07/08/2026
राजनीति करनी है तो माननीय उमाशंकर जी जैसी करनी चाहिए।
यद्यपि हम लोग उनके क्षेत्र से काफ़ी दूर रहते हैं, फिर भी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें सुनने और जानने का अवसर मिलता रहा।
लेकिन पिछले दो दिनों में जो देखने को मिला, उससे यही कह सकता हूँ कि आपने राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के दिलों में जो सम्मान अर्जित किया, वह बहुत कम लोगों को नसीब होता है। ऐसे व्यक्तित्व वर्षों में एक बार जन्म लेते हैं।
आप सत्ता में नहीं थे, फिर भी आपके प्रति लोगों का जो स्नेह, सम्मान और जुड़ाव देखने को मिला—चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, राजनीतिक कार्यकर्ता हों या सामाजिक लोग—हर किसी ने आपके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। यही किसी जननेता की सबसे बड़ी पहचान होती है।
आप अपने पीछे केवल राजनीतिक विरासत नहीं, बल्कि सेवा, सादगी, जनसंपर्क और मानवीय मूल्यों का एक आदर्श छोड़ गए हैं। आने वाली पीढ़ियाँ आपको लंबे समय तक याद रखेंगी।
वर्तमान नेताओं के लिए भी आपका जीवन एक प्रेरणा है कि जनता का विश्वास और सम्मान केवल पद से नहीं, बल्कि कर्म, व्यवहार और सेवा से अर्जित किया जाता है।
भावभीनी एवं विनम्र श्रद्धांजलि।
माननीय उमाशंकर जी, आपकी स्मृतियाँ सदैव प्रेरणा देती रहेंगी। 🙏🕊️