28/07/2026
जब ज़िंदगी दर्द के आगे हार मान चुकी थी... तब उम्मीद ने नया कदम बढ़ाया।
जब मरीज़ की ज़िंदगी एक कठिन मोड़ पर आकर ठहर गई थी, तब डॉ. सतपाल शिशोदिया ने अपनी विशेषज्ञता और समर्पित उपचार से उस कठिन परिस्थिति को उम्मीद और नई शुरुआत में बदल दिया।
एक समय पर इनका उठना बठना, चलना फिरना कुछ भी नहीं कर पति थी एक जगह रहकर दूसरे के सहारे अपना जीवन जीना पड़ता था !
फिर एक आख़िरी उम्मीद के साथ शिशोदिया ऑर्थोपेडिक सेंटर आयी और डॉ सतपाल शिशोदिया से अपनी परेशानी consult करी
डॉ सतपाल शिशोदिया ने इन्हें पूरी बात बतायी की वास्तव में क्या प्रॉब्लम है और ये कैसे ठीक होगा डॉ सतपाल शिशोदिया ने पूरा भरोसा दिलाया की आप फिरसे चलेंगी
फिर डॉ सतपाल शिशोदिया में Advanced Robotic टेक्नोलॉजी से इनका घुटना प्रत्यारोपण किया और कुछ महीने बाद दूसरे घुटने का भी रोबॉटिक प्रत्यारोपण किया..!
उसके बाद मानो नजमा जी के जीवन में खुशिया लौट आयी और ये पहले के जैसे फिर से चलने फिरने लगी…!
शिशोदिया ऑर्थोपेड�