 अगस्त 2026 दिन रविवार
🕒 समय: दोपहर 3 बजे
📍 स्थान: आरोग्य पीठ, पटेल नगर, दिल्ली–110008
कृपया सपरिवार पधारकर समारोह की गरिमा बढ़ाएँ तथा विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद प्रदान करें।
सादर
समस्त आरोग्य पीठ परिवार
🌐 www.aarogyapeeth.com

"ध्वनियों और स्वरों से रोग के संकेत पहचानना सीख रहे 12 राज्यों के विद्यार्थी"आरोग्य पीठ की त्रिदिवसीय ‘श्रवणन निदान’ कार...
21/08/2026

"ध्वनियों और स्वरों से रोग के संकेत पहचानना सीख रहे 12 राज्यों के विद्यार्थी"
आरोग्य पीठ की त्रिदिवसीय ‘श्रवणन निदान’ कार्यशाला का भव्य शुभारंभ; पूज्य गुरुदेव ने सरल प्रयोगों द्वारा समझाए निदान के आठ अंग
नई दिल्ली, 21 अगस्त। आरोग्य पीठ द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय ‘श्रवणन निदान प्रशिक्षण कार्यशाला’ का आज दीप प्रज्ज्वलन एवं आरोग्य पीठ की दैनिक प्रार्थना के साथ गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिन देश के 12 राज्यों से आए विद्यार्थियों एवं साधकों को विभिन्न प्रकार की ध्वनियों, स्वरों तथा उनके माध्यम से शरीर में उत्पन्न रोग-संकेतों को पहचानने का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं आरोग्य पीठ के विद्या विकास एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक आदरणीय श्री राजेंद्र गोयल, विश्वविद्यालयीन शिक्षा की प्रभारी एवं आरोग्य पीठ की निदेशक डॉ. कुसुम दीक्षित तथा पूज्य गुरुदेव आचार्य डॉ. राम गोपाल दीक्षित ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
आदरणीय श्री राजेंद्र गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. कुसुम दीक्षित विद्यार्थियों की गुरुमाता केवल पूज्य गुरुदेव की धर्मपत्नी होने के कारण ही नहीं हैं, बल्कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त विदुषी हैं, जिन्होंने गुरुदेव की साधना, अनुसंधान एवं आरोग्य-यात्रा में सहभागी बनकर विद्यार्थियों का निरंतर मार्गदर्शन किया है।
श्री गोयल ने पूज्य गुरुदेव के जीवन-संघर्ष, कठिनाइयों और चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्हें “युगदृष्टा एवं आधुनिक युग का महान ऋषि” बताया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने भारत की लुप्तप्राय पारंपरिक आरोग्य-विद्या को पुनर्जीवित कर उसे सरकारी मान्यता दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है। इसके माध्यम से उन्होंने आरोग्य के क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात करते हुए देश को न केवल अर्धनारीश्वर चिकित्सा–वेलनेस न्यूरोथेरेपी के रूप में एक नवीन चिकित्सा दृष्टि प्रदान की, बल्कि रोगों के मूल कारण तक पहुँचने के लिए पंचविध निदान पद्धति भी दी है। यह विद्या आज लोगों को आरोग्य प्रदान करने के साथ युवाओं के लिए आजीविका का माध्यम भी बन रही है।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए पूज्य गुरुदेव आचार्य डॉ. राम गोपाल दीक्षित ने चिकित्सा के क्षेत्र में पंचविध निदान की उपयोगिता समझाई तथा इसमें श्रवणन निदान के विशेष महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य की आवाज, स्वर, श्वास, गति, ताल, उच्चारण तथा शरीर से उत्पन्न विभिन्न ध्वनियाँ उसकी आंतरिक स्थिति और अनेक रोग-संकेतों की महत्त्वपूर्ण जानकारी दे सकती हैं।
पूज्य गुरुदेव ने स्वयं विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ और स्वर निकालकर उनका अंतर समझाया तथा विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष अभ्यास भी कराया। उन्होंने अत्यंत सरल उदाहरणों, रोचक प्रयोगों और व्यावहारिक परीक्षणों के माध्यम से श्रवणन निदान के आठों अंगों की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया। ज्ञान, प्रयोग और आनंद से परिपूर्ण इस जीवंत प्रशिक्षण शैली ने सभी प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को केवल ध्वनियों को सुनना ही नहीं, बल्कि उनके स्वरूप, तीव्रता, लय, गति, उतार-चढ़ाव और शरीर की स्थिति से उनके संबंध को समझने का अभ्यास भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों में सूक्ष्म श्रवण क्षमता, रोगी के प्रति संवेदनशीलता तथा निदानात्मक दृष्टि का विकास करना है।
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला तीन दिनों तक चलेगी। इसका भव्य समापन 23 अगस्त को ‘अर्धनारीश्वर चिकित्सा–वेलनेस न्यूरोथेरेपी दिवस’ एवं दीक्षांत समारोह के साथ होगा। समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों का अभिनंदन किया जाएगा तथा आरोग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति भी रहेगी।

धार्मिक एवं वीर परंपराओं की पावन धरती धमतरी में आरोग्य पीठ के नए केंद्र का शुभारंभछत्तीसगढ़ का छठवां और देश का 55वां कें...
16/08/2026

धार्मिक एवं वीर परंपराओं की पावन धरती धमतरी में आरोग्य पीठ के नए केंद्र का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ का छठवां और देश का 55वां केंद्र बना, 370 से अधिक लोगों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ
धमतरी, 16 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक आस्था, समृद्ध संस्कृति और वीर परंपराओं की पावन धरती धमतरी में आरोग्य पीठ के नए फ्रेंचाइज़ी केंद्र का शुभारंभ हुआ। इस केंद्र के प्रारंभ होने के साथ ही यह छत्तीसगढ़ में आरोग्य पीठ का छठवां तथा देशभर में 55वां केंद्र बन गया है।
केंद्र की फ्रेंचाइज़ी लेकर इसका संचालन श्री नागेश साहू जी द्वारा किया जा रहा है। उनके द्वारा आयोजित केंद्र शुभारंभ कार्यक्रम में आरोग्य पीठ के संस्थापक पूज्य गुरुदेव आचार्य डॉ. राम गोपाल दीक्षित जी का पावन सान्निध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने कहा कि आरोग्य पीठ का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ, जागरूक और स्वास्थ्य के प्रति आत्मनिर्भर बनाना है। अर्धनारीश्वर चिकित्सा एवं न्यूरोथेरेपी के माध्यम से जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आरोग्य पीठ का निरंतर संकल्प है।
370 से अधिक लोगों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ
केंद्र के शुभारंभ अवसर पर एक दिवसीय निःशुल्क उपचार शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 370 से अधिक लोगों ने उपचार लाभ लिया। विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान बड़ी संख्या में नागरिक शिविर में पहुंचे और उपचार के साथ स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। शिविर को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अब धमतरी में आरोग्य पीठ का यह केंद्र नियमित रूप से प्रारंभ हो गया है। इससे धमतरी तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर अर्धनारीश्वर चिकित्सा एवं न्यूरोथेरेपी की सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
प्रसिद्ध माता मंदिरों में गुरुदेव ने किए दर्शन
धमतरी प्रवास के दौरान पूज्य गुरुदेव आचार्य डॉ. राम गोपाल दीक्षित जी ने क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव ने आदिशक्ति मां बिलाई माता मंदिर तथा मां अंगारमोती मंदिर, गंगरेल में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक आस्था से जुड़े इन पावन स्थलों पर गुरुदेव के दर्शन-पूजन से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम में समाज के प्रमुखजन, प्रतिष्ठित नागरिक, सामाजिक एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, पत्रकारिता जगत की प्रमुख हस्तियां, प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आरोग्य पीठ के स्वास्थ्य सेवा एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
धमतरी में आरोग्य पीठ के इस नए केंद्र का प्रारंभ छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ का छठवां और देश का 55वां केंद्र अब धमतरी एवं आसपास के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हुए आरोग्य पीठ के जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता के संकल्प को आगे बढ़ाएगा।

15/08/2026
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳आइए, इस पावन अवसर पर उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करें, जिनक...
15/08/2026

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳

आइए, इस पावन अवसर पर उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करें, जिनके त्याग और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत का गौरव प्राप्त हुआ। 🙏

आज हम संकल्प लें कि अपने देश की एकता, अखंडता और प्रगति में अपना योगदान देंगे और एक सशक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनेंगे। 🇮🇳✨

जय हिंद! • वंदे मातरम्!

— आरोग्य पीठ परिवार 🌿

#स्वतंत्रतादिवस

श्री राजेन्द्र गोयल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🎂आरोग्य पीठ के एक महत्वपूर्ण एवं समर्पित सदस्य तथा एजुकेशन एंड ...
13/08/2026

श्री राजेन्द्र गोयल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🎂
आरोग्य पीठ के एक महत्वपूर्ण एवं समर्पित सदस्य तथा एजुकेशन एंड रिसर्च डेवलपमेंट के डायरेक्टर के रूप में आपका मार्गदर्शन, समर्पण और योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं निरंतर सफलता प्रदान करें।
आप इसी प्रकार आरोग्य पीठ के शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास के कार्यों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपना अमूल्य योगदान देते रहें।
जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ। 🙏🌹

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आरोग्य पीठ परिवार की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌺भगवान महादेव की कृपा से आपके जीवन...
11/08/2026

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आरोग्य पीठ परिवार की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌺

भगवान महादेव की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा सदैव बनी रहे।

महादेव की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे।
🔱 हर हर महादेव! 🔱

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