GAVYA AMRUT

GAVYA AMRUT We are manufacturers and Exporter o Gir cow vedic Ghee, Gaumutra ark, Cow Dung Cake, Cow Dung made article (show pice ) Beauty products and much more...

What a test. ...
29/02/2020

What a test. ...

*जर्सी गाय के दूध से कैंसर, डायबिटीज और दमा का खतरा*कृप्या बिना पूरी post पढ़ें ऐसी कोई प्रतिक्रिया ना दें! कि अरे तुमने ...
01/10/2019

*जर्सी गाय के दूध से कैंसर, डायबिटीज और दमा का खतरा*

कृप्या बिना पूरी post पढ़ें ऐसी कोई प्रतिक्रिया ना दें! कि अरे तुमने गाय मे भी स्वदेशी -विदेशी कर दिया ! अरे गाय तो माँ होती है तुमने माँ को भी अच्छी बुरी कर दिया !! लेकिन मित्रो सच यही है की ये जर्सी गाय नहीं ये पूतना है ! पूतना की कहानी तो आपने सुनी होगी भगवान कृष्ण को दूध पिलाकर मारने आई थी वही है ये जर्सी गाय !! सबसे पहले आप ये जान लीजिये की स्वदेशी गाय और विदेशी जर्सी गाय (सूअर ) की पहचान क्या है ? देशी और विदेशी गाय को पहचाने की जो बड़ी निशानी है वो ये की देशी गाय की पीठ पर मोटा सा हम्प होता है जबकि जर्सी गाय की पीठ समतल होती है ! आपको जानकर हैरानी होगी दुनिया मे भारत को छोड़ जर्सी गाय का दूध कोई नहीं पीता ! जर्सी गाय सबसे ज्यादा डैनमार्क ,न्यूजीलैंड , आदि देशो मे पायी जाती है ! डैनमार्क मे तो कुल लोगो की आबादी से ज्यादा गाय है ! और आपको ये जानकार हैरानी होगी की डैनमार्क वाले दूध ही नहीं पीते ! क्यों नहीं पीते..!!..? क्योंकि कैंसर होने की संभवना है ,घुटनो कर दर्द होना तो आम बात है ! मधुमेह (शुगर होने का बहुत बड़ा कारण है ये जर्सी गाय का दूध ! डैनमार्क वाले चाय भी बिना दूध की पीते है ! डैनमार्क की सरकार तो दूध ज्यादा होने पर समुद्र मे फेंकवा देती है वहाँ एक line बहुत प्रचलित है !
*milk is a white poison* !

भारत में डायबिटीज, दिल की बीमारियां, ऑटोइम्यून रोग बढ़ रहे हैं! भारत इन बीमारियों की वैश्विक ‘राजधानी’ हो गया है जिस का कारण भारत में बिकने बाला यह A1 दूध है आज हमारे देश में A1 (विषैला) दूध सब से ज्यादा बेचा जा रहा है..!!!
यूरोप और अमेरिका के भोजन विशेषज्ञ (nutrition expert ) हैं ! उनका कहना है की अगर जर्सी गाय का भोजन करे तो 15 से 20 साल मे कैंसर होने की संभवना ,घुटनो का दर्द तो तुरंत होता है ,sugar,arthritis,ashtma और ऐसे 48 रोग होते है इसलिए उनके देश मे आजकल एक अभियान चल रहा है की अपनी गाय का मांस कम खाओ और भारत की सुरक्षित गाय का मांस अधिक खाओ ! इसी लिए यूरोपियन कमीशन ने भारत सरकार के साथ समझोता कर रखा है और हर साल भारत से 72 लाख मीट्रिक टन मांस का निर्यात होता है जिसके लिए 36000 कत्लखाने इस देश मे चल रहें हैं !!तो मित्रो उनके देश के लोग ना तो आजकल अपनी गाय का मांस खा रहे हैं और ना ही दूध पी रहें हैं ! और हमारे देश के नेता इतने हरामखोर है की एक तरफ तो अपनी गाय का कत्ल करवा रहें हैं और दूसरी तरफ उनकी सूअर जर्सी गाय को भारत मे लाकर हमे बर्बाद करने मे लगे है ! पंजाब और गुजरात से सबसे ज्यादा जर्सी गाय है ! और एक गंभीर बात आपको सुन कर हैरानी होगी भारत की बहुत सी घी बेचने वाली कंपनियाँ बाहर से जर्सी गाय का दूध import करती है !

दूध को दो श्रेणियों मे बांटा गया है A1 और A2 !
A1 जर्सी का A2 भारतीय देशी गाय का !

तो होता ये है की इन कंपनियो को अधिक से अधिक रोज घी बनाना है अब इतनी गाय को संभालना उनका पालण पोषण करना वो सब तो इनसे होता नहीं ! और ना ही इतनी गाय ये फैक्ट्री मे रख सकते है तो ये लोग क्या करते है डैनमार्क आदि देशो से A1 दूध (जर्सी गाय ) का मँगवाते है powder (सूखा दूध ) के रूप मे ! उनसे घी बनाकर हम सबको बेच रहें है ! और हम सबकी मजबूरी ये है की आप इनके खिलाफ कुछ कर नहीं सकते क्योंकि भारत मे कोई ऐसा कानून नहीं बना जो ये कहता है की जर्सी गाय का दूध A1 नहीं पीना चाहिए ! अगर कानून होगा तो ही आप कुछ करोगे ना ? यहाँ A1 – को जाँचने की लैब तक नहीं ! नेता देश बेचने मे मस्त हैं..!!..

तो आप सबसे निवेदन है की आप देसी गाय का ही दूध पिये देशी गाय की पहचान हमने पिछले लेख में बताई थी की उसकी पीठ पर मोटा सा हम्प होता है ! दरअसल ये हम्प ही सूर्य से कुछ अलग प्रकार की तिरंगे लेता है वही उसके दूध ,मूत्र और गोबर को पवित्र बनाती है जिससे उसमे इतने गुण है ! गौ माता सबसे पहले समुन्द्र मंथन से निकली थी जिसे कामधेनु कहते है गौ माता को वरदान है की इसके शरीर से निकली कोई भी वस्तु बेकार नहीं जाएगी ! दूध ,हम पी लेते है ,मूत्र से ओषधि बनती है ,गोबर से खेती होती है ! और गोबर गैस गाड़ी चलती है , बिजली बनती है ! सूर्य से जो किरणे इसके शरीर मे आती है उसी कारण इस के दूध मे स्वर्ण गुण आता है और इसके दूध का रंग स्वर्ण (सोने जैसा होता है ) ! और गाय के दूध से 1 ग्राम भी कोलोस्ट्रोल नहीं बढ़ता !

कल से ही देशी गाय का दूध पिये अपने दूध वाले भाई से पूछे वो किस गाय का दूध लाकर आपको दे रहा है (वैसे बहुत से दूध वालों को देशी -जर्सी गाय का अंतर नहीं पता होगा ) आप बता दीजिये दूध देशी गाय का ही पिये ! और घी भी देशी गाय का ही खाएं !!
-: इतना सब कुछ जानने के बाद आप सब समझ ही गऐ होगे कि:-
*दूध नही जहर पीता है*...!!...?

*हमारे यहां पर भारतीय देशी गाय का शुद्ध घी व A2 दूध मिलता है*
गव्या अम्रूत् गौशाला, राधनपुर, गुजरात ।
सम्पर्क +91 9623630020
+91 7778976204

17/08/2019

चरने वाली देसी गिर गाय के बछड़ी एवं बछड़ों को तृप्त करके निकाले गए शुद्ध ताजा दूध को रात में दही जमाकर एवं सूर्योदय से पहले मथकर निकाले गए शुद्ध मक्खन को सूक्ष्म आंच पर तपाकर बनाये गए घी को कांच की बरनी में डालकर सभी गौ-प्रेमियों,शुद्ध खाने वाले एवं घी का महत्व समझने वाले भारतवंशियों हेतु।

पकने पर इसकी सुगंध आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।।
For more information please massage on what's app no..
+91 96236 30020

02/08/2019

Desi Cow Ghee is made by hand-churned process in the traditional vedic method since Ancient India.It uses only the A2 milk of the native Indian Gir cows.The A2 ghee is processed 35 litres of A2 milk into curd ,which is hand-churned to obtain makkhan,and finally get 1 litre of Divine A2 Ghee.

कांकरेच एवं गीर गाय का शुद्ध वैदिक घी खरीदने के हेतु संपर्क करे ।
29/07/2019

कांकरेच एवं गीर गाय का शुद्ध वैदिक घी खरीदने के हेतु संपर्क करे ।

21/07/2019

गाय का दूध और घी तो अमृत है ही साथ ही गाय का गोबर भी अमृत के समान ही है !गोबर शरीर की मांग से भी ज्यादा ऑक्सीजन देता है। आज जिस तरह से बीमारियों ने हर व्यक्ति को जकड़ लिया है, उसमें एक मात्र उपाय गाय हैं। गाय एक मात्र पशु है जिसके शरीर से निकलने वाली हर वस्तु उपयोगी है। वैज्ञानिक परीक्षण के आधार पर यह बात सामने आई है कि गाय के गोबर में 23 प्रतिशत ऑक्सीजन होता है और जब इसके कण्डे बन जाते है तो आक्सीजन की मात्रा 27 प्रतिशत हो जाती है। वैज्ञानिकों को आश्चर्य तो तब हुआ जब कंडे की राख की जांच की गई तो 47 प्रतिशत ऑक्सीजन नापा गया। मैं यह नहीं कहता कि आप गोबर खाए, लेकिन जिस प्रकार हम दूध और मूत्र का उपयोग कर रहे है तो उसी प्रकार गोबर का भी उपयोग करें। गोबर की राख के दो चम्मच पानी के मटके में घोल दें और फिर उस पानी को पिएं। राख के पानी को पीने से शरीर में कोई रोग नहीं होगा। हमारी देशी नस्ल की गाय के महत्व को देखते हुए ही एक षडय़ंत्र के तहत भारत में वर्णशंकर अथवा जर्सी गाय का चलन बढ़ा दिया गया। जर्सी गाय का दूध पीने का मतलब है कि सूअर का दूध पीना। देशी गाय के दूध में जो ताकत होती है, वैसी जर्सी गाय के दूध में नहीं होती। 1935 में अंग्रेजों ने एक फरमान जारी कर हमारे नंदी का वध करने का आदेश दे दिए थे। उन्होंने कहा कि गाय एक मात्र पशु है जो श्वास में भी ऑक्सीजन छोड़ता है। आज जो कैंसर जैसे रोग हो रहे हैं उसका कारण है कि हमारे शरीर में कार्बन की मात्रा बढऩा है, लेकिन जो लोग गायों के बीच रहते हैं उन्हें कभी भी रोग नहीं होता। भारत के देशवासी भगवान कृष्ण को तो मानते हैं, लेकिन जिस कृष्ण ने गाय को माता मानकर जंगलों में चराया, उस गाय से प्रेम नहीं करते हैं। भगवान कृष्ण गाय का मक्खन चुराकर नहीं खाते थे, बल्कि इसके पीछे उन्होंने यह संदेश दिया कि गाय के दूध से बनने वाले उत्पाद को खाना कितना जरूरी है। जो लोग वास्तुशास्त्र जानते हैं, उनका भी कहना है कि जिस स्थान पर गाय रहती है और जहां गोबर और उसका मूत्र गिरता है, उस स्थान पर वास्तु दोष हो ही नहीं सकता। आज से लगभग 40 -50 साल पहले तक सभी घरों को गोबर से ही लीपा जाता था गोबर के साथ में तालाब की चिकनी मिट्टी मिक्स करके पूरे घर के अंदर और बाहर नीचे और छत पर उसकी लिपाई की जाती थी! उस उस तरह गोबर से लिपे हुए मकानों में सबसे बड़ा फायदा यह होता था कि वह मकान गर्मियों में गर्म नहीं होते थे और सर्दियों में अंदर से ठंडे नहीं होते थे ! और आज के दौर में इतने महंगे सीमेंट और अन्य चीजें लगाने के बाद भी मकान गर्मियों में भट्टी की तरह तपते हैं और सर्दियों में ठंडे रहते हैं !गोबर से लिपी हुई दीवारों में छोटे-छोटे रोम छिद्र होते हैं वह रोम छिद्र घर के अंदर की दूषित वायु को अवशोषित कर लेते थे जिस वजह से अंदर की हवा भी शुद्ध रहती थी! आज से लगभग 25 -30 साल पहले भोपाल में एक गैस कांड के तहत हजारों लोगों की मौत हो गई थी ! गैस जिस जगह से लीक हुई थी उस जगह से 4 किलोमीटर तक का एरिया में जितने भी लोग थे सभी लोग या तो उनकी मौत हो गई थी या बुरी तरह से घायल हो गए थे लेकिन लिकेज के स्थान से 1 किलोमीटर दूरी पर एक मकान ऐसा था जिस के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए थे इस चीज को देखकर लोगों को बहुत ताज्जुब हुआ और वह लोग जो उस मकान में रहते थे वह किस वजह से बच गए यह जानकारी लेने के लिए जापान से एक टीम आई उन्होंने यह पाया कि उस मकान के अंदर और बाहर गाय के गोबर का लेप किया हुआ है और उस मकान में रोजीना गाय के गोबर के उपलो पर ही खाना बनता था और और पूजा करने के लिए भी गाय के उपलो पर देसी घी डालकर के पूजा की जाती थी यह बात बिल्कुल सत्य है चाहे कोई भी व्यक्ति GOOGLE सर्च करके देख सकता है! आज के दौर में मोबाइल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है और मोबाइल से निकलने वाली घातक रेडिएशन हम लोगों को स्वास्थ्य की हानी बहुत ज्यादा पहुंचा रही है ! उस खतरनाक रेडिएशन को रोकने में जो सबसे ज्यादा असरकारक चीज है वह है देसी गाय का गोबर !यह बात भी वैज्ञानिकों द्वारा प्रमाणित है.

वैदिक पद्धति से बना हुआ शुद्ध ओर पवित्र घी के हेतु संपर्क करें
20/04/2019

वैदिक पद्धति से बना हुआ शुद्ध ओर पवित्र घी के हेतु संपर्क करें

Address

Shop No.30 Ground Floor R.world Sector-16
Gandhinagar
382016

Telephone

7778976204

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when GAVYA AMRUT posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share