Love guru Ak

Love guru Ak Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Love guru Ak, Astrologist & Psychic, Delhi, Delhi.

22/03/2026

आशु मेहतरणी देवी का नाम लोक आस्था और ग्रामीण परंपराओं में एक विशेष देवी के रूप में लिया जाता है, खासकर उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में। इनके बारे में मान्यता इस प्रकार है:

🔱 आशु मेहतरणी देवी कौन हैं?
• इन्हें एक स्थानीय ग्राम देवी (लोक देवी) माना जाता है।
• “मेहतरणी” शब्द का संबंध सेवा, सफाई या रक्षक शक्ति से जोड़ा जाता है।
• भक्त इन्हें घर और स्थान की शुद्धि करने वाली देवी के रूप में पूजते हैं।

🙏 पूजा और मान्यता
• लोग मानते हैं कि इनकी पूजा करने से:
• नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
• घर में सुख-शांति आती है
• बीमारियों और बाधाओं से रक्षा होती है
• विशेष रूप से साफ-सफाई, शुद्धता और सेवा इनके पूजन में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

🪔 पूजा विधि (सरल रूप)
1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
2. घर के साफ स्थान पर दीपक जलाएं
3. फूल, अगरबत्ती और हल्दी-चावल अर्पित करें
4. सच्चे मन से प्रार्थना करें

📿 विशेष दिन
• कोई निश्चित बड़ा पर्व नहीं, लेकिन
• मंगलवार और शुक्रवार को पूजा करना शुभ माना जाता है

वशीकरण स्पेशलिस्ट ज्योतिषाचार्य अभिषेक शर्मा
प्रेम, विवाह, पारिवारिक समस्या, व्यापार और जीवन की बाधाओं के समाधान हेतु ज्योतिषीय मार्गदर्शन।
कुंडली विश्लेषण, ग्रह दोष शांति और विशेष वैदिक उपाय उपलब्ध।

📞 संपर्क: 8146832872



**ra

नवरात्रि के 9 दिन माँ Durga के 9 रूपों की पूजा की जाती है। हर दिन का अलग महत्व और पूजा विधि होती है। नीचे पूरा विवरण दिय...
19/03/2026

नवरात्रि के 9 दिन माँ Durga के 9 रूपों की पूजा की जाती है। हर दिन का अलग महत्व और पूजा विधि होती है। नीचे पूरा विवरण दिया है 👇



🌺 नवरात्रि के 9 दिन और माता के नाम

1️⃣ पहला दिन – माँ Shailputri
• प्रतीक: पर्वतराज हिमालय की पुत्री
• भोग: घी
• पूजा फल: स्वास्थ्य और शक्ति



2️⃣ दूसरा दिन – माँ Brahmacharini
• प्रतीक: तप और साधना
• भोग: शक्कर
• फल: संयम और तपस्या की शक्ति



3️⃣ तीसरा दिन – माँ Chandraghanta
• प्रतीक: शांति और साहस
• भोग: दूध
• फल: भय से मुक्ति



4️⃣ चौथा दिन – माँ Kushmanda
• प्रतीक: ब्रह्मांड की रचयिता
• भोग: मालपुआ
• फल: ऊर्जा और तेज



5️⃣ पाँचवां दिन – माँ Skandamata
• प्रतीक: ममता और प्रेम
• भोग: केले
• फल: बुद्धि और शांति



6️⃣ छठा दिन – माँ Katyayani
• प्रतीक: शक्ति और साहस
• भोग: शहद
• फल: विवाह और प्रेम संबंध में सफलता



7️⃣ सातवां दिन – माँ Kalaratri
• प्रतीक: काल का विनाश
• भोग: गुड़
• फल: नकारात्मक शक्तियों का नाश



8️⃣ आठवां दिन – माँ Mahagauri
• प्रतीक: पवित्रता
• भोग: नारियल
• फल: पापों से मुक्ति



9️⃣ नौवां दिन – माँ Siddhidatri
• प्रतीक: सिद्धियाँ देने वाली
• भोग: हलवा-पूरी
• फल: सभी इच्छाएँ पूर्ण



🙏 नवरात्रि पूजा विधि (सरल तरीका)

🔱 घट स्थापना (पहले दिन)
• मिट्टी के बर्तन में जौ बोएँ
• कलश स्थापित करें
• नारियल और आम के पत्ते रखें



🪔 रोज की पूजा विधि
1. सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें
2. माँ Durga का ध्यान करें
3. दीपक जलाएँ (घी का)
4. फूल, फल और भोग अर्पित करें
5. दुर्गा चालीसा / मंत्र पढ़ें
6. आरती करें



🍛 अष्टमी / नवमी (कन्या पूजन)
• 9 कन्याओं को भोजन कराएँ
• हलवा, चना, पूरी खिलाएँ
• दक्षिणा दें



🔥 खास नियम
• व्रत में लहसुन-प्याज न खाएँ
• साफ-सफाई और पवित्रता रखें
• मन से भक्ति करें
🙏 पूजा विधि
सुबह स्नान करके माँ दुर्गा की पूजा करें, दीपक जलाएं, भोग लगाएं और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

🍛 अष्टमी/नवमी पर
कन्या पूजन करें और हलवा-पूरी का भोग लगाएं।

✨ अगर आप भी माँ रानी की कृपा पाना चाहते हैं तो इस वीडियो को लाइक करें और शेयर करें।

📞 संपर्क करें: 8146832872

30/01/2026
✨ गणेश उत्सव 2025 ✨ज्योतिषाचार्य अभिषेक शर्मा के साथश्री गणपति बप्पा के आशीर्वाद से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करें 🙏...
27/08/2025

✨ गणेश उत्सव 2025 ✨
ज्योतिषाचार्य अभिषेक शर्मा के साथ
श्री गणपति बप्पा के आशीर्वाद से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करें 🙏
कुंडली • पूजा-पाठ • गृह प्रवेश • विवाह समाधान • वशीकरण


+918146832872

सावन का चौथा सोमवार (4th Sawan Somvar) वर्ष 2025 में:👉 तारीख: 4 अगस्त 2025सावन के सोमवार भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए ...
04/08/2025

सावन का चौथा सोमवार (4th Sawan Somvar) वर्ष 2025 में:

👉 तारीख: 4 अगस्त 2025

सावन के सोमवार भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए अत्यंत पावन माने जाते हैं। चौथा सोमवार इस वर्ष बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
• यह श्रावण मास का अंतिम सोमवार हो सकता है (अगर 5 सोमवार नहीं हैं तो)।
• इस दिन व्रत रखकर शिवजी को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाया जाता है।
• भक्तजन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हैं और रुद्राभिषेक कराते हैं।

✅ “सावन के चौथे सोमवार की पूजा विधि”
✅ “चौथे सोमवार का महत्व”
✅ “भगवान शिव को प्रसन्न करने के विशेष

“ज्योतिषाचार्य अभिषेक शर्मा | शाहकोट | संपर्क: 8146832872

# .

Sharma #

🕉️ सावन का तीसरा सोमवार 🕉️🙏 भोलेनाथ की कृपा पाने का सुनहरा अवसर 🙏🌿 आज के दिन विशेष पूजन करें –🔸 बेलपत्र अर्पित करें🔸 “ॐ ...
28/07/2025

🕉️ सावन का तीसरा सोमवार 🕉️

🙏 भोलेनाथ की कृपा पाने का सुनहरा अवसर 🙏
🌿 आज के दिन विशेष पूजन करें –
🔸 बेलपत्र अर्पित करें
🔸 “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें
🔸 व्रत रखें, जलाभिषेक करें
💫 शिवजी आपके सभी कष्ट हर लेंगे



📿 ज्योतिषाचार्य अभिषेक शर्मा द्वारा विशेष शिव पूजन विधि

💬 विवाह, संतान, नौकरी, वशीकरण, ग्रहदोष निवारण
📞 संपर्क करें: 8146832872
🌟 100% गोपनीय समाधान 🌟

❤️

श्रावण मास का दूसरा सोमवार और कामिका एकादशी दोनों ही हिन्दू धर्म में बहुत पुण्यकारी माने जाते हैं। आइए इनकी पूजा विधि क्...
21/07/2025

श्रावण मास का दूसरा सोमवार और कामिका एकादशी दोनों ही हिन्दू धर्म में बहुत पुण्यकारी माने जाते हैं। आइए इनकी पूजा विधि क्रमशः जानते हैं:



🌙 सावन का दूसरा सोमवार (श्रावण सोमवार) पूजा विधि:

तिथि: 22 जुलाई 2025
उद्देश्य: भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना, इच्छित वर पाने हेतु व्रत करना।

🛐 पूजा विधि:
1. स्नान व संकल्प:
• सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
• साफ वस्त्र पहनें।
• व्रत का संकल्प लें: “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
2. शिवलिंग का अभिषेक करें:
• गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से “पंचामृत” तैयार करें।
• शिवलिंग का अभिषेक करें।
• बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल, भांग, और अक्षत चढ़ाएं।
• “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
3. आरती करें:
• भगवान शिव की आरती करें (जैसे – “ॐ जय शिव ओंकारा”)।
• प्रसाद में मिश्री, फल, या पंचामृत दें।
4. दिनभर व्रत रखें:
• निर्जला व्रत रखें या फलाहार लें (व्यक्ति की क्षमता अनुसार)।
• शिवपुराण का पाठ करें या “शिव चालीसा” पढ़ें।
5. शाम को दोबारा पूजा:
• शाम को दीप जलाकर पुनः शिवलिंग की पूजा करें।



🌼 कामिका एकादशी (श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी) पूजा विधि:

तिथि: 21 जुलाई 2025 (सोमवार)
उद्देश्य: पापों से मुक्ति, विष्णु कृपा एवं मोक्ष की प्राप्ति।

🛐 पूजा विधि:
1. स्नान और संकल्प:
• प्रातःकाल स्नान करके “कामिका एकादशी व्रत” का संकल्प लें।
2. भगवान विष्णु की पूजा:
• भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को गंगाजल से शुद्ध करें।
• उन्हें पीले वस्त्र पहनाएँ, तुलसीदल, पीले फूल, चावल और फल अर्पित करें।
• दीपक जलाएं और धूप दें।
• विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु चालीसा या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
3. व्रत पालन:
• एकादशी के दिन अन्न का सेवन न करें। फलाहार या केवल जल पर व्रत रखें।
• रात्रि में जागरण करें, भगवान विष्णु का कीर्तन करें।
4. द्वादशी पर पारण:
• अगले दिन (22 जुलाई प्रातः) सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें।



📿 विशेष लाभ:

• श्रावण सोमवार: विवाह, संतान, मनोकामना पूर्ति के लिए श्रेष्ठ।
• कामिका एकादशी: सभी पापों का नाश, पूर्वजों की मुक्ति, विष्णु कृपा से मोक्ष।



. #

सावन के महीने के सोमवार व्रत, विधि, और सावन में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?🌿 सावन का महीना क्या है?सावन (श्रावण मास) ...
14/07/2025

सावन के महीने के सोमवार व्रत, विधि, और सावन में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?

🌿 सावन का महीना क्या है?

सावन (श्रावण मास) हिन्दू पंचांग का पाँचवाँ महीना होता है, जो विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है। यह महीना आमतौर पर जुलाई-अगस्त के बीच आता है। इस मास में व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक, और भक्ति का विशेष महत्व है।

🕉️ सावन सोमवार व्रत क्या है?

सावन सोमवार का व्रत विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं द्वारा उत्तम वर प्राप्ति हेतु और विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। पुरुष भी यह व्रत मनोकामना पूर्ति और भक्ति भाव से रखते हैं।

✨ सावन सोमवार व्रत विधि (व्रत कैसे करें?)

🌄 प्रातः काल की तैयारी:
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
2. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
3. घर में या मंदिर में भगवान शिव का जल से अभिषेक करें।

🔱 पूजा विधि:
1. भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी और गणेश जी की पूजा करें।
2. शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, शहद, दही, घी और शक्कर से अभिषेक करें (यह पंचामृत कहलाता है)।
3. बिल्वपत्र, धतूरा, आक के फूल, बेल फल, अक्षत, सफेद चंदन चढ़ाएं।
4. शिव मंत्र: “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।
5. शिव चालीसा, शिवाष्टक, रुद्राष्टक आदि का पाठ करें।
6. दिनभर फलाहार करें (यदि पूर्ण व्रत रख रहे हैं) या एक बार सात्विक भोजन करें।

🌙 शाम की पूजा:
1. शाम को फिर से शिव जी की पूजा करें।
2. दीप जलाएं और आरती करें।

🌸 सावन में क्या करना चाहिए?

✅ 1. शिव जी की भक्ति करें:
– रोज़ “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
– सोमवार को विशेष पूजा करें।

✅ 2. रुद्राभिषेक करें:
– जल, दूध या गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

✅ 3. व्रत रखें:
– सोमवारी व्रत, प्रदोष व्रत, शिवरात्रि व्रत रखें।

✅ 4. सात्विक भोजन करें:
– प्याज-लहसुन रहित और शुद्ध भोजन करें।

✅ 5. दान-पुण्य करें:
– गरीबों, ब्राह्मणों को वस्त्र, अन्न या धन का दान करें।

✅ 6. बेलपत्र, धतूरा, आक, शमी आदि चढ़ाएं।

🚫 सावन में क्या नहीं करना चाहिए?

❌ 1. मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें।

❌ 2. झूठ, कपट, गाली-गलौच और बुरे कर्म न करें।

❌ 3. शिवलिंग पर तुलसी और केतकी के फूल न चढ़ाएं।

❌ 4. विवाह, गृह प्रवेश, नये व्यापार की शुरुआत सावन में न करें (कुछ परंपराओं के अनुसार)।

❌ 5. बाल कटवाना, नाखून काटना, शेविंग आदि से परहेज़ करें (कुछ परंपराओं में)।
आपको सावन मास की शुभकामनाएँ 🙏
हर हर महादेव!

भगवान शिव और सावन महीने के बारे में जानकारी :🔱 भगवान शिव का महत्व:भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं – ब्रह्मा, विष्णु और...
11/07/2025

भगवान शिव और सावन महीने के बारे में जानकारी :

🔱 भगवान शिव का महत्व:

भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं – ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव)। उन्हें “विनाश के देवता” के रूप में जाना जाता है, लेकिन यह विनाश सृजन के लिए होता है।
भगवान शिव को भोलेनाथ, शंकर, महादेव, नीलकंठ, रूद्र, त्रिनेत्रधारी आदि नामों से पूजा जाता है। वे बहुत सरल हृदय हैं और थोड़े से श्रद्धा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए उन्हें “भोलेनाथ” भी कहा जाता है।



🌿 सावन माह का महत्व:

सावन (श्रावण) हिन्दू पंचांग का पाँचवाँ महीना है और यह भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस महीने में शिवभक्त उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं, और मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि चढ़ाते हैं।



📅 सावन का समय कब होता है?

सावन मास जुलाई और अगस्त के बीच आता है। विशेष रूप से सोमवार (सावन सोमवार) को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं और शिवजी की विशेष पूजा करते हैं।



🕉️ सावन में किए जाने वाले शुभ कार्य:
1. सावन सोमवार व्रत: हर सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करना।
2. जलाभिषेक: शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक करना।
3. बेलपत्र अर्पित करना: भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है। तीन पत्तों वाला बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।
4. मंत्र जाप:
• “ॐ नमः शिवाय”
• “महामृत्युंजय मंत्र”
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥



🌸 सावन में क्या न करें:
• अधिक क्रोध न करें।
• मांसाहार, शराब का सेवन वर्जित होता है।
• झूठ बोलना या किसी को नुकसान पहुंचाना अशुभ होता है।
• तामसिक भोजन से बचें।



💫 सावन का आध्यात्मिक महत्व:
• यह महीना भक्ति, तपस्या और साधना के लिए उत्तम माना गया है।
• भगवान शिव की कृपा से जीवन में शांति, स्वास्थ्य, और समृद्धि आती है।
• कुंवारी कन्याएं अच्छे वर के लिए इस माह में व्रत रखती हैं।



अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें ज्योतिषी अभिषेक शर्मा जी से +91 8146832872

गुरु पूर्णिमा                                      #
10/07/2025

गुरु पूर्णिमा

#

Address

Delhi
Delhi
1100101

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Love guru Ak posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share