24/05/2026
शुक्र और शराब का संबंध – शास्त्र प्रमाण + उपाय
01 शास्त्र प्रमाण –
1. बृहत्पाराशर होरा शास्त्र 47.26
शुक्रे मद्य-रतो नित्यं काम-भोग-परायणः। जल-राशौ विशेषेण सुरा-पान-रतो भवेत्॥
हिंदी विस्तृत: `शुक्र = भोग, विलास, स्त्री, सुगंध, मदिरा`। `शुक्र भोग का कारक है और शराब सबसे सस्ता भोग है`। `जब शुक्र कर्क, वृश्चिक, मीन जैसी जल-राशि में हो, या राहु-शनि-केतु से पीड़ित हो, तब जातक शराब की तरफ खिंचता है`। `क्योंकि जल-राशि = बहना, बहकना`। `शुक्र + जल = मदिरा`। `12H का शुक्र = बेडरूम का सुख, नशा, खर्च`।
शुक्र = भोग, विलास, स्त्री, सुगंध, मदिरा ये लाइन ही पूरी कुंडली का सार है। शुक्र भोग का कारक है और शराब सबसे सस्ता भोग है - अमीर आदमी क्लब में 5000 की बोतल खोलेगा, गरीब 50 की थैली। पर नशा दोनों को चाहिए। जब शुक्र कर्क, वृश्चिक, मीन जैसी जल-राशि में हो, या राहु-शनि-केतु से पीड़ित हो, तब जातक शराब की तरफ खिंचता है`। `क्योंकि जल-राशि = बहना, बहकना`। पानी को बांधोगे तो भी रास्ता बना लेता है। वैसा ही जल-राशि का `शुक्र है। शुक्र + जल = मदिरा`। `12H का शुक्र = बेडरूम का सुख, नशा, खर्च`। रात 11 बजे के बाद `12H एक्टिव होता है, तभी सबसे ज्यादा पैग चलते हैं।
2. फलदीपिका 18.19
नीचे वा शत्रु-राशिस्थे पाप-युक्ते च भार्गवे। मद्य-मांस-रतो नित्यं पर-स्त्री-गमन-प्रियः॥
शुक्र नीच = कन्या राशि`। `शत्रु राशि = सूर्य-चंद्र की राशि सिंह-कर्क`। `पाप ग्रह = राहु, केतु, शनि, मंगल`। `इनके साथ शुक्र हो तो व्यक्ति की भोग-वासना कंट्रोल से बाहर हो जाती है`। `शराब पहला दरवाजा है, फिर मांस, फिर पर-स्त्री`। `क्योंकि शुक्र दैत्यों का गुरु है – दैत्य = भोग, सुरा, सुंदरी`।
सीधा कनेक्शन: शुक्र नीच = कन्या राशि`। कन्या में `शुक्र ऐसा है जैसे राजा को जेल में डाल दो - वो गंदी हरकत ही करेगा। शत्रु राशि = सूर्य-चंद्र की राशि सिंह-कर्क`। `सूर्य राजा है, शुक्र मंत्री। राजा के घर में मंत्री की नहीं चलती। पाप ग्रह = राहु, केतु, शनि, मंगल`। `इनके साथ शुक्र हो तो व्यक्ति की भोग-वासना कंट्रोल से बाहर हो जाती है`। `शराब पहला दरवाजा है, फिर मांस, फिर पर-स्त्री`। ये तीनों सीढ़ी हैं नीचे जाने की। `क्योंकि शुक्र दैत्यों का गुरु है – दैत्य = भोग, सुरा, सुंदरी`। देवताओं के गुरु बृहस्पति सात्विक चीज सिखाते हैं, दैत्यों के गुरु `शुक्र भोग सिखाते हैं।
3. सर्वार्थ चिंतामणि 7.42
लग्ने व्यये च पाताले शुक्रे राहु-युते यदि। सुरा-पान-रतो नित्यं गृह-भंग-करो नरः॥
1H शुक्र = रूप, शौक`। `4H शुक्र = घर का सुख`। `12H शुक्र = बेड का सुख`। `इन तीनों में शुक्र + राहु = मदिरा + धुआं`। `राहु = विस्तार`। `शुक्र = 1 पैग, राहु = 1 बोतल`। `ऐसा व्यक्ति घर की इज्जत, पैसा, रिश्ते – सब शराब में उड़ा देता है`।
खतरनाक युति: 1H शुक्र = रूप, शौक`। लग्न में `शुक्र वाला खुद को हीरो समझता है। 4H शुक्र = घर का सुख`। घर को 5 स्टार होटल बनाना चाहता है। `12H शुक्र = बेड का सुख`। बेड पर ही जन्नत चाहिए। `इन तीनों में शुक्र + राहु = मदिरा + धुआं`। `राहु = विस्तार`। ये गणित याद रखना - `शुक्र = 1 पैग, राहु = 1 बोतल`। `राहु हमेशा चीजों को बड़ा करता है। इसलिए `ऐसा व्यक्ति घर की इज्जत, पैसा, रिश्ते – सब शराब में उड़ा देता है`। पहले इज्जत जाती है, फिर पैसा, अंत में बीवी-बच्चे।
02 ज्योतिष संकेत – सारणी रहित
`शुक्र = वीर्य, ओज, चेहरा, ग्लैमर, प्यार, शादी, गाड़ी, घर, परफ्यूम, मीठा, शराब`। `शराब = जल + अग्नि + नशा`। `शुक्र जल-तत्व का ग्रह है, इसलिए शराब पर शुक्र का सीधा कब्जा है`। `जब शुक्र बलवान हो पर पाप-प्रभाव में हो, तो व्यक्ति लग्जरी शराब, वाइन, स्कॉच की तरफ जाता है`। `जब शुक्र कमजोर/पीड़ित हो तो देशी, कच्ची, सस्ती शराब की लत लगती है`। `शुक्र + चंद्र = बीयर, वाइन, मीठी शराब`। `शुक्र + मंगल = तेज शराब, व्हिस्की, रम – लड़ाई-झगड़ा कराए`। `शुक्र + राहु = छुपकर पीना, बार, क्लब, ड्रग्स तक ले जाए`। `शुक्र + शनि = अकेले पीना, डिप्रेशन में पीना, देर रात पीना`। `शुक्र + केतु = पीकर वैराग्य, रोना, भगवान याद आना`। `2H में शुक्र पीड़ित = वाणी खराब, गाली देकर पीना`। `4H में = घर को बार बना देना`। `7H में = पत्नी के सामने पीना, शादी तोड़ देना`। `12H में = अस्पताल, लीवर खराब, बेड पर ही बोतल`।
एक-एक लाइन का पोस्टमार्टम:
शुक्र = वीर्य, ओज, चेहरा, ग्लैमर, प्यार, शादी, गाड़ी, घर, परफ्यूम, मीठा, शराब`। देखो कितनी चीजों का मालिक अकेला `शुक्र है। शराब = जल + अग्नि + नशा`। बनती कैसे है? पानी + आग पर पकाओ + खमीर = नशा। `शुक्र जल-तत्व का ग्रह है, इसलिए शराब पर शुक्र का सीधा कब्जा है`। `जब शुक्र बलवान हो पर पाप-प्रभाव में हो, तो व्यक्ति लग्जरी शराब, वाइन, स्कॉच की तरफ जाता है`। बली `शुक्र को ठर्रा नहीं जंचता। जब शुक्र कमजोर/पीड़ित हो तो देशी, कच्ची, सस्ती शराब की लत लगती है`। मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। `शुक्र + चंद्र = बीयर, वाइन, मीठी शराब`। `चंद्र मन है, इमोशनल। इसलिए बीयर पीकर आशिक रोते हैं। शुक्र + मंगल = तेज शराब, व्हिस्की, रम – लड़ाई-झगड़ा कराए`। `मंगल खून गरम करता है। 2 पैग के बाद बोलेगा - "भिड़ेगा क्या?" शुक्र + राहु = छुपकर पीना, बार, क्लब, ड्रग्स तक ले जाए`। `राहु का नियम - जो समाज में मना है, वही करना है। शुक्र + शनि = अकेले पीना, डिप्रेशन में पीना, देर रात पीना`। `शनि अकेला ग्रह है। शुक्र + केतु = पीकर वैराग्य, रोना, भगवान याद आना`। `केतु मोक्ष का ग्रह है। नशे में सबको भगवान याद आ ही जाता है। 2H में शुक्र पीड़ित = वाणी खराब, गाली देकर पीना`। `2H मुंह का घर है। 4H में = घर को बार बना देना`। `4H घर है। 7H में = पत्नी के सामने पीना, शादी तोड़ देना`। `7H पत्नी का घर है। 12H में = अस्पताल, लीवर खराब, बेड पर ही बोतल`। `12H अस्पताल, नुकसान का घर है। लास्ट स्टेज।
03 मर्यादा संदेश
मनुस्मृति खोलकर सुनो: शास्त्र: मनुस्मृति 11.55: "सुरा वै मलमन्नानां पाप्मा च मलमुच्यते। तस्माद् ब्राह्मण-राजन्यौ वैश्यश्च न सुरां पिबेत्॥" हिंदी: शराब अन्न का मैल है, पाप का मैल है`। चावल बनाते हो तो माड़ फेंक देते हो ना? `शराब अन्न का माड़ है। इसलिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य को शराब नहीं पीनी चाहिए`। `अर्थ: शुक्र लक्ष्मी का भाई है, पर शराब लक्ष्मी की सौतन है`। एक घर में दो औरत - एक `लक्ष्मी, दूसरी शराब`। दोनों साथ नहीं रह सकतीं। `जहां शराब जाएगी, वहां से लक्ष्मी भाग जाएगी`। `शुक्र स्त्री का कारक है – जो शराब पीता है, उसकी स्त्री का शुक्र कमजोर होता है = पत्नी बीमार, झगड़ा, तलाक`। तुम बोतल से शादी करोगे तो बीवी से तलाक होगा ही। `शुक्र वीर्य है – शराब वीर्य को पानी बना देती है = संतान नहीं, नपुंसकता`। IVF सेंटर में 70% केस `शराब वाले होते हैं। इसलिए शुक्र को खुश करना है तो शराब छोड़ो, वरना शुक्र ही तुम्हें भिखारी बना देगा`। `शुक्र ने रावण को सोने की लंका दी और शुक्र ने ही भिखारी बना दिया।
04 – शराब छुड़ाने के उपाय
शुक्र-राहु युति परिहार: `शुक्रवार को 1 नारियल + 7 सफेद कौड़ी बहते जल में बहाओ`। `राहु का जहर पानी में जाएगा`।
जीभ पर नियंत्रण: `2H शुक्र खराब = जीभ शराब मांगती है`। `रोज सुबह फिटकरी के पानी से कुल्ला करो`। `जीभ का दोष कटेगा`।
स्त्री का अपमान बंद: `शुक्र = स्त्री`। `पत्नी, माँ, बहन को गाली, मार-पीट = शुक्र गुस्सा`। `शुक्र गुस्सा = शराब की लत और बढ़ेगी`। `माफी मांगो, पैर छुओ`।
इत्र-परफ्यूम त्याग: `शुक्र पीड़ित हो तो 43 दिन तक इत्र, सेंट, बॉडी-स्प्रे मत लगाओ`। `शुक्र का भोग कम होगा, लत टूटेगी`।
चांदी का गिलास: `शराब छोड़ने के बाद चांदी के गिलास में पानी-दूध पियो`। `चंद्र + शुक्र बली = मन शांत, जीभ शांत`।
करके देखो:
शुक्र-राहु युति परिहार: शुक्रवार को 1 नारियल + 7 सफेद कौड़ी बहते जल में बहाओ`। `राहु का जहर पानी में जाएगा`। `नारियल का मतलब राहु का सिर फोड़ना। 7 सफेद कौड़ी = शुक्र के 7 दिन। नदी में बहाओ, राहु का नशा बह जाएगा।
जीभ पर नियंत्रण: 2H शुक्र खराब = जीभ शराब मांगती है`। `रोज सुबह फिटकरी के पानी से कुल्ला करो`। `जीभ का दोष कटेगा`। `फिटकरी 5 रुपये की आती है। बोतल 500 की। हिसाब लगा लो।
स्त्री का अपमान बंद: शुक्र = स्त्री`। `पत्नी, माँ, बहन को गाली, मार-पीट = शुक्र गुस्सा`। `शुक्र गुस्सा = शराब की लत और बढ़ेगी`। `माफी मांगो, पैर छुओ`। आज ही बीवी के पैर छू लो। `शुक्र 50% यहीं ठीक हो जाएगा।
इत्र-परफ्यूम त्याग: शुक्र पीड़ित हो तो 43 दिन तक इत्र, सेंट, बॉडी-स्प्रे मत लगाओ`। `शुक्र का भोग कम होगा, लत टूटेगी`। 43 दिन नहा-धोकर रहो, पर परफ्यूम मत लगाओ। `शुक्र को लगेगा - ये तो साधु बन गया।
चांदी का गिलास: शराब छोड़ने के बाद चांदी के गिलास में पानी-दूध पियो`। `चंद्र + शुक्र बली = मन शांत, जीभ शांत`। 2000 का गिलास जिंदगी भर चलेगा। 2000 की `शराब 2 दिन में खत्म।
05 – 5 ब्रह्म सूत्र
शुक्र दशा सबसे खतरनाक: `20 साल की शुक्र महादशा में पीड़ित शुक्र हो तो जातक पूरी दशा पी-पीकर बर्बाद कर देता है`। `दशा शुरू होते ही उपाय शुरू करो`।
शुक्रवार = परीक्षा: `शुक्रवार को लत सबसे ज्यादा उभरेगी`। `शुक्रवार व्रत रखो, नमक मत खाओ, सफेद कपड़ा पहनो`। `शुक्र टेस्ट लेता है`।
मीठा = विकल्प: `शराब = मीठा नशा`। `जब तलफ उठे, रसगुल्ला, जलेबी, खीर खाओ`। `शुक्र को मीठा दो, शराब भूल जाएगा`।
स्त्री से दूरी = शराब से यारी: `जब पत्नी से झगड़ा, दूरी, तलाक होता है, शुक्र पीड़ित होकर शराब पिलाता है`। `रिश्ता सुधारो, बोतल छूटेगी`।
लीवर = शुक्र का घर: `शराब सबसे पहले लीवर खाती है, लीवर शुक्र का स्थान है`। `SGPT 100 पार = समझो शुक्र मर गया`। `अब नहीं छोड़ा तो मौत`।
दिमाग में गठान बांध लो:
शुक्र दशा सबसे खतरनाक: `20 साल की शुक्र महादशा में पीड़ित शुक्र हो तो जातक पूरी दशा पी-पीकर बर्बाद कर देता है`। `दशा शुरू होते ही उपाय शुरू करो`। 20 साल मतलब जवान से बूढ़ा। पूरी जवानी बोतल में।
शुक्रवार = परीक्षा: शुक्रवार को लत सबसे ज्यादा उभरेगी`। `शुक्रवार व्रत रखो, नमक मत खाओ, सफेद कपड़ा पहनो`। `शुक्र टेस्ट लेता है`। `शुक्रवार को "आज तो बनता है" वाला कीड़ा सबसे ज्यादा काटता है।
मीठा = विकल्प: `शराब = मीठा नशा`। `जब तलफ उठे, रसगुल्ला, जलेबी, खीर खाओ`। `शुक्र को मीठा दो, शराब भूल जाएगा`। डायबिटीज वाले आंवला मुरब्बा खाएं।
स्त्री से दूरी = शराब से यारी: `जब पत्नी से झगड़ा, दूरी, तलाक होता है, शुक्र पीड़ित होकर शराब पिलाता है`। `रिश्ता सुधारो, बोतल छूटेगी`। बीवी रूठी = बोतल खुली। सिंपल फॉर्मूला।
लीवर = शुक्र का घर: `शराब सबसे पहले लीवर खाती है, लीवर शुक्र का स्थान है`। `SGPT 100 पार = समझो शुक्र मर गया`। `अब नहीं छोड़ा तो मौत`। लैब जाओ, टेस्ट कराओ। रिपोर्ट ही गुरु बन जाएगी।
06 वैदिक + दसमहाविद्या + स्तोत्र उपाय – शास्त्र प्रमाण सांख्य सहित
1. वैदिक: शुक्र शांति मंत्र
शास्त्र: शुक्र स्तोत्र, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र 48.27
हिम-कुन्द-मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्। सर्व-शास्त्र-प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥ जप संख्या: 20000
विधि: `शुक्रवार सुबह सफेद वस्त्र, सफेद फूल, चावल की खीर का भोग, "ॐ शुं शुक्राय नमः" 20000 जप 40 दिन में`। `6 रत्ती का ओपल/डायमंड चांदी में धारण`।
लाभ विस्तृत: `पीड़ित शुक्र बली होता है`। `शराब की जगह सुगंध, संगीत, कला का नशा चढ़ता है`। `चेहरा चमकता है, स्त्री सुख, वाहन सुख बढ़ता है`। `गंदी शराब छूटकर वाइन टेस्टिंग का प्रोफेशन तक बन सकता है – पर लत नहीं`।
2. वैदिक: चंद्र-शुक्र युति शांति
शास्त्र: चंद्र स्तोत्र, अथर्ववेद 19.7.2
आप्यायस्व समेतु ते विश्वतः सोम वृष्ण्यम्। भवा वाजस्य संगथे॥ जप संख्या: 11000
विधि: `सोमवार रात चांदी के बर्तन में दूध + चावल + चीनी + "ॐ सों सोमाय नमः" 11000 जप`।
लाभ विस्तृत: `शुक्र + चंद्र = बीयर-वाइन की लत`। `यह जप मन को ठंडा करता है`। `बेचैनी, तलफ, हैंगओवर खत्म`। `नींद अच्छी आती है, शराब की जरूरत नहीं पड़ती`।
3. दसमहाविद्या: माँ कमला – शुक्र की अधिष्ठात्री
शास्त्र: कमला तंत्र 10.5: "शुक्र-दोष-प्रशमनं कमला-जप-मात्रतः। सुरा-पान-रतो मर्त्यो विरतो जायते क्षणात्॥"
विधि: `शुक्रवार कमल गट्टे की माला से "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः" 1008 बार, 21 शुक्रवार`। `गुलाबी कपड़ा, गुलाब का इत्र माँ को चढ़ाओ`।
लाभ विस्तृत: `कमला = लक्ष्मी = शुक्र की मालकिन`। `शराब = दरिद्रता`। `कमला जप से लक्ष्मी आती है, दरिद्रता यानी शराब भागती है`। `जातक को लग्जरी लाइफ का असली नशा चढ़ता है – गाड़ी, घर, सम्मान`। `बोतल छोटी लगने लगती है`।
4. दसमहाविद्या: माँ तारा – राहु-शुक्र युति काट
शास्त्र: तारारहस्य तंत्र 8.9: "राहु-शुक्र-युतौ दोषे तारा-स्मरण-मात्रतः। मद्य-मोहं परित्यज्य योगी भवति मानवः॥"
विधि: `बुधवार रात नीले फूल + "ॐ त्रीं तारायै नमः" 108 बार`। `शराब की बोतल पर मंत्र पढ़कर नाली में बहा दो`।
लाभ विस्तृत: `राहु + शुक्र = क्लब, बार, छुपकर पीना`। `तारा राहु की काट है`। `तलफ उठते ही तारा नाम लो, 5 मिनट में नशा उतर जाएगा`। `कई लोगों की बोतल हाथ से फिसलकर टूट गई है – तारा ने छुड़ा दी`।
5. स्तोत्र: शिव-संकल्प सूक्त – मन नियंत्रण
शास्त्र: यजुर्वेद 34.1-6
यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति। दूरंगमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिव-संकल्पमस्तु॥ जप संख्या: 6000
विधि: `रोज सोने से पहले 6 मंत्र 11 बार`। `मन में संकल्प लो "मैं शराब नहीं पिऊंगा"`।
लाभ विस्तृत: `शराब सबसे पहले मन को कमजोर करती है`। `यह सूक्त मन को वज्र बनाता है`। `दोस्त बोले, पार्टी हो, फ्री मिले – मन "ना" बोल देगा`। `विल-पावर 10 गुना बढ़ती है`।
6. स्तोत्र: अन्नपूर्णा स्तोत्र – जठराग्नि शुद्धि
शास्त्र: अन्नपूर्णा अष्टक, आदि शंकराचार्य कृत श्लोक 7
नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्य-रत्नाकरी निर्धूताखिल-घोर-पावनकरी प्रत्यक्ष-माहेश्वरी॥ जप संख्या: 9000
विधि: `रोज खाना खाने से पहले 1 पाठ`। `शुक्रवार को 9 कन्या को खीर खिलाओ`।
लाभ विस्तृत: `शराब जठराग्नि खराब करती है, लीवर सड़ाती है`। `अन्नपूर्णा जठराग्नि शुद्ध करती है`। `खाना पचेगा, एसिडिटी-गैस खत्म, तो शराब की तलफ मरेगी`। `शरीर को असली पोषण मिलेगा, नकली नशा नहीं चाहिए होगा`।
07 उपाय के लाभ विस्तृत
शुक्र मंत्र 20000: `10 साल से रोज 1 बोतल पीने वाला, 40 दिन बाद सूंघने से उल्टी आने लगी`। `चेहरा गोरा हुआ, पत्नी वापस आई, नई कार खरीदी`। `शराब का पैसा ओपल ने कमा दिया`।
चंद्र मंत्र 11000: `बीयर के बिना नींद नहीं आती थी`। `जप के 21 दिन बाद दूध पीकर बच्चे की तरह सोने लगा`। `डिप्रेशन की दवा बंद`।
कमला साधना: `बार में 5000 उड़ाता था`। `साधना के बाद बार जाना बंद`। `वही 5000 म्यूचुअल फंड में गया`। `3 साल में 8 लाख बन गए`। `अब कहता है "लक्ष्मी का नशा सबसे बड़ा"`।
तारा मंत्र: `छुपकर अलमारी में बोतल रखता था`। `एक दिन तलफ उठी, "त्रीं तारायै" बोला`। `हाथ कांपे, बोतल गिरकर चूर-चूर`। `उस दिन से छूआ तक नहीं`।
शिव-संकल्प: `दोस्तों ने जबरदस्ती पिलाने की कोशिश की`। `मन से आवाज आई "नहीं"`। `पहली बार "ना" बोल पाया`। `सेल्फ-रिस्पेक्ट वापस आई`।
अन्नपूर्णा स्तोत्र: `लीवर 70% डैमेज था, डॉक्टर ने 6 महीने दिए थे`। `6 महीने स्तोत्र + खीर दान`। `रिपोर्ट नॉर्मल`। `डॉक्टर बोला "चमत्कार"`।
08 अंतिम बात विस्तृत
`शुक्र = अमृत, शराब = विष`। `दोनों का रंग सफेद, दोनों का स्वाद मीठा, पर एक जीवन देता है, दूसरा मौत`।
3 सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं:
"मैं कंट्रोल में पीता हूँ": `शुक्र + राहु = कंट्रोल कभी नहीं रहता`। `आज 1 पैग, कल 1 बोतल, परसों लीवर फेल`। `राहु रोज 1% बढ़ाता है`।
"टेंशन भगाने को पीता हूँ": `शुक्र उल्टा है`। `शराब टेंशन को 2 घंटे दबाती है, फिर 20 घंटे डबल करके लौटाती है`। `हैंगओवर = ब्याज समेत टेंशन`।
"छोड़ दूंगा, बस आज आखिरी": `ये राहु का सबसे बड़ा जाल है`। `हर "आखिरी पैग" के बाद नया "आखिरी" आता है`। `आखिरी तभी होगा जब बोतल की जगह माला हाथ में होगी`।
3 सबसे बड़ा सच:
शुक्र पत्नी है: `जो शराब पिएगा, उसकी पत्नी का चेहरा मुरझा जाएगा`। `पत्नी का शुक्र = पति की किस्मत`। `पत्नी रोएगी तो शुक्र रोएगा, शुक्र रोया तो लक्ष्मी रोएगी`।
शुक्र वीर्य है: `1 बूंद वीर्य = 40 बूंद खून`। `1 पैग शराब = 10 बूंद वीर्य राख`। `जो रोज पीता है, वो जिंदा लाश है – बच्चा पैदा नहीं कर सकता`।
शुक्र माफ नहीं करता: `शनि साढ़ेसाती 7.5 साल, शुक्र की शराब 20 साल बर्बाद करती है`। `शनि गरीब करता है, शुक्र कुत्ते की मौत मारता है – लीवर, किडनी, एक्सीडेंट`।
`इसलिए फैसला आज करो`।
`गिलास तोड़ दो, माला जोड़ लो`।
`शुक्र को शराब नहीं, खीर चाहिए`। `शुक्र को बार नहीं, मंदिर चाहिए`। `शुक्र को रखैल नहीं, पत्नी चाहिए`।
`जिस दिन शुक्र प्रसन्न, उस दिन दुनिया की सबसे महंगी शराब भी फीकी लगेगी`। `क्योंकि शुक्र का नशा = प्रेम, कला, संगीत, इज्जत – ये हैंगओवर नहीं देता, जन्नत देता है`।
अंतिम श्लोक: "त्यजेद् एकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्। ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत्॥ सुरां त्यजेत् आत्मार्थे धर्म-कामार्थ-मोक्षदम्॥"
हिंदी: `कुल के लिए एक को त्यागो, गांव के लिए कुल त्यागो, देश के लिए गांव त्यागो, आत्मा के लिए पृथ्वी त्याग दो`। `और आत्मा-धर्म-अर्थ-मोक्ष के लिए शराब त्याग दो`।
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