26/05/2025
सोमवती अमावस्या
26 मई 2025 दोपहर 12.11 बजे-
27 मई 2025 सुबह 8.31 बजे*
सोमवती अमावस्या एक पवित्र अमावस्या है जो सोमवार (सोमवार) को पड़ती है। इस दुर्लभ संयोग को हिंदू धर्म में अत्यधिक शुभ माना जाता है।
सोमवती अमावस्या की रस्में:
1. सुबह जल्दी स्नान:
भक्त सूर्योदय से पहले उठते हैं और नदी, तालाब या गंगाजल से पवित्र स्नान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे मन, शरीर और आत्मा शुद्ध होती है।
2. तर्पण और पिंडदान:
पितरों की आत्मा को शांति देने के लिए मंत्रों का जाप करते हुए उन्हें जल, तिल और काले तिल अर्पित करें।
3. पीपल के पेड़ की पूजा:
महिलाएं पीपल के पेड़ के चारों ओर पवित्र धागे बांधती हैं, 108 बार परिक्रमा करती हैं और दूध, जल, गुड़ और फूल चढ़ाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे शांति मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं।
4. उपवास (व्रत):
कई लोग, खासकर विवाहित महिलाएं, परिवार की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हुए बिना अनाज (निर्जला या फलाहार) के सख्त उपवास रखती हैं।
5. दान-पुण्य:
गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन, कपड़े और आवश्यक चीजें वितरित करना अत्यधिक पुण्य माना जाता है।
6. जप और प्रार्थना:
भक्त आध्यात्मिक उत्थान के लिए गायत्री मंत्र, ओम नमो भगवते वासुदेवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं।